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फौजी पिता की गोली से घायल हुए बेटे की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 20 Aug 2016 11:58 PM IST
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रानीपुर थाना क्षेत्र के कांझा गांव में शुक्रवार की रात फौजी पिता की गोली से घायल पुत्र की वाराणसी ले जाते समय मौत हो गई। गोली से घायल युवक की भाभी को वाराणसी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि उसकी चाची का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
चौकीदार के तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पिता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी ने रानीपुर थाने में अपनी लाइसेंसी बंदूक के साथ समर्पण कर दिया। घटना का कारण बेटे के आए दिन शराब पीने से परिवार में होने वाली किचकिच के साथ ही शुुक्रवार की रात दोस्तों की दावत को लेकर मां को मारना पीटना बताया जा रहा है।
काझा गांव निवासी प्रेमप्रकाश दुबे फौज से 1996 में रिटायर्ड हुए थे। उनके दो पुत्रों में बड़ा पुत्र सुधीर जो पशु के दवाओं का कारोबार करता है। छोटा पुत्र मनीष दुबे घर पर ही रहता था। बताया जाता है कि मनीष आए दिन शराब पीकर घर के सदस्यों के साथ मारपीट करता था। गुरुवार को ही मनीष को एक पुत्री हुई थी। इसके जश्न में मनीष ने अपने घर पर अपने दोस्तों को रात में दावत दी थी।
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घर पर आकर वह अपनी भाभी से सभी दोस्तों के लिए खाना बनाने को कहा। उसकी मां मनोरमा से इसी बात को लेकर उसकी तकझक हो गई। इसी बात पर मनीष अपनी मां मनोरमा को मारने पीटने लगा। इसपर प्रेमप्रकाश ने तैश में आकर अपनी लाइसेंसी बंदूक से मनीष को गोली मार दी। लेकिन इसके बाद प्रेमप्रकाश ने एक और फायर कर दिया।
गोली छत से टकराकर उसकी बड़ी बहू अनुपमा पत्नी सुधीर एवं चाची चंपा पत्नी रवि को भी लग गई। तीनों को आनन फानन रात में ही जिला अस्पताल लाया गया जहां से मनीष और अनुपमा को वाराणसी रेफर कर दिया गया, जबकि चंपा को जिला अस्पताल में ही भर्ती कराया गया। वाराणसी जाते समय रास्ते में ही मनीष की मौत हो गई जब कि अनुपमा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर घटना के बाद रात में मनीष के पिता प्रेमप्रकाश दुबे ने काझा स्थित पुलिस चौकी पर जाकर बंदूक के साथ आत्मसर्पण कर दिया।
बताया कि बेटे की शराब पीने की आदत और रोज-रोज की किचकिच के चलते वह आजिज आ चुका था। शुक्रवार की रात जब उसका पुत्र अपनी मां को मारने लगा तो उसने गोली चला दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। गांव के चौकीदार छेदीलाल पुत्र बल्ली की तहरीर पर पुलिस ने प्रेमप्रकाश दुबे के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया है। मनीष की मौत की सूचना पर पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है। जवान बेटे की पिता द्वारा हत्या किए जाने को लेकर पूरे गांव के लोग स्तब्ध हैं।
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चौकीदार के तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पिता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी ने रानीपुर थाने में अपनी लाइसेंसी बंदूक के साथ समर्पण कर दिया। घटना का कारण बेटे के आए दिन शराब पीने से परिवार में होने वाली किचकिच के साथ ही शुुक्रवार की रात दोस्तों की दावत को लेकर मां को मारना पीटना बताया जा रहा है।
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काझा गांव निवासी प्रेमप्रकाश दुबे फौज से 1996 में रिटायर्ड हुए थे। उनके दो पुत्रों में बड़ा पुत्र सुधीर जो पशु के दवाओं का कारोबार करता है। छोटा पुत्र मनीष दुबे घर पर ही रहता था। बताया जाता है कि मनीष आए दिन शराब पीकर घर के सदस्यों के साथ मारपीट करता था। गुरुवार को ही मनीष को एक पुत्री हुई थी। इसके जश्न में मनीष ने अपने घर पर अपने दोस्तों को रात में दावत दी थी।
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घर पर आकर वह अपनी भाभी से सभी दोस्तों के लिए खाना बनाने को कहा। उसकी मां मनोरमा से इसी बात को लेकर उसकी तकझक हो गई। इसी बात पर मनीष अपनी मां मनोरमा को मारने पीटने लगा। इसपर प्रेमप्रकाश ने तैश में आकर अपनी लाइसेंसी बंदूक से मनीष को गोली मार दी। लेकिन इसके बाद प्रेमप्रकाश ने एक और फायर कर दिया।
गोली छत से टकराकर उसकी बड़ी बहू अनुपमा पत्नी सुधीर एवं चाची चंपा पत्नी रवि को भी लग गई। तीनों को आनन फानन रात में ही जिला अस्पताल लाया गया जहां से मनीष और अनुपमा को वाराणसी रेफर कर दिया गया, जबकि चंपा को जिला अस्पताल में ही भर्ती कराया गया। वाराणसी जाते समय रास्ते में ही मनीष की मौत हो गई जब कि अनुपमा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर घटना के बाद रात में मनीष के पिता प्रेमप्रकाश दुबे ने काझा स्थित पुलिस चौकी पर जाकर बंदूक के साथ आत्मसर्पण कर दिया।
बताया कि बेटे की शराब पीने की आदत और रोज-रोज की किचकिच के चलते वह आजिज आ चुका था। शुक्रवार की रात जब उसका पुत्र अपनी मां को मारने लगा तो उसने गोली चला दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। गांव के चौकीदार छेदीलाल पुत्र बल्ली की तहरीर पर पुलिस ने प्रेमप्रकाश दुबे के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया है। मनीष की मौत की सूचना पर पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है। जवान बेटे की पिता द्वारा हत्या किए जाने को लेकर पूरे गांव के लोग स्तब्ध हैं।