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सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर
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अयोध्या प्रकरणः कल्याण सिंह बतौर आरोपी 27 को अदालत में तलब, विशेष न्यायाधीश ने दिया आदेश

अयोध्या प्रकरण के विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री व राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह को बतौर आरोपी तलब किया है।

22 सितंबर 2019

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मऊ

रविवार, 22 सितंबर 2019

लापरवाही के आरोप में सेक्रेटरी निलंबित

कोपागंज। ब्लाक के ग्राम पंचायत चौबेपुर के सेक्रेटरी शिशिर पांडेय द्वारा कैशबुक, माप पुस्तिका, मस्टररोल , बिल बाउचर सीडीओ के आदेश के बाद भी न दिखाना महंगा पड़ गया। अनुशासनहीनता और लापरवाही के आरोप में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार ने शुक्रवार को सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई से ब्लॉक कर्मचारियों में हड़कंप रहा। ग्राम पंचायत चौबेपुर में मनरेगा के तहत कराये गए कार्यो का विवरण 26 जून 2018 एवं 11 अक्तूबर 2018 को सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश सिंह ने मांगा था। कैलाश ने इसके लिए शिकायती पत्र जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को दिया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित करने का आदेश दिया था। जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में अर्थ एवं संख्याधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए पूरे कागजात के साथ सेक्रेटरी को कार्यालय में भेजने को कहा था। लेकिन 20 महीना बीतने के बाद भी सेक्रेटरी ने कागजात जमा नहीं किया। पुन: इस मामले में 19 अगस्त 2019 को अर्थ एव संख्याधिकारी ने तीन दिन के अंदर खंड विकास अधिकारी को पूरे कागजात के साथ सेक्रेटरी को कार्यालय में भेजने को कहा था। लेकिन सेक्रेटरी शिशिर पांडेय ने कागजात जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नही किया और नही खुद उपस्थित हुए। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया सीडीओ आलोक कुमार ने बताया कि सेक्रेटरी को जांच में सहयोग नहीं करने और लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। ... और पढ़ें

तटवर्ती इलाकों में फैला घाघरा का पानी

दोहरीघाट/ दुबारी। घाघरा नदी में शुक्रवार को जलस्तर तो स्थिर रहा। लेकिन बाढ़ का पानी घोसी और मधुबन तहसील क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में फैल गया है। देवरांचल के 30 पुरवों के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। यहां के लोग निजी नावों का इस्तेमाल कर रहे। कारण, प्रशासन ने यहां अभी तक आवागमन के लिए नावों का बंदोबस्त नहीं किया है। ऐसे में जहंा बच्चे स्कूल आने में कठिनाई महसूस कर रहे वहीं मवेशियों के लिए भी चारे पानी का संकट पैदा हो गया है। बीते चौबीस घंटे में घाघरा का जलस्तर स्थिर होने से दोहरीघाट कसबे के आस पास के क्षेत्रों में हालांकि फौरी तौर पर संकट टल गया लगता है। लेकिन तटवर्ती इलाके के गांवों में नदी का पानी फैल गया है। जलस्तर में मामूली कमी दर्ज की गई है। गौरीशंकर घाट पर शुक्रवार को जलस्तर 69.85 मीटर था। जानकारों की मानें तो खतरा अभी टला नही है क्योंकि नदी कभी भी रौद्ररूप धारण कर सकती है। उधर, परसिया जयराम गिरि हाहा नाला पर नदी का जलस्तर शुक्रवार को 65.36 मीटर दर्ज किया गया। क्षेत्र के 30 पुरवों के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। घाघरा नदी के पानी से परसिया से देवारा, भटोली से देवारा, बरोहा से देवारा, मिश्रौली से देवारा, चौहान पुर से देवार, भगत के पुरा से देवारा, खैरा से देवारा, हरिलाल के पुरा से देवारा, नयी बस्ती देवारा, बिंटोलिया से देवारा तक के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। इन गांवों के ग्रामीणों ने नाव सुलभ कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी में वृद्धि नहीं हुई तो संपर्क मार्गों पर आवागमन सुचारू होने में सप्ताहभर का समय लग जाएगा। क्षेत्रवासियों की शिकायत है कि प्रशासन ने एक भी नाव मुहैया नहीं कराई है। वह अपने संसाधनों से नाव की व्यवस्था किए हुए हैं। जबकि देवरांचल के किसान धान, अरहर, गन्ना और परवल की खेती को लेकर चिंतित हैं। उपजिलाधिकारी लालबाबू दुबे ने बताया कि अभी बाढ़ को लेकर चिंताजनक स्थिति नहीं है। अगर ऐसी स्थिति बनती है तो नावें सुलभ कराई जाएंगी।
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ओंकेश की मौत मामले की होगी न्यायिक जांच

मऊ। पुलिस कस्टडी में ओंकेश की हुई मौत की न्यायिक जांच होगी। डीएम की सिफारिश पर जिला जज मुकेश मिश्र ने सीजेएम को यह जांच सौंपी है। मुुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद शर्मा ने इस मामले से संबंधित लोगों से न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग देने और कोर्ट में उपस्थित होकर अपना पक्ष/ साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा।
बताते चले चोरी के मामले में हिरासत में लिए गए युवक ओंकेश यादव पुत्र रामधारी की बीते आठ सितंबर की रात पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। मृत युवक घोसी कोतवाली क्षेत्र के तिलई खुर्द गांव का निवासी था। घटना से आक्रोशित भीड़ नौ सितंबर को पुलिस के विरुद्घ सड़क पर उतर गई। इस दौरान धरना प्रदर्शन के साथ चक्का जाम आदि की। बाद में पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। मृत ओंकेश के विरुद्घ अपराध संख्या 382/ 2019 धारा 379 भादविदर्ज की गई। साथ ही मौत के बाबत एक और रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें मानिकपुर हाजीपुर गांव निवासी अच्छे लाल और गुड्डू को पुलिस ने नामजद किया। पीएम रिपोर्ट में ओंकेश की मौत का कारण सिर में चोट लगने से होना बताया गया है।
परिवार के सदस्यों की मांग पर डीएम मऊ ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने इस मामले की न्यायिक जांच कराने के लिए जिला जज को पत्र भेजा था। जिला जज ने इस प्रकरण की जांच के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद शर्मा तैनात किया। सीजेएम ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस मामले में अपनी बात रखनी चाहे तो 25 सितंबर को अपराह्न 4.30 बजे कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर अपने पक्ष को रखे।
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पूरी तैयारी से आये थे हमलावर, आस पास के घरों के दरवाजों की बंद कर दी थी कुंडी फोड़ दिया बल्ब

पिपरीडीह। हुड़हरा गांव निवासी शिवचन्द चौहान के परिवार को सबक सिखाने के लिये हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। हमलावरों ने घटना को अंजाम देने से पहले पप्पू चौहान, छेदी चौहान, हरी चौहान, जगई और कमलेश सहित आस पास के मकानों के बाहरी दरवाजों की कुंडी बाहर से बंद कर दिया। ऐसा करके हमलावर इस बात पर निश्चित हो जाना चाहते थे कि घटना को अंजाम देते समय मचने वाली पुकार को सुनकर आसपास के घरों से कोई निकलकर मौके पर न पहुंच सके। घटना के बाद काफी शोर शराबा होने के बाद जब इन लोगों ने बाहर निकलना चाहा तो देखा कि घरों की कुंडी बाहर से बंद है। इन लोगों ने शोर मचा कर लोगों को बुलवाया और अपने दरवाजों के कुंडी खुलवाकर बाहर निकले। हमलावरों ने शिवचंद के घर के टीनशेड के पास लबे बल्ब को फोड़ दिया था और आस पास के घरों की बत्तियों को फोड़कर अंधेेरा कर दिया था।
मृतक के पांच भाई रहते हैं मुंबई में
देवकी चौहान के कुल छ: बेटों में शिवचंद अकेले ही घर पर रहते हैं जबकि उनके भाई विनोद, हरिकेश, उमेश, शम्भू और चुन्नू मुंबई रहते हैं। इनमें से शंभू हाल में मुंबई से घर आया है। देवकी ने पुश्तैनी मकान के अलावा गांव से बाहर खड़ंजे के बगल में कुछ कमरों का डेरा बनवाया है। देवकी, उसका बेटा शिवचंद, गीता और उसके दो बेटे अजीत और राज रात में डेरे पर सोए थे। आधी रात में पांच छह की संख्या में हमलावरों ने धावा बोल दिया और दुस्साहसिक घटना को अंजाम दे डाला। घटना की शिवचंद के भाइयों को सूचना दी गयी तो वे भी घर के लिए रवाना हो गए।
एक महीने पहले ही घर आया था हमलारोपी
रानीपुर। तिहरे हत्याकांड में मारा गया हमलारोपी टुनटुन मुंबई में कोई रोजगार करता था। बताते हैं कि एक माह पहले ही वह घर आया था। गांव में हो रही चर्चा के अनुसार टुनटुन के विरुद्ध मुंबई में भी हत्या का मुकदमा चल रहा है जिसमें वह काफी दिनों तक जेल में था। जेल से छूटने के बाद वह घर आया था और शिवचंद पर दबाव बना रहा था। शिवचंद के परिजनों के अनुसार टुनटुन ने गांव के ही एक व्यक्ति के माध्यम से उन लोगों पर दबाव बना रहा था कि उसके बगल में गली में बनाए गए घर को हटा लेे, नहीं तो अंजाम बुरा होगा। यह व्यक्ति कई दिन शिवचंद से आकर इस बात को कहा था। टुनटुन ने एक व्यक्ति को अपना दूत बना लिया था जो उसकी बात शिवचंद के परिवार तक पहुंचा देता था और इसकी रिपोर्ट फिर टुनटुन तक पहुंचाता था। यह बात वह गांव के भी कई लोगों से कह चुका था। पुलिस ने इस मामले में उक्त व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है।
कमिश्नर ने दिया पीड़ित परिजनों को भरोसा
मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने भी घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने विवादित स्थल का मुआयना किया। उन्होंने मृतक के परिजनों से मिलकर आश्वासन दिया कि घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। शासनादेश के अनुसार परिवार को आर्थिक मदद दी जाएगी एवं प्रधानमंत्री आवास भी दिया जायेगा। कमिश्नर ने मौके पर मौजूद डीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी को पीड़ित परिवार को आवास आवंटित कराने का निर्देश दिया।
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जमीन के छोटे से टुकड़े के लिये अपनों संग खेली खून की होली

मऊ। गांव के देवकी चौहान पुत्र जमुना और टुनटुन पुत्र रामअवध दोनों एक ही खानदान के हैं। इन दोनों का घर अगल-बगल है। दोनों के घरों के सामने ग्राम पंचायत की पोखरी पर टुनटुन के घर वालों सहित गांव के अन्य लोगों ने पोखरी को पाट कर अतिक्रमण कर लिया है। इन दोनों घरों के बीच से पहले एक गली थी जिससे पीछे रहने वाले लोगों का आना-जाना होता था। उसी गली के मुहाने पर अपने घर के बगल में शिवचन्द ने एक दीवार खड़ी कर टीनशेड डालकर अस्थाई घर बना लिया है। बताते हैं कि इससे टुनटुन काफी नाराज रहता था। उसने दीवार हटाने के लिये शिवचन्द पर काफी दबाव बनाया। ग्रामीणों के अनुसार टुनटुन नहीं चाहता था कि अपने सहन को बढ़ाकर शिवचंद भी उसके घर के सामने पोखरी पाटकर उस पर कब्जा करे। टुनटुन अकेले ही पोखरी पर कब्जा करना चाहता था। इधर देवकी ने आबादी की जमीन को लेकर दीवानी न्यायालय में मुकदमा भी कर रखा था। जमीन के इसी छोटे से टुकड़े के लिये टुनटुन ने अपने ही खानदान के लोगों को समाप्त करने का मंसूबा बांध लिया और अपने ही चचेरे भाई और भाभी की हत्या करने के बाद खुद भी मारा गया।
राजस्व विभाग ध्यान दिया होता तो न होती घटना
मऊ। पोखरी के लगभग एक तिहाई हिस्से को लोगों ने बांटकर कब्जा कर लिया है। उस पर टीन शेड और जानवरों को बांधा जाता है। इस मामले में लेखपाल से लेकर कानूनगो और तहसीलदार तक ने अपना दायित्व नहीं निभाया। न ही ग्रामप्रधान ने पोखरी पर अतिक्रमण किये जाने की शिकायत सक्षम अधिकारी से की। ऐसे में नौबत ट्रिपल मर्डर तक जा पहुंची। ग्रामीणों में चर्चा रही कि समय से ग्राम प्रधान, लेखपाल तथा राजस्व कर्मचारी अधिकारी गंभीर रहते तो इतनी बड़ी घटना न होती। एसडीएम मुहम्मदाबाद विजय मिश्रा ने पोखरी पर अतिक्रमण किये जाने संबंधी किसी शिकायत के प्रति अनभिज्ञता भी जताई।
नाराज ग्रामीणों ने 108 वालों को दौड़ाया
मऊ। घटना के बाद ग्रामीणों की सूचना पर 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस भी एंबुलेंस के पीछे-पीछे थी। एंबुलेंस पहुंची थी कि ग्रामीणो ने लाठी डंडे लेकर एंबुलेंस वालों को दौड़ा लिया। ग्रामीणों के तेवर देख एंबुलेंस चालक साथियों सहित वाहन वापस मोड़ कर भाग निकला।
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बिजली दरों में वृद्धि के खिलाफ मार्क्सवादीजनों का प्रदर्शन

मऊ। कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) व किसान सभा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आजमगढ़ मोड़ से जुलूस निकाल कर अधिशासी अभियंता कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय मांग पत्र अधिशासी अभियंता को सौंपा। प्रदर्शन कारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बिना मीटर वालों पर 25 फीसदी, किसानों के ट्यूबवेल पर 14 फीसदी, शहरी घरेलू 15 फीसदी,व्यापारियों- दुकानदारों पर 9 फीसदी, उद्योग पर 5 फीसदी के वृद्धि के साथ भवन निर्माण के लिये अस्थाई कनेक्शन पर 8 रुपया प्रति यूनिट वृद्धि को भाजपा सरकार ने लागू कर दिया है। वक्ताओं ने कहा कि पूरे देश में सर्वाधिक महंगी बिजली उत्तर प्रदेश में ही है। कहा कि 2017 में सत्ता में आते ही योगी सरकार ने बिजली दरों में 250 फीसदी तक की वृद्धि कर चुकी है। दूसरी तरफ अंधाधुंध बिजली कटौती, स्थानीय फाल्ट,फूंके ट्रांसफार्मर बदलने में महीनों की देरी की जा रही है। कृषि क्षेत्र में 10 घंटे से भी कम बिजली सप्लाई से चहुंओर हाहाकार मची है। विरोध सभा को जिला सचिव शेर मुहम्मद, किसान नेता राम अवतार सिंह, विरेन्द्र कुमार, बुनकर नेता समसुल हक चौधरी, अब्दुल अजीम खां, शिवाकान्त मिश्रा, कैलाश चौहान, अब्दुल कलाम,शैलेन्द्र कुमार, जयहिन्द राजभर, परशुराम, श्रवण, आशा देवी आदि नेताओं ने संबोधित किया। ... और पढ़ें

दंपती के शव पहुंचते ही मचा कोहराम

रानीपुर। हुड़रहा की मठिया गांव निवासी मारे गए दंपती शिवचंद चौहान और उसकी पत्नी गीता चौहान के शवों को पीएम कराने के बाद शनिवार की देर शाम को पुलिस ने परिवार वालों को सौंप दिया। पुलिस सुरक्षा में पति पत्नी के शवों को उसके घर पह़ुंचाया गया।एक ही साथ पति पत्नी के शवों को देखकर परिवार और रिश्तेदारी तथा गांव की महिलाएं करुण क्रंदन कर उठीं। सारे गांव का माहौल गमगीन हो गया। सबकी आंखों में आंसू थे। लोग कह रहे थे कि जमीन के छोटे से टुकड़े को लेकर इतना बड़ा हत्याकांड कर दिया गया। महिलाएं रो रोकर कह रही थीं कि अपने सामने पति पर हो रहे हमले को रोकने के लिए गीता हमलावरों से जूझ गई लेकिन नृसंश हत्यारों ने एक अबला को नहीं बख्शा और बघारी मारकर उसको भी मौत घाट उतार दिया। मारे गए हत्यारों की इस क्रूर करतूत से अब उसके तीन बेटे अनाथ हो गए । गांव के लोग कह रहे थे कि हत्यारों को 70 साल के बुजर्ग पर हमला करते समय तनिक भी दया नहीं आई। मारे गए शिवचंद की ताई फूलमती ने बताया कि जब शोर सुनकर भागकर मौके पर पहुंची तो बुजुर्ग देवकी हमलावरों के हमले में गंभीर रुप से घायल हो चुके थे। हमलावरों ने उनके पेट में बघारी मार दिया था। वे अपने घाव को हाथों से दबाकर अपने बेटे और बहू को देखने के लिए कह रहे थे। गंभीर रूप से घायल एक बुजुर्ग अपने घावों की चिंता नकर अपने बेटे को संभालने की गुहार लगा रहे थे। कह रहे थे कि मैं ठीक हूं ,शिवचंद और गीता को देखो , उन्हें ज्यादा चोट तो नहीं आई। वे दोनों ठीक तो हैं न। उन्हें नहीं पता था कि हत्यारों ने उन दोनों को एक साथ ही मौत के घाट उतार दिया था। महिला की यह बातें सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें बरस जा रही थीं। घर पर औपचारिताएं निभाने के बाद दोनों के शवों को एक साथ अंतिम सस्कार के लिए गाजीपुर ले जाया गया। ... और पढ़ें

खुले में डंप हो रहा नगर का कचरा

मऊ। नगरपालिका के विभिन्न वार्डो से निकलने वाला कचरा का निस्तारण न होने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। कूड़ा जगह-जगह बिखरे रहने के चलते लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। नगर पालिका के 42 वार्ड से प्रतिदिन सैकड़ों टन कचरा निकलता है। वर्तमानमें नगर में डपिंग ग्राउंड न होने से परदहा में खाली पड़े जमीन में कचरा डंप हो रहा। किया जा रहा है। नगर से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 115 टन कचरा को तमसा नदी किनारे ग्रीन बेल्ट में डंप किया जा रहा था। एक जून को सेवानिवृत्त जज डीपी सिंह के नेतृत्व में एनजीटी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम की फटकार के बाद पालिका प्रशासन की तरफ से परदहां क्षेत्र के रहजनिया में जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी कर कचरा डंप किया जा रहा है। चहारदीवारी का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। खुले में डंप पड़े कचरे का निस्तारण न होने से दुर्गंध उठ रही। इससे नगर तथा आसपास के मिश्रौली, बेलचौरा, छोटी रहजनिया, सलाहाबाद सहित दर्जनों गांवों के लोगों के लिए यह कचरा मुसीबत साबित हो रहा। बरसात के बाद स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। जहां कचरा डंप किया जा रहा है। वहीं से प्रमुख मार्ग गुजरा है। सड़क से गुजरने वाले कपड़ा मुंह पर रखे बिना उधर से नहीं निकल सकते। इस बाबत नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी संजय मिश्र का कहना है कि सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की प्रक्रिया चल रही है। ... और पढ़ें

घाघरा में उफान आने से बढ़ा संकट

दोहरीघाट / दुबारी । लगातार दो दिनों से घाघरा का जलस्तर स्थिर रहने के बाद शनिवार को उफान आने से तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ गई। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी की लहरें भारत माता मंदिर की दीवारों पर टकरा रही है। इससे तटवर्ती इलाकों सहित ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं घाघरा के जलस्तर में वृद्धि के बाद नदी का पानी मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके में तेजी से फैलने लगा है। कई गांव नदी के घेरे में आ गए हैं। इसके बाद भी बाढ़ से बचाव के उपाय नहीं किए जा सके हैं। घाघरा के जलस्तर में एक बार पुन: उफान आ गया है। 24 घंटे में जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि हुई है। शनिवार को जलस्तर 69.80 जबकि शुक्रवार को 69.75 मीटर रहा। अब घाघरा गौरीशंकर घाट पर खतरे के निशान से 69.90 मीटर से मात्र 10 सेमी नीचे है। जलस्तर पुन: बढ़ने से मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, डीह बाबा का मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, हनुमान मंदिर सहित ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं तटवर्ती इलाके रामपुर धनौली, नवली, नई बाजार, बहादुरपुर, सरयां गोधनी, बीबीपुर, बेलौली, कोरौली, पाउस, रसूलपुर, सूरजपुर सहित विभिन्न गांवों में पानी घुसने की आशंका से लोग भयभीत हैं। जलस्तर में वृद्धि होने के बाद मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा में पानी घुसने से फसल नुकसान होने की चिंता लोगों को सताने लगी है। परसिया जयराम गिरि हाहा नाला पर नदी का जलस्तर 65.41 मीटर रहा। जबकि खतरा का निशान 66.31 है। जलस्तर बढने से संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं, लेकिन नाव की व्यवस्था न होने से लोगों को पशुओं के लिए चारा लाने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। परसिया, भटोली, चौहानपुर, खैरा, नई बस्ती, बिंटोलिया, हरिलाल का पुरा, चक्की मुसाडोही, बरोहा नदी के घेरे में आ गए हैं। ... और पढ़ें

दहेज हत्या में पति, सास और ससुर को आजीवन कारावास

मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक रामराज ने दहेज हत्या के मामले में नामजद पति सहित तीन आरोपियों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच-पांच हजार रुपया अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर दोषी दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतेंगे। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
मामले के अनुसार, दोहरीघाट थाना क्षेत्र के अतरसावा गांव निवासी जलालुद्दीन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसकी भतीजी हसरूनिशा को दहेज के लिए उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि 22 जनवरी 2018 को दहेज के लिए आरोपीगणों ने हसरूनिशा को जहर देकर मार डाला।
वादी की तहरीर पर पुलिस ने मधुबन थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव निवासी पति सगीर पुत्र वारूद उर्फ एतवारूल, ससुर वारुल उर्फ एतवारूल पुत्र हिना तथा सास सहिना पत्नी वारूल उर्फ एतवारूल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी राजेश कुमार पांडेय ने आठ गवाह पेश किए।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सगीर, वारूल उर्फ एतवारूल और सहिना को हत्या का दोषी पाया और सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
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वाराणसी सहित इन जिलों में हुईं आपराधिक घटनाएं, जानें कौन सी हैं वो खबरें

वाराणसी सहित आसपास के जिलों में आपराधिक मामले में कम नहीं हो रहे हैं। मझ जिले में पुरानी जमीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष में तीन लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही वाराणसी में भी बदमाशों ने दंपती की गोली मारकर हत्या कर दी। चंदौली में पीएम आवास के लाभार्थी से घूस लेने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं बलिया में सितंबर को डेढ़ लाख लूट फरार हुए बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बाकी खबरें पढ़ें आगे...

मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र के ब्राह्मणपुर ग्राम पंचायत के हुड़हरा की मठिया गांव में दो पट्टीदारों के बीच जमीनी विवाद को लेकर उपजे विवाद में शुक्रवार की देर रात खूनी संघर्ष हुआ। धारदार हथियार से लैस पट्टीदार ने अपने साथियों संग दूसरे पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया।

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यूपी : जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, तीन लोगों की हत्या से गांव में दहशत

वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र के काली महाल क्षेत्र में शनिवार सुबह पिशाचमोचन की गद्दी और संपत्ति विवाद में पूजा कराने जा रहे कर्मकांडी ब्राह्मण और पत्नी की घर में नृशंस हत्या कर दी गई।

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बाढ़ : गाजीपुर-बलिया में हालात खराब, वाराणसी सहित आसपास के जिलों में स्थिति चिंताजनक

पूर्वांचल में गंगा की लहरें तबाही मचा रही हैं। गंगा के साथ अब पूर्वांचल के आसपास के जिलों में बहने वाली नदियों में पानी जलस्तर बढ़ गया है, जो खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। पूर्वांचल में कई जिलों के गांवों का संपर्क टूट गया है और बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। लोगों को पलायन करने को मजबूर होना पड़ा है।

वाराणसी में शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित इलाको का दौरा किया, और पीड़ित लोगों को राहत सामग्री दी। इसके साथ ही 12 घंटों के अंदर राहत पहुंचाने की बात कही थी। शनिवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर 71.82 मीटर था, जो खतरे के निशान (71.26) से 0.56 मीटर ऊपर बह रही हैं। इसके साथ ही गंगा में एक सेमी प्रति दो घंटे से पानी का बढ़ाव जारी है।

वाराणसी में वर्ष 2016 के बाद यह पहला मौका है, जब गंगा ने वाराणसी में खतरा बिंदु को पार कर लिया है। इससे पहले 2013 को वाराणसी में गंगा ने खतरे का निशान पार किया था। जलस्तर एक घंटा प्रति सेमी बढ़ रहा है। इस लिहाज से गंगा इस समय खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर हैं। अगर अगले चौबीस घंटों तक यह गति जारी रही तो कई अन्य कालोनियों में भी गंगा का पानी भर जाएगा और स्थिति काफी भयावह हो जाएगी। गंगा खतरे के निशान को पार करके बह रही है। 1978 की बाढ़ में अधिकतम जलस्तर 73.901 मीटर रहा था।

काशी में बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अस्सी स्थित गोयनका संस्कृत महाविद्यालय में बने राहत शिविर में पीड़ितों के बीच पहुंचे थे। बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथों से खाद्य सामग्री समेत उनके जरूरतों से संबंधित अन्य समान का वितरण किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीड़ितों से कहा था कि इस मुसीबत की घड़ी में सरकार के साथ जिला प्रशासन पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है। बाढ़ पीड़ितों की हर तरह से मदद की जाएगी, इसके लिए सरकारी खजाना खोल दिया गया है।
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डीसीएसके पीजी कालेजः छह पदों के लिए 37 नामांकन पत्रों की बिक्री

मऊ। नगर स्थित डीसीएसके पीजी कालेज में छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद चुनावी हलचल तेज हो गई। शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नामांकन पत्रों की बिक्री हुई। छह पदों के लिए 37 नामांकन पत्रों की बिक्री हुई। 4100 मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए प्रत्याशी तथा समर्थक घर-घर प्रचार करने में जुटे नजर आए।
चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए कालेज परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्वाह्न 11 बजे से प्राक्टर कार्यालय से नामांकन पत्रों की बिक्री शुरू हुई। अपराह्न दो बजे तक अध्यक्ष पद के लिए नौ, उपाध्यक्ष पद के लिए छह, महामंत्री के लिए चार, पुस्तकालय मंत्री के लिए आठ, कला संकाय के लिए आठ, विज्ञान संकाय के लिए दो सहित 37 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र खरीदा। कालेज के प्राचार्य डॉ. एके मिश्र ने बताया कि छह पदों के लिए 37 नामांकन पत्रों की बिक्री हुई। 23 सितंबर को नामांकन होगा।
इसी अवधि में तथा 24 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 25 सितंबर को प्रत्याशी अपने नाम वापस ले सकेंगे। 30 सितंबर को मतदान पूूूर्वाह्न आठ बजे से दोपहर बाद एक बजे तक होगा। उसी दिन अपराह्न दो बजे से मतों की गणना शुरू होगी। परिणाम की घोषणा के बाद पदाधिकारियों को शपथ ग्रहण कराया जाएगा। कालेज में 4100 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। प्रत्याशी तथा समर्थक मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए घर-घर संपर्क करते देखे गए। छात्र संघ चुनाव को संपन्न कराने के लिए कालेज परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। आसपास पुलिस तथा पीएसी के जवान चक्रमण करते रहे।
छात्र संघ चुनाव लड़ने के लिए डीएम से मिले छात्र
मऊ। नगर सहित डीसीएसके पीजी कालेज के छात्रसंघ चुुनाव में नामांकन पत्रों की खरीद को लेकर छात्र नेता जयनाथ निषाद के नेतृत्व में छात्रों ने जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपा। छात्र नेता जयनाथ निषाद का कहना था कि कालेज प्रशासन द्वारा हमेें चुनाव लड़ने से रोका जा रहा है। जबकि एमए प्रथम वर्ष के छात्र को चुनाव लड़ने से विश्वविद्यालय की तरफ से कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
पर्चा दाखिल करने के लिए कालेज प्रशासन को आदेश दिया जाए। वहीं डीसीएसके पीजी कालेज के छात्र संघ चुनाव अधिकारी डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि एमए में कई कोर्स वर्तमान सत्र में संचालित हुए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता कर छात्र को पर्चा दाखिल करने की अनुमति दे दी गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में क्रांति निषाद, संजय यादव, राहुल निषाद, शैलेंद्र आदि शामिल रहे।
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