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बिहार : बाहर से होटल, अंदर हॉस्पिटल! ऐसा गोरखधंधा पहली बार आया सामने, अवैध अस्पताल में भर्ती मिले 15 मरीज

Sun, 30 Aug 2026 11:37 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Sun, 30 Aug 2026 11:37 AM IST
सार

मुजफ्फरपुर में एसकेएमसीएच के गेट नंबर-1 के सामने होटल की आड़ में कथित रूप से संचालित अवैध निजी अस्पताल का प्रशासन ने खुलासा किया। एसडीओ पूर्वी आनंद उत्सव के नेतृत्व में हुई छापेमारी में भवन के अंदर करीब 15 मरीज भर्ती मिले, जबकि मौके पर कोई चिकित्सक या मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था।

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muzaffarpur illegal hospital running under hotel near skmch 15 patients found
मुजफ्फरपुर में होटल की आड़ में अस्पताल का खेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल एसकेएमसीएच के गेट नंबर-1 के सामने होटल की आड़ में संचालित किए जा रहे कथित अवैध निजी अस्पताल का प्रशासन ने भंडाफोड़ किया है। मरीजों के परिजनों से मिली सूचना के बाद एसडीओ पूर्वी आनंद उत्सव के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने मौके पर छापेमारी की। जांच के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जिस भवन के बाहर होटल का बोर्ड लगा था, उसके अंदर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान अस्पताल में न तो कोई चिकित्सक मिला और न ही मेडिकल स्टाफ मौजूद था।

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होटल का बोर्ड, अंदर चल रहा था अस्पताल

प्रशासनिक टीम जब मौके पर पहुंची तो भवन की पहली मंजिल पर होटल का बोर्ड लगा हुआ था। हालांकि, अंदर का पूरा सेटअप अस्पताल की तरह था और मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। जांच के दौरान मौके पर कोई चिकित्सक या मेडिकल स्टाफ नहीं मिला। इसी भवन के ग्राउंड फ्लोर पर एक कमरे में बाहर से ताला लगा हुआ था। प्रशासनिक टीम ने जब कमरे का ताला तोड़ा तो अंदर करीब 15 मरीज भर्ती मिले। इसके बाद मौके पर मौजूद मरीजों के परिजनों से भी जानकारी ली गई।

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परिजनों ने लगाए पैसे मांगने के आरोप

छापेमारी के दौरान मरीजों के स्वजन ने प्रशासनिक टीम के सामने अस्पताल कर्मियों पर लगातार रुपये मांगने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि भुगतान नहीं करने पर मरीजों को अस्पताल से बाहर निकालने की धमकी दी जाती थी।जांच में अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के अभाव के साथ ही अस्पताल के निर्धारित नियमों के अनुरूप व्यवस्था और साफ-सफाई नहीं होने की बात भी सामने आई। एसकेएमसीएच के मुख्य गेट के ठीक सामने होटल के नाम से बोर्ड लगाकर कथित तौर पर अस्पताल चलाए जाने को लेकर अब प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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पहले दो निजी अस्पतालों की भी हुई जांच

एसडीओ पूर्वी आनंद उत्सव ने बताया कि अवैध अस्पतालों के संचालन की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीम ने सबसे पहले मेडिकल ओवरब्रिज के पास स्थित दो निजी अस्पतालों की जांच की थी। वहां जांच के दौरान किसी तरह की अनियमितता नहीं मिली, इसलिए तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद टीम को एसकेएमसीएच मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गेट नंबर-1 के सामने होटल की आड़ में अवैध अस्पताल संचालित होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

जरूरी दस्तावेज नहीं मिले, सील करने की तैयारी

एसडीओ पूर्वी के अनुसार, मौके पर अस्पताल संचालन से संबंधित आवश्यक कागजात नहीं मिले। अस्पताल में एक गंभीर मरीज भी भर्ती मिला है। मामले की जांच के लिए MOIC को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से अस्पताल को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। कार्रवाई के बाद जिले में संचालित कथित अवैध नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब इस तरह के अन्य संस्थानों के संचालन और उनके दस्तावेजों की भी जांच कर सकता है।

 

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