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झुलसी विवाहिता की मौत पर हंगामा, लगाया जाम
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नौगांवा सादात (अमरोहा)। 19 दिनों से दिल्ली के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही विवाहिता की इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई। इसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित मायके पक्ष के लोगों ने नौगांवा रोड पर जाम लगा दिया। परिजनों ने ससुरालियों पर बेटी को जिंदा जलाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही नौगांवा पुलिस मौके पर पहुंच गई, आक्रोशित परिजनों को कार्रवाई कराने का आश्वासन देकर शांत किया। करीब एक घंटे के बाद परिजनों नेे पुलिस के आश्वासन पर जाम खोल दिया।
नौगांवा सादात के गांव रामपुर जुन्नारदार निवासी शहाबुद्दीन ने अपनी बेटी फातिमा (22) की शादी 4 अप्रेल 2017 को बिजनौर के नूरपुर थाना के गांव सैदपुर माफी निवासी महताब के साथ की थी। महताब टेलर है। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले फातिमा को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। फातिमा छह माह की गर्भवती थी। परिजन के मुताबिक ससुराल वाले दहेज में कार और पैसा की मांग कर रहे थे। आरोप है कि फातिमा ने इसका विरोध किया तो ससुरालियों ने एक जनवरी को उसे जिंदा जला दिया। खानापूर्ति करने के उद्देश्य से पति महताब ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया। सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंच गए और दो जनवरी को फातिमा को दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई। परिजन उसे गांव रामपुर जुन्नादार ले पहुंचे और शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। मायके पक्ष के लोगों ने पहले ही फातिमा को जलाने का मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। रविवार को नूरपुर पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने नौगांवा सादात रोड स्थित पीलाकुंड पर जाम लगा दिया। नूरपुर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही नौगांवा इंस्पेक्टर फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कर दिया। नौगांवा सादात-अमरोहा रोड पर करीब एक घंटे तक परिजनों का कब्जा रहा।
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नौगांवा सादात के गांव रामपुर जुन्नारदार निवासी शहाबुद्दीन ने अपनी बेटी फातिमा (22) की शादी 4 अप्रेल 2017 को बिजनौर के नूरपुर थाना के गांव सैदपुर माफी निवासी महताब के साथ की थी। महताब टेलर है। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले फातिमा को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। फातिमा छह माह की गर्भवती थी। परिजन के मुताबिक ससुराल वाले दहेज में कार और पैसा की मांग कर रहे थे। आरोप है कि फातिमा ने इसका विरोध किया तो ससुरालियों ने एक जनवरी को उसे जिंदा जला दिया। खानापूर्ति करने के उद्देश्य से पति महताब ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया। सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंच गए और दो जनवरी को फातिमा को दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई। परिजन उसे गांव रामपुर जुन्नादार ले पहुंचे और शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। मायके पक्ष के लोगों ने पहले ही फातिमा को जलाने का मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। रविवार को नूरपुर पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने नौगांवा सादात रोड स्थित पीलाकुंड पर जाम लगा दिया। नूरपुर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही नौगांवा इंस्पेक्टर फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कर दिया। नौगांवा सादात-अमरोहा रोड पर करीब एक घंटे तक परिजनों का कब्जा रहा।
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