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बस्ती: दोस्त को फोन कर कहा- खा लिया हूं जहर, वजह हैरान करने वाली है

Wed, 26 Feb 2020 06:56 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, बस्ती(महराजगंज)।
डिजिटल न्यूज डेस्क, बस्ती(महराजगंज)। Published by: vivek shukla Updated Wed, 26 Feb 2020 06:56 PM IST
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young man committed suicide due to family feud In basti
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कप्तानगंज क्षेत्र के परिवारपुर गांव में एक युवक ने पारिवारिक कलह के चलते जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर दोस्त को फोन कर कहा कि उसने जहर खा लिया है। गांव निवासी 35 वर्षीय भूपेंद्र कुमार महराजगंज के त्रिलोकपुर गांव के निकट ढाबा चलाते थे। बुधवार की सुबह 10 बजे गांव के कुटी पर जाकर जहर खा लिया।

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 कुछ देर बाद जब हालत बिगड़ने लगी तो उसने फोन कर दोस्त से जहर खाने की बात कही। सूचना पर परिजन जब गांव के कुटी पर पहुंचे तो वह बेहोशी हालत में पड़ा था। आननफानन में परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान दोपहर 12 बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना को लेकर पूरे गांव में मातम का माहौल है।
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भूपेंद्र की मौत से उजड़ गया परिवार
कप्तानगंज के परिवारपुर गांव के भूपेंद्र की मौत से उसका पूरा परिवार उजड़ गया। 80 वर्षीय पिता बलवंत सिंह काफी दिनों से बीमार हैं। माता सिंधावती सिंह की मौत 30 साल पहले हो चुकी है। भूपेंद्र का पालन-पोषण दादी सुरसती सिंह ने किया था। छोटे चाचा केसर सिंह की भी मौत आठ वर्ष पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई थी।
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बीमार पिता, दादी और विधवा चाची सहित परिवार के आठ लोगों का गुजारा भूपेंद्र की बदौलत चलता था। परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। चार माह पहले भूपेंद्र ने गांव के कुछ लोगों के सहयोग से त्रिलोकपुर में एक छोटा सा ढाबा खोला था। उसी से पूरे परिवार का खर्च चलता था। घर की हालत कुछ सुधरने लगी थी।


शादी की बात भी चल रही थी। लेकिन अचानक से भूपेंद्र ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर उसने जहर क्यों खाया। इकलौते बेटे का शव देखकर पिता बलवंत सिंह दहाड़े मार-मार कर रो रहे हैं। जिंदगी के अंतिम पड़ाव पर पहुंची दादी कलेजे के दुकड़े का शव देखकर बेहोश हो जा रही थीं। गांव के अखिलेश सिंह, बब्बू सिंह, पप्पू सिंह, विजयपाल भी भूपेंद्र की मौत से सदमे में हैं। इन लोगों को भी ञनहीं पता था कि भूपेंद्र से साथ इतनी जल्द छूट जाएगा।

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