{"_id":"6ab75fd8f4558c80ca065c77","slug":"video-the-rain-washed-away-months-of-the-farmers-hard-work-2026-09-26","type":"video","status":"publish","title_hn":"VIDEO: बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर फेरा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
VIDEO: बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर फेरा पानी
राजा का रामपुर। किसानों के लिए आसमान से बरसी बारिश आफत बन गई है। पिछले करीब 24 घंटे से तेज हवा के साथ हो रही लगातार बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। विकासखंड अलीगंज क्षेत्र सहित राजा का रामपुर और आसपास के गांवों में खेतों में खड़ी धान की पकी फसल बारिश और तेज हवा के चलते जमीन पर बिछ गई है। वहीं खेतों में कटा पड़ा बाजरा पानी में भीगने से खराब होने की कगार पर पहुंच गया है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने में उन्होंने बीज, खाद, दवा, सिंचाई और मजदूरी पर बड़ी रकम खर्च की थी। फसल पकने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि उपज बेचकर परिवार का खर्च चलेगा और खेती में लगाया पैसा वापस आएगा, लेकिन अचानक हुई लगातार बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी और कटी फसल को देखकर किसान परेशान हैं। तेज हवा और बारिश के कारण धान की पकी फसल खेतों में गिर गई है। किसानों के मुताबिक जमीन पर गिरी फसल को काटना मुश्किल होगा। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो खेतों में पड़ी धान की बालियों के खराब होने की आशंका है। इससे उपज और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं। कई किसानों ने बाजरा काटकर खेत में ही रखा था। लगातार बारिश के कारण कटी हुई फसल पानी में भीग गई है। किसानों को डर है कि समय रहते फसल नहीं सूखी तो बाजरा सड़ने और खराब होने लगेगा। इससे किसानों को सीधे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों के अनुसार कुछ खेतों में सरसों की बुवाई हो चुकी थी। लगातार बारिश से सरसों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं आलू की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। बारिश से खेतों में पानी भरने के कारण खेत तैयार होने में समय लगेगा। किसानों का कहना है कि आलू की बुवाई में ज्यादा देरी हुई तो खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है। किसानों ने प्रशासन से गांव-गांव और खेत-खेत सर्वे कराकर बारिश से हुए फसल नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि नुकसान का सही आकलन कर पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा से हुए आर्थिक नुकसान में उन्हें राहत मिल सके।
युवा किसान सचिन ने बताया कि तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान धान और बाजरा की फसल में दिखाई दे रहा है। किसान बड़ी लागत लगाकर फसल तैयार करता है और ऐसे समय पर फसल बर्बाद होना उसके लिए बड़ा झटका है।
किसान नदीम ने बताया कि लगातार बारिश के कारण खेत पानी में डूब गए हैं। धान की फसल खेतों में बिछ गई है और बाजरा भी खराब होने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही खेती की बढ़ती लागत से परेशान है। प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के बाद किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।