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Etah News: सहेज सके और न भुना पाए भगवान बुद्ध की धरोहर

Sun, 27 Sep 2026 12:39 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 12:39 AM IST
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Failed to preserve or capitalize on Lord Buddha's heritage
एटा। भगवान बुद्ध की विरासत को सहेजे अतरंजी खेड़ा जैसी धरोहर होने के बाद भी पर्यटक इससे दूर हैं। मान्यता है कि भगवान बुद्ध ने यहां टीले पर प्रवास किया था। जिले में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए रामसर साइट पटना पक्षी विहार भी है। यहां के प्राकृतिक वास में प्रवास करने के लिए हर साल हजारों विदेशी परिंदे पहुंचते हैं मगर पर्यटक न के बराबर ही आते हैं। यदि इन धरोहरों का प्रचार-प्रसार और यहां सुविधाओं को विकसित किया जाए तो जिले के पर्यटन को पंख लग सकते हैं।
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मिरहची क्षेत्र के अचलपुर स्थित अतरंजी खेड़ा का बौद्ध धर्म में विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान बुद्ध ने यहां पूर्व में बसे वेरंजानगर के एक टीले पर वर्षावास (बरसात के दौरान प्रवास) किया था। तत्कालीन शासक राजा बेन ने ही इस नगर की स्थापना की थी। वह बौद्ध धर्म के अनुयायी थे।
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जाने-माने साहित्यकार महावीर प्रसाद द्विवेदी ने अपनी पुस्तक मंगलम में वेरंजानगर के अवशेषों का विस्तृत उल्लेख किया है। अतरंजी खेड़ा में हुए उत्खनन के दौरान बौद्ध कालीन मूर्तियां, स्तूप, प्राचीन बर्तन और सभ्यता से जुड़े कई दुर्लभ अवशेष मिले हैं। बुद्ध के वर्षावास वाले इस टीले की लंबाई लगभग 411.50 और ऊंचाई 20 मीटर है। इस दर्शनीय स्थल का रखरखाव भी ठीक से नहीं किया गया है।
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यहां केवल चारदीवारी का निर्माण कराया गया है। बौद्धकालीन वेरंजानगर के उत्खनन में निकली दुर्लभ वस्तुओं को भी एक छोटे से कक्ष में रखा गया है। इस ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने के लिए संग्रहालय निर्माण की जरूरत है, ताकि देश-विदेश के पर्यटकों को बौद्ध लुभाया जा सके। इतिहासकारों ने यहां दोबारा उत्खनन कराने की मांग भी की है, ताकि बौद्धकालीन अन्य अवशेषों का पता लगाया जा सके।

विदेशी मेहमानों का बसेरा: रामसर साइट पटना पक्षी विहार
जलेसर स्थित पटना पक्षी विहार को रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है। जनवरी, 2026 में हुए सर्वे के अनुसार, यहां 30 देशों से 56 प्रजातियों के कुल 4,705 जलीय पक्षी पहुंचे थे। इनमें 27 प्रवासी और 29 आवासीय प्रजातियां शामिल थीं। प्रवासी पक्षियों के कारण ही यहां पर्यटक भी पहुंचते हैं मगर इसके बाद भी यहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए किसी तरह की सुविधा नहीं है।
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