नगर परिषद के उपसभापति चुनाव के दौरान भाजपा चुनाव प्रभारी मदन प्रजापत और सीओ सिटी राजेंद्र मीणा के बीच हुए विवाद का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को नामांकन के दौरान पुलिस और भाजपा पदाधिकारियों के बीच हुए विवाद के विरोध में बुधवार को विभिन्न सामाजिक एवं नागरिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक के नाम संयुक्त ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा नेता मदन प्रजापत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने, घटना से जुड़े सीसीटीवी और वीडियो फुटेज सुरक्षित रखने तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कथित बाड़ाबंदी, पार्षदों को उनकी इच्छा के विरुद्ध ले जाने और मतदान प्रक्रिया में व्यवधान से जुड़ी शिकायतों की भी जांच कराने की मांग की गई।
नामांकन के दौरान हुआ था विवाद
दरअसल मंगलवार 22 सितंबर को सवाई माधोपुर नगर परिषद में उपसभापति पद के नामांकन के दौरान नगर परिषद परिसर में पुलिस और भाजपा पदाधिकारियों के बीच नामांकन कक्ष में प्रवेश को लेकर विवाद हो गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने नामांकन कक्ष की ओर जा रहे भाजपा पदाधिकारियों और समर्थकों को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद भाजपा चुनाव प्रभारी मदन प्रजापत और सीओ सिटी राजेंद्र मीणा के बीच तीखी बहस हो गई। बाद में दोनों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
रिपोर्टों के मुताबिक मदन प्रजापत ने खुद को भाजपा का चुनाव प्रभारी बताते हुए अंदर जाने से रोके जाने पर आपत्ति जताई और एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग की। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारी के साथ अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया। हालांकि पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।
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विवाद बढ़ने के बाद भाजपा पदाधिकारियों की ओर से मुख्यमंत्री से बात करने की बात भी कही गई। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने और नामांकन प्रक्रिया के लिए निर्धारित व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। कुछ देर तक पुलिस और भाजपा समर्थकों के बीच कहासुनी होती रही। बाद में भाजपा पदाधिकारी और समर्थक नगर परिषद परिसर के अंदर पहुंचे और नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ी।
सामाजिक संगठनों ने ज्ञापन सौंपा
मामले को लेकर बुधवार को सामाजिक और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि घटनाक्रम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, फोटो और वीडियो को सुरक्षित रखा जाए और इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को देखते हुए संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और वीडियोग्राफी कराने की मांग भी की।
ज्ञापन देने वालों में शामिल कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव रामगोपाल गुणसरिया ने आरोप लगाया कि नगर परिषद उपसभापति चुनाव के दौरान ड्यूटी कर रहे सीओ सिटी राजेंद्र मीणा के साथ भाजपा नेताओं की ओर से अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने कहा कि यदि ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी के साथ इस तरह की घटना होती है तो आम आदमी की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों ने इसी मामले को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है तथा घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। कांग्रेस नेता खल्लाख खान ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान पुलिस अधिकारी के साथ इस तरह का विवाद गंभीर मामला है और जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा की माया गोयल उपसभापति का चुनाव जीतीं
गौरतलब है कि मंगलवार को ही सवाई माधोपुर नगर परिषद में उपसभापति पद का चुनाव हुआ था। भाजपा की माया गोयल ने कांग्रेस के विनोद जैन को हराकर उपसभापति पद हासिल किया। उपलब्ध परिणाम के अनुसार माया गोयल को 40 और विनोद जैन को 16 वोट मिले। इससे एक दिन पहले भाजपा की मेवा चौधरी सभापति निर्वाचित हुई थीं।
अब नामांकन के दौरान हुए विवाद को लेकर सामाजिक संगठनों की शिकायत और उसके बाद होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर है। प्रतिनिधिमंडल ने कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप से उपलब्ध कराने की मांग भी की है।