एक को बचाने में फंसते चले गए चार लोग?: कूकस में 90 फीट गहरे कुएं का खौफनाक मंजर, जानिए कैसे बची जान
जयपुर के कूकस में 90 फीट गहरे सूखे कुएं में महिला-पुरुष के गिरने के बाद बचाने उतरे दो युवक भी फंस गए। सिविल डिफेंस टीम ने क्रेन से चारों को सुरक्षित बाहर निकाला।
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कूकस क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक सूखे और कच्चे कुएं में एक महिला और पुरुष के गिरने के बाद उन्हें बचाने उतरे दो स्थानीय युवक भी उसी कुएं में फंस गए। देखते ही देखते करीब 90 फीट गहरे कुएं में चार लोग जिंदगी और मौत के बीच फंस गए। कच्ची दीवारों और गहराई के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। आखिरकार सिविल डिफेंस की डिजास्टर क्विक रेस्पॉन्स टीम (DQRT) ने क्रेन और रस्सियों की मदद से चारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पहले दो गिरे, बचाने पहुंचे दो युवक भी फंसे
नागरिक सुरक्षा विभाग के उप नियंत्रक अमित शर्मा के मुताबिक, कूकस गांव से दोपहर में कंट्रोल रूम को कुएं में लोगों के गिरने की सूचना मिली। करीब 90 फीट गहरे सूखे कुएं में एक महिला और पुरुष गिर गए थे।
हादसे की जानकारी मिलने पर दो स्थानीय युवक उनकी मदद के लिए कुएं में उतर गए। लेकिन कुएं की दीवारें सीधी और कच्ची होने के कारण नीचे पहुंचने के बाद दोनों युवक भी बाहर नहीं निकल सके। कुछ ही देर में चारों लोग कुएं की गहराई में फंस गए।
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कच्ची दीवारें और 90 फीट गहराई बनी चुनौती
घटना की सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस की DQRT टीम मौके के लिए रवाना हुई। रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती कुएं की कच्ची दीवारें थीं। किसी भी तरह की ज्यादा हलचल से मिट्टी धंसने का खतरा था। ऐसे में टीम ने बेहद सावधानी से रेस्क्यू की रणनीति तैयार की।
क्रेन से एक-एक कर बाहर निकाले चारों
टीम ने मौके पर क्रेन मंगवाई। सुरक्षा बेल्ट और रस्सियों की मदद से रेस्क्यूकर्मी कुएं में उतरे और एक-एक कर चारों लोगों को ऊपर निकालना शुरू किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद सभी चारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कुएं से निकाले गए महिला और पुरुष की हालत गंभीर बताई गई। मौके पर मौजूद 108 एंबुलेंस से दोनों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, दोनों स्थानीय युवकों को भी चोटें आईं, हालांकि उनकी स्थिति गंभीर नहीं बताई गई।
छह स्वयंसेवकों ने संभाला मोर्चा
रेस्क्यू ऑपरेशन का सुपरविजन जिला कलेक्टर एवं नियंत्रक, नागरिक सुरक्षा की ओर से किया गया। एडीएम साउथ के मार्गदर्शन में उप नियंत्रक अमित शर्मा के नेतृत्व में ऑपरेशन चलाया गया।