सीहोर जिले में बीते 24 घंटों से जारी तेज बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। शहर की जलापूर्ति के प्रमुख स्रोत जमोनिया तालाब में तेजी से पानी की आवक हुई है और जलस्तर 28 फीट तक पहुंच गया है। तालाब अब छलकने की कगार पर खड़ा है। दूसरी ओर खेतों में पहुंची बारिश ने सोयाबीन और धान की फसलों को राहत दी है।
जमोनिया तालाब पर प्रशासन की नजर, छलकने की स्थिति करीब
लगातार बारिश के चलते जमोनिया तालाब का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। 28 फीट पानी पहुंचने के बाद अब तालाब के छलकने की स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी गई है। तालाब का भरना सीहोर शहर की जल सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में शहर के पेयजल संकट की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है।
24 घंटे में 25.6 मिमी बारिश, सीहोर में सबसे ज्यादा बरसा पानी
भू-अभिलेख विभाग के दैनिक वर्षा आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात जिले में औसतन 25.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। सीहोर शहर में सबसे अधिक 53 मिमी पानी बरसा। श्यामपुर में 35 मिमी, इछावर में 26 मिमी, जावर और बुधनी में 25-25 मिमी, रेहटी में 19.4 मिमी, आष्टा में 14 मिमी और भैरुंदा में 7 मिमी बारिश दर्ज हुई।
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सीहोर की सीजनल बारिश 1000 मिमी के पार
बारिश के इस दौर के साथ सीहोर तहसील ने इस सीजन में पहली बार 1000 मिमी का आंकड़ा पार कर लिया है। अब तक 1017.3 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। तहसील का सामान्य औसत 1148.4 मिमी है। यानी सामान्य औसत से अब अंतर तेजी से कम हो रहा है।
जावर सबसे पीछे, जिले में औसत बारिश 797.6 मिमी
जिले में बारिश का वितरण हालांकि अभी समान नहीं है। जावर तहसील में अब तक सिर्फ 593 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो जिले में सबसे कम है। पूरे जिले में 1 जून से अब तक औसत 797.6 मिमी बारिश हो चुकी है। पिछले साल इसी अवधि में 922.2 मिमी बारिश हुई थी। इस लिहाज से इस बार बारिश करीब 125 मिमी पीछे है।
खेतों में लौटी नमी, सोयाबीन-धान को मिली बड़ी राहत
तेज बारिश से किसानों के चेहरों पर राहत दिखाई दे रही है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से सोयाबीन और धान की फसलों को सीधा लाभ मिलेगा। कृषि क्षेत्र में यह बारिश फसलों की बढ़वार और उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय से बारिश की जरूरत महसूस कर रहे किसानों को इस पानी से बड़ी राहत मिली है।
जलभराव ने बढ़ाई परेशानी, निचले इलाकों में प्रशासन अलर्ट
बारिश राहत के साथ चुनौती भी लेकर आई है। सीहोर शहर के कई निचले इलाकों और प्रमुख बाजारों में जलभराव की स्थिति बनी। लोगों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने निचले क्षेत्रों, नदी-नालों और जलभराव वाले स्थानों पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
उफनते नदी-नालों से दूरी की सख्त हिदायत
कलेक्टर बाला गुरु के ने नागरिकों से अपील की है कि जलभराव वाले मार्गों, पुल-पुलियाओं तथा उफनते नदी-नालों के समीप जाने से बचें। बारिश के दौरान किसी भी जोखिम वाले स्थान पर अनावश्यक आवाजाही जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासनिक अमला स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए अलर्ट मोड पर है।