सागर केंद्रीय जेल में गणतंत्र दिवस पर 17 कैदियों की रिहाई ने उनके लिए एक नई शुरुआत का रास्ता खोला। रविवार को इन कैदियों को पूरे सम्मान के साथ जेल से विदा किया गया। जेल अधीक्षक मानेंद्र सिंह परिहार ने रिहा किए गए कैदियों का हाल-चाल पूछा, फूलमाला पहनाकर सम्मान किया और घर ले जाने के लिए मिठाई के डिब्बे भी दिए। उन्होंने कैदियों को स्वास्थ्य से संबंधित कागजात और दवाएं सौंपते हुए समय पर चेकअप और दवाएं लेने की सलाह दी।
इस मौके पर अधीक्षक परिहार ने सभी कैदियों को नसीहत दी कि वे भविष्य में ऐसा कोई कृत्य न करें, जिससे उन्हें दोबारा जेल आना पड़े। उन्होंने कहा कि गुस्से के चंद पलों में हुई गलती के कारण कैदी वर्षों से जेल में बंद हैं, जिससे उनके परिवार, बच्चे और रिश्तेदार भी परेशान हुए। कैदियों ने भी वादा किया कि अब वे अपनी जिंदगी सुधारने की पूरी कोशिश करेंगे।
जिन कैदियों की सजा पूरी हो चुकी थी, उनके परिजन सुबह से ही जेल के बाहर उनके रिहा होने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही कैदी जेल से बाहर निकले, परिजनों ने दौड़कर उन्हें गले लगाया। कुछ ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया तो कुछ भावुक होकर रो पड़े। कई परिवारों ने फूलमालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ कैदियों का स्वागत किया।
जेल अधीक्षक परिहार ने बताया कि आज कुल 18 कैदियों को रिहा किया गया, जिनमें 17 सागर जेल के और 1 भोपाल जेल से थे। भोपाल का कैदी इलाज के चलते वहीं से रिहा किया गया। इस रिहाई ने इन कैदियों और उनके परिजनों के जीवन में एक नई उम्मीद जगा दी है।