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Guna News: अस्पताल परिसर के बाहर पसरे अतिक्रमण पर फिर चला जेसीबी का पंजा, देखें वीडियो
मध्यप्रदेश के गुना जिला मुख्यालय में स्थित शासकीय अस्पताल परिसर में फैले अतिक्रमण को हटाने के लिए शुक्रवार को स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम ने एक बार फिर कार्रवाई की। इस कार्रवाई से नाराज दुकानदारों ने पैदल मार्च निकालकर शासन-प्रशासन पर उनकी रोजी-रोटी छीनने के आरोप लगाए और अपने पुनर्वास की मांग की।
जिला अस्पताल के कायाकल्प के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. सतेंद्र सिंह के निर्देश पर यह अतिक्रमण मुहिम चलाई गई। शुक्रवार को राजस्व विभाग और नगरपालिका की संयुक्त टीम ने कोतवाली के बाईं ओर जेसीबी चलाकर दर्जनों दुकानों को हटा दिया। इस कार्रवाई के बाद आक्रोशित दुकानदार पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन पर सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी छीनने का आरोप लगाते हुए वैकल्पिक दुकानों की मांग की।
ज्ञात हो कि कलेक्टर डॉ. सतेंद्र सिंह ने कुछ दिनों पहले जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था, जिसमें अस्पताल के गेट के बाहर वाहनों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इस पर कलेक्टर ने भगत सिंह चौक से लेकर कोतवाली मार्ग तक अस्थाई दुकानों को हटाने के निर्देश दिए थे। प्रशासन ने तीन चरणों में इन दुकानों को हटा दिया। शुक्रवार की कार्रवाई के दौरान तहसीलदार गौरीशंकर बैरवा ने पहले लाउडस्पीकर के माध्यम से दुकानदारों को अपना सामान समेटने की चेतावनी दी, जिसके बाद नगरपालिका की जेसीबी ने एक-एक कर अस्थाई दुकानों को हटाया।
दुकानदारों का कहना है कि 1995 में उन्हें तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा यह स्थान आवंटित किया गया था, लेकिन अब बिना किसी पूर्व सूचना या विचार-विमर्श के उन्हें बेदखल कर दिया गया, जिससे उनके परिवारों की आजीविका पर संकट आ गया है। दुकानदारों ने सुझाव दिया है कि यदि वाहनों की आवाजाही के लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक है, तो दुकानों को पीछे खिसकाकर स्थायी निर्माण कराया जाए, जिससे रास्ता भी चौड़ा हो जाएगा और उनकी आजीविका भी बनी रहेगी। हालाँकि, इस सुझाव पर अभी तक जिला प्रशासन की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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