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Dindori Radio Station: A radio station specially created for tribals is bringing about significant changes in
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Dindori Radio Station : आदिवासियों के लिए स्पेशल बनाया गया रेडियो स्टेशन, लोगों में ला रहा बड़े बदलाव
Video Desk Amar Ujala
Published by: अंजलि सिंह
Updated Fri, 10 Oct 2025 06:32 PM IST
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मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले में एफएम 90.4 पर प्रसारित होने वाला ‘वन्य रेडियो’ आज बदलाव की एक मजबूत ध्वनि बन चुका है। यह कोई साधारण रेडियो स्टेशन नहीं, बल्कि आदिवासी बैगा समुदाय की जीवन रेखा है। 2012 में शुरू हुआ यह सामुदायिक रेडियो शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे दूरदराज़ के गांवों में भी विकास की गूंज सुनाई देने लगी है।
वन्य रेडियो की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका संचालन पूरी तरह समुदाय आधारित है। स्थानीय लोग ही इसके कार्यक्रम तैयार करते हैं और अपनी भाषा तथा बोली में प्रसारित करते हैं, ताकि संदेश सीधे दिल तक पहुंचे। यह रेडियो न सिर्फ सूचना का माध्यम है, बल्कि जागरूकता और आत्मविश्वास जगाने वाला मंच भी बन चुका है।
रेडियो के माध्यम से प्रसारित कार्यक्रमों में शिक्षा से जुड़ी प्रेरणादायक कहानियां, स्वास्थ्य संबंधी सुझाव, और सरकारी योजनाओं की जानकारी शामिल होती है। इससे लोगों को यह समझने में मदद मिलती है कि वे इन योजनाओं का लाभ कैसे उठा सकते हैं। इसके अलावा, यह स्टेशन स्वच्छता, बाल पोषण, महिला सशक्तिकरण और वनाधिकार जैसे विषयों पर भी चर्चा करता है।
पिछले कुछ वर्षों में वन्य रेडियो ने क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन किए हैं। जिन समुदायों तक पहले सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं पहुंचती थी, अब वे जागरूक हो रहे हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठा रहे हैं। कई स्थानों पर महिलाओं ने रेडियो कार्यक्रमों से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
आज वन्य रेडियो सिर्फ एक सूचना माध्यम नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। इसने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति रुचि बढ़ाई है और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का एक प्रभावी जरिया साबित हुआ है।
डिंडोरी का यह रेडियो स्टेशन दिखाता है कि यदि सूचना सही तरीके से लोगों तक पहुंचे, तो सबसे दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं। वन्य रेडियो सच में बदलाव की एक नई कहानी लिख रहा है।
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