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धार वराह मार्च: आयोजन से जुड़े 12 लोग पुलिस हिरासत में; 1000 जवान शहर में तैनात; ड्रोन से रखी जा रही नजर
Tue, 15 Sep 2026 11:23 AM IST
धार ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
Published by: धार ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:23 AM IST
सार
धार में वराह मार्च को पुलिस प्रशासन ने रोक दिया है। 1000 जवान शहर में तैनात कर दिए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवान लोगों पर नजर रख रहे हैं। तनाव की आशंका के चलते ASI ने संरक्षित परिसर भी बंद रखा है।
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पुलिस हिरासत में आयोजक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यहां अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। संप्रादायिक माहौल बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने पीजी कालेज मैदान को सील भी कर दिया गया है। शहर में 1000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आयोजन की अनुमति निरस्त कर दी है। इसके साथ ही शहर में लगाए गए मार्च से संबंधित पोस्टर और होर्डिंग्स भी हटवा दिए गए हैं। तनाव की आशंका को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने गंजीखाना स्थित संरक्षित परिसर को मंगलवार को आमजन के लिए पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया है।
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दरअसल धार में सनातन प्रहरी समिति की ओर से वराह मार्च का आयोजन करने की तैयारी थी। इसके लिए बाइक रैली निकाली जानी थी। जो पी जी कॉलेज मैदान से शुरू होकर विजय मंदिर यानि लाट मस्जिद जानी थी। विजय मंदिर को साल में दो बार खोला जाता है। एक बार हिंदू समाज के लिए दशहरे में और एक बार मुस्लिम समाज के लिए ईद पर। इन दोनों अवसरों के अलावा सनातन प्रहरी समिति चाहती थी कि मंदिर को दर्शन के लिए खोला जाए। पुलिस और प्रशासन ने माहौल ना बिगड़े इसकी वजह से समिति से जुड़े 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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PG कॉलेज मैदान पूरी तरह सील
पी जी कालेज मैदान में लोग यहां जमा ना हो इसके लिए पी जी कालेज मैदान को सील कर दिया गया है। चारों तरफ से मैदान को पुलिस ने घेर लिया है। कालेज के परिसर में एक अस्थाई जेल भी बना दी गई है। पुलिस के अनुसार CCTV, ऊंची इमारतों और ड्रोन से शहर की निगरानी की जा रही है। वहीं विजय मंदिर यानि लाट मस्जिद को ASI ने बंद रखा है। जिस स्थल तक वराह मार्च ले जाने की घोषणा की गई है, उसे हिंदू समाज विजय मंदिर और मुस्लिम समाज लाट मस्जिद के नाम से संबोधित करता है।
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बड़ी संख्या में जवान तैनात
सीएसपी शशांक सिंह गुर्जर के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर आयोजन की अनुमति रद्द की गई है। शहरवासियों से शांति बनाए रखने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है। सुरक्षा के लिए दो दर्जन थाना प्रभारी, 10 एसडीओपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। पीजी कॉलेज ग्राउंड और प्रमुख चौराहों पर फिक्स पुलिस पिकेट लगाए गए हैं, जबकि मोबाइल वैन से लगातार गश्त की जा रही है।
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मार्च से जुड़े पदाधिकारी गिरफ्तार
प्रशासन की सख्ती के बीच मंगलवार सुबह पुलिस ने वराह मार्च से जुड़े कई पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। इनमें विकास जाट, लोकेश यादव, आशीष बसु, सत्यनारायण रघुवंशी उर्फ टू-टू ठाकुर, संदीप यादव, बाला उर्फ विक्रम, बाला उर्फ स्वप्निल सितौले, दीपक उर्फ रोहित सांठे और सत्यतम पिता सुखराम निवासी धामनोद शामिल हैं। अब तक कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
संरक्षित इमारत पर रहेगी निगरानी
ASI ने आदेश जारी कर गंजीखाना स्थित पुरातत्व संरक्षित इमारत को मंगलवार को बंद रखा है। विभाग ने अनधिकृत प्रवेश या गतिविधि पर प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
यह ऐतिहासिक स्थल हिंदू पक्ष में विजय मंदिर और मुस्लिम समाज में लाट मस्जिद के नाम से जाना जाता है। प्रशासन के अनुसार शहर में सीसीटीवी, ड्रोन और हाईराइज इमारतों से निगरानी की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में बल तैनात है और बाहरी लोगों से फिलहाल धार नहीं आने की अपील की गई है। प्रस्तावित मार्च के समय सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी रहेगी।
