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Una: वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, खैर की अवैध तस्करी का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार
ऊना जिले के गगरेट क्षेत्र में वन विभाग ने सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए खैर की लकड़ी की अवैध तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। वन विभाग की टीम ने रात के समय गश्त के दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसमें खैर की लकड़ी के सात गोले (लॉग) बरामद किए गए।जानकारी के अनुसार वन खंड अधिकारी गगरेट नरेश कुमार तथा जाड़ला बीट के वन रक्षक विक्रांत कुमार रविवार तड़के क्षेत्र में रात्रि गश्त पर थे। इसी दौरान जाड़ला कोहड़ी क्षेत्र में एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को जांच के लिए रोका गया। तलाशी के दौरान वाहन से खैर की लकड़ी बरामद हुई। वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों से लकड़ी के कटान एवं परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई भी अनुमति पत्र या आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।वन विभाग ने सरकारी वन संपदा को नुकसान पहुंचाने और अवैध परिवहन के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल गगरेट पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वन विभाग द्वारा जब्त की गई लकड़ी, वाहन तथा दोनों आरोपियों को अपने कब्जे में ले लिया।पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की संबंधित धाराओं तथा भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। मामले की गहन जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि अवैध लकड़ी तस्करी के इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। डीएफओ ऊना ने इस कार्रवाई के बाद आम नागरिकों से वन संपदा की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जंगल और प्राकृतिक संसाधन हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि किसी भी क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई, वन संपदा की चोरी या लकड़ी के संदिग्ध परिवहन जैसी गतिविधियां दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही कहा कि समाज की जागरूकता और सहभागिता से ही वन माफिया तथा तस्करों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं हरित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
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