{"_id":"6ab10626752643764008c3e9","slug":"video-sirmaur-alzheimer-awareness-program-nahan-early-detection-better-care-2026-09-21","type":"video","status":"publish","title_hn":"सिरमौर में अल्जाइमर को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, शुरुआती पहचान से बेहतर देखभाल पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिरमौर में अल्जाइमर को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, शुरुआती पहचान से बेहतर देखभाल पर जोर
Ankesh Dogra
Updated Mon, 21 Sep 2026 03:55 PM IST
Link Copied
विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर मेडिकल कॉलेज नाहन परिसर में लोगों को अल्जाइमर रोग के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चितकारा यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बद्दी की तृतीय वर्ष की प्रशिक्षु छात्राओं ने लोगों को बीमारी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग ट्यूटर सिमरन चौहान ने बताया कि विश्व अल्जाइमर दिवस हर वर्ष 21 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बीमारी की जल्द पहचान, बेहतर देखभाल और भविष्य की तैयारी को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि अल्जाइमर एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। इसमें समय के साथ व्यक्ति की याददाश्त, सोचने-समझने और रोजमर्रा के कार्य करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
जागरूकता कार्यक्रम में प्रशिक्षु छात्राओं ने अल्जाइमर के संभावित शुरुआती संकेतों के बारे में भी जानकारी दी। इनमें हाल में हुई बातचीत या घटनाओं को बार-बार भूलना, एक ही सवाल को दोहराना और परिचित लोगों या स्थानों को पहचानने में परेशानी जैसे लक्षण शामिल बताए गए।
इसके अलावा समय और स्थान को लेकर भ्रम, रोजमर्रा के काम करने में कठिनाई तथा बातचीत के दौरान सही शब्द याद न आना भी शुरुआती संकेतों में शामिल हो सकते हैं।
छात्राओं ने बताया कि अल्जाइमर किसी एक विटामिन या पोषक तत्व की कमी के कारण नहीं होता। बीमारी में मस्तिष्क में असामान्य प्रोटीन के जमा होने और तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संचार प्रभावित होने जैसी प्रक्रियाओं की भूमिका बताई गई।
कार्यक्रम में मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह भी दी गई। इसके तहत नियमित सैर, योग और व्यायाम, संतुलित आहार लेने, किताबें पढ़ने और नई चीजें सीखने जैसी गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
छात्राओं ने लोगों को रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित रखने तथा धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहने की सलाह भी दी। परिवार और दोस्तों के साथ सामाजिक रूप से जुड़े रहना भी मानसिक रूप से सक्रिय रहने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह समझाना रहा कि याददाश्त और व्यवहार में लगातार होने वाले बदलावों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय सलाह और उचित देखभाल की दिशा में कदम उठाना जरूरी है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।