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एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो रामपुर में होगा चक्का जाम और जन आंदोलन
Ankesh Dogra
Updated Thu, 22 Oct 2026 02:27 PM IST
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उपमंडल रामपुर की नोग वैली के रायशरण में हुए बस हादसे के बाद जन अधिकार मंच ने सरकार से ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के रामपुर डिपो में बसों की कमी दूर करने की मांग उठाई है। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र के लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। मांगें पूरी नहीं होने पर चक्का जाम और जन आंदोलन शुरू करने की भी चेतावनी दी गई है।
नोग वैली की सड़कों में सुधार की मांग को लेकर जन अधिकार मंच के पदाधिकारियों ने वीरवार को तहसीलदार रामपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत और परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।
पूर्व पंचायत प्रधान डंसा देशराज हुडन ने कहा कि बीते 9 अक्तूबर को रायशरण संपर्क मार्ग पर हुए बस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्होंने क्षेत्र की खराब सड़कों को हादसों का एक प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि सड़कों में सुधार के लिए बार-बार ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, लेकिन स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि नोग वैली की सुंडा-सनेई, डंसा-लालसा, डंसा-पनोली, ओडा-सुंडा और बेसड़ी-उरू-उमरी सड़कें खस्ताहाल हैं। इन मार्गों पर दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। उन्होंने चिंता जताई कि हाल ही में सरकार के कई मंत्री और लोक निर्माण मंत्री रामपुर में मौजूद थे, लेकिन उनके अनुसार किसी ने भी इस हादसे पर प्रतिक्रिया नहीं दी।
जन अधिकार मंच ने दुर्घटना के लिए परिवहन व्यवस्था में कथित लापरवाही, पुरानी एवं तकनीकी रूप से अनफिट बसों के संचालन और सड़कों की खराब हालत को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। मंच ने ग्रामीण रूटों पर चल रही नौ वर्ष से अधिक पुरानी बसों को हटाने और रामपुर डिपो को 15 नई बसें आवंटित करने की मांग उठाई है।
मंच के अनुसार, रामपुर डिपो में 11 से अधिक ऐसी बसें हैं, जिनकी वैल्यू शून्य हो चुकी है। इन बसों को ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं भेजा जाना चाहिए। इसके अलावा डिपो में रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति या प्रतिनियुक्ति करने की मांग भी की गई है, ताकि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।
मंच ने दुर्घटना संभावित स्थलों यानी ब्लैक स्पॉट पर क्रैश बैरियर, पैरापिट, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। इन कार्यों को 10 दिनों के भीतर पूरा करने की मांग उठाई गई है, ताकि भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके।
इसके साथ ही मंच ने रायशरण बस हादसे की एसडीएम स्तर पर 10 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच करवाने और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
जन अधिकार मंच ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर नोग घाटी के युवक मंडलों, महिला मंडलों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से अनिश्चितकालीन धरना, चक्का जाम और क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बीडीसी सदस्य रचोली ईशा, धर्म पाल, लेख राज नेगी, पवन जोक्टा, किशोर हुडन, मयंक गुप्ता, सुरजीत और निवेदिता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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