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रामपुर बुशहर: नागजुब्बल-शिमला बस सेवा अनियमित, 15 से 20 पंचायतों के लोग परेशान; 70 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित
हिमाचल पथ परिवहन निगम की नागजुब्बल–शिमला बस सेवा नियमित रूप से न चलने के कारण कुमारसैन तहसील की करीब 15 से 20 पंचायतों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस सेवा प्रभावित होने से आम लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ागांव में पढ़ने वाले करीब 60 से 70 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
इस समस्या को लेकर संबंधित पंचायतों के प्रतिनिधियों, स्कूल प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उपमंडल अधिकारी कुमारसैन को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि नागजुब्बल–शिमला बस सेवा को नियमित रूप से चलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इस दौरान ग्राम पंचायत जंजैली के प्रधान कैलाश चौहान भी मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नागजुब्बल–शिमला बस सेवा क्षेत्र की कई पंचायतों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। ग्राम पंचायत जंजैली, बनाहर और शिवान सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थी इसी बस के माध्यम से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ागांव पहुंचते हैं।
बस समय पर नहीं आने के कारण विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में दिक्कत होती है। इससे उनकी नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन समिति की प्रधान पूनम, बनाहर के पूर्व उपप्रधान धर्म सिंह और सदस्य अनु सहित अन्य स्थानीय लोगों ने बताया कि जंजैली, चमोलाखड्ड, कंडा, तीनीधार और शिवान खड्ड समेत विभिन्न क्षेत्रों के बच्चे स्कूल आने-जाने के लिए इसी बस सेवा पर निर्भर हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बस सेवा बाधित होने पर अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए निजी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ता है। इससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्प होने के कारण यह समस्या विद्यार्थियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बनी हुई है। बस नियमित न चलने से लोगों को अपने दैनिक कार्यों, जरूरी यात्राओं और अन्य आवश्यक कामों के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
स्कूल प्रबंधन समिति के प्रतिनिधियों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन, हिमाचल पथ परिवहन निगम तथा प्रदेश सरकार से मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि नागजुब्बल–शिमला बस सेवा को नियमित किया जाना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो और क्षेत्र की पंचायतों के लोगों को सुचारु आवागमन की सुविधा मिल सके।
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