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रामपुर बुशहर: उपायुक्त सोनाक्षी सिंह तोमर ने खुद चलाया अग्निशमन यंत्र, आग बुझाने का लिया प्रशिक्षण
Ankesh Dogra
Updated Fri, 16 Oct 2026 02:37 PM IST
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जिला प्रशासन किन्नौर और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के संयुक्त तत्वावधान में वीरवार को महात्मा गांधी पार्क, रिकांगपिओ में अग्नि सुरक्षा पर मॉक ड्रिल एवं जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। उपायुक्त किन्नौर सोनाक्षी सिंह तोमर की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में आगजनी की घटनाओं से बचाव, अग्निशमन उपकरणों के सही इस्तेमाल और आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला के दौरान अग्निशमन केंद्र रिकांगपिओ के अधिकारी सुंदर नेगी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में उठाए जाने वाले जरूरी कदमों की जानकारी दी। उन्होंने अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रदर्शन कर आग बुझाने की प्रक्रिया समझाई।
कार्यशाला का मुख्य आकर्षण उपायुक्त सोनाक्षी सिंह तोमर का स्वयं अग्निशमन उपकरण चलाकर आग बुझाने का अभ्यास करना रहा। उन्होंने उपकरणों के संचालन और उपयोग की प्रक्रिया को समझा।
उपायुक्त ने कहा कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से इस तरह का व्यावहारिक प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए नियमित प्रशिक्षण जरूरी है।
कार्यशाला में आग में झुलसे व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने और आपात स्थिति में स्वयं सहित अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों की जानकारी भी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि आग लगने पर घबराने के बजाय सतर्कता और सूझबूझ से काम लेना चाहिए।
समय रहते उचित कदम उठाने और उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों का सही इस्तेमाल करने से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया गया।
कार्यशाला में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की भूमिका और कार्यों की जानकारी भी साझा की गई। बताया गया कि डीडीएमए का उद्देश्य जिले में आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करना और आपदा से पहले, उसके दौरान तथा बाद में प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
इसके तहत आपदा प्रबंधन योजनाएं तैयार करना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना, प्रशिक्षण देना, जन-जागरूकता अभियान चलाना और मॉक ड्रिल के माध्यम से तैयारियों का आकलन करना शामिल है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से आपदाओं से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान, परिस्थितियों की निगरानी और संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाता है, ताकि आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किए जा सकें।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त-उपायुक्त विपन कुमार ठाकुर, जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के समन्वयक रजनीश, प्रशिक्षण समन्वयक सौरभ सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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