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बिलासपुर: सर्पदंश के हर मामले और मौत की तुरंत रिपोर्टिंग जरूरी, झंडूता बीएमओ ने स्वास्थ्य संस्थानों को दिए निर्देश
Ankesh Dogra
Updated Fri, 18 Sep 2026 02:45 PM IST
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बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश का खतरा बढ़ने के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों और स्वास्थ्य संस्थानों को सतर्क किया है। खंड चिकित्सा अधिकारी झंडूता डॉ. अतुल ने सर्पदंश को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बताते हुए क्षेत्र के सभी स्वास्थ्य संस्थानों और संबंधित स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से सर्पदंश के संदिग्ध एवं संभावित मामलों की तत्काल रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
उन्होंने सर्पदंश से होने वाली मौतों की भी तुरंत रिपोर्टिंग करने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मामलों की समय पर जानकारी मिलने से प्रभावित क्षेत्रों और संभावित हॉटस्पॉट की पहचान करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही जरूरत वाले क्षेत्रों में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता और उसके वितरण को सुनिश्चित करने में भी आसानी होती है।
डॉ. अतुल ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या स्थानीय उपचार पर निर्भर न रहें। प्रभावित व्यक्ति को बिना देरी नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान या अस्पताल पहुंचाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सर्पदंश एक चिकित्सकीय आपातस्थिति है। ऐसे मामलों में समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से गंभीर जटिलताओं और मृत्यु के जोखिम को कम किया जा सकता है। इसलिए सर्पदंश की घटना को मामूली समझकर घर पर उपचार करने या अस्पताल पहुंचने में देरी करना नुकसानदायक हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से बरसात के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। बारिश के मौसम में सांपों के अपने सामान्य ठिकानों से बाहर आने की संभावना रहती है। ऐसे में घरों, खेतों, घास और अन्य स्थानों पर काम करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
डॉ. अतुल ने स्वास्थ्य संस्थानों से भी कहा है कि सर्पदंश के मामलों पर नजर रखें और संदिग्ध या संभावित मामलों तथा मौतों की सूचना समय पर उपलब्ध करवाएं। इससे स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्र में स्थिति का आकलन करने और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग की इस अपील का उद्देश्य सर्पदंश के मामलों में समय पर उपचार और त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना है, ताकि गंभीर स्थिति बनने से पहले प्रभावित व्यक्ति को आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सके।
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