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घुमारवीं: मुंडखर में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम, मंत्री ने सुनीं जन-समस्याएं
ग्राम पंचायत पलासला के गांव मुंडखर में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने की। कार्यक्रम में बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी 100 से अधिक समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। शेष मामलों को समयबद्ध निपटारे के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। मंत्री ने कहा कि सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को जनता के घर-द्वार तक पहुंचाना और समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी व प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में पंचायत स्तर पर समस्याएं सुनी गई थीं और अब दूसरे चरण में शेष लंबित मामलों के समाधान के लिए दोबारा अभियान शुरू किया गया है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से वंचित न रहे। प्रदेश सरकार ने राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों में वर्षों से लंबित मामलों के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत अब तक प्रदेश भर में 5 लाख 20 हजार से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है। शेष मामलों को भी युद्ध स्तर पर सुलझाने के लिए जहां पद रिक्त हैं, वहां सेवानिवृत्त अधिकारियों को अस्थायी रूप से तैनात कर कार्य को गति दी जा रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे जनता के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का स्वरूप केवल मंत्री या विधायक तक सीमित नहीं होता, बल्कि फील्ड में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी सरकार का प्रतिनिधि होता है। यदि जमीनी स्तर पर ईमानदारी और संवेदनशीलता से कार्य किया जाए, तो अधिकांश समस्याओं का समाधान पंचायत या कार्यालय स्तर पर ही संभव है। मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्ष में मुंडखर गांव और आसपास के क्षेत्रों में एक करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि सड़कों, विद्यालय भवनों, रेन शेल्टर, डंगों, नालियों और अन्य आधारभूत संरचनाओं पर खर्च की गई है। सड़कों के निर्माण और सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को अस्पताल, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिल सके।
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