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सघन शहर में बसा एक जंगल, सिकंदरपुर पहाड़ी में ले सकते हैं प्रकृति का आनंद
सघन शहर में बसा एक जंगल, सिकंदरपुर पहाड़ी में ले सकते हैं प्रकृति का आनंद
- 80 एकड़ का वन क्षेत्र और तालाब शनिवार और रविवार की सुबह प्रकृति प्रेमी तलाशते हैं सुकून
पूनम
गुरुग्राम। ऊंची इमारतों, बढ़ते प्रदूषण वाले गुरुग्राम में एक जंगल लोगों को शांति और सुकून की जगह बन रहा है। सिकंदपुर गांव और डीएलएफ फेज वन के बीच एक प्राकृतिक वन क्षेत्र विकसित किया गया है। गुरुग्राम फरीदाबाद रोड पर करीब 80 एकड़ के सिकंदपुर पहाड़ी इलाके में बनाए गए प्राकृतिक जंगल सरीखे सघन पेड़ पौधे, झाड़ियों के साथ बने ट्रैक, जंगली फूलों, पौधों की प्राकृतिक खुशबू के बीच तालाब हर शनिवार और रविवार की सुबह आस-पास के लोगों और दिल्ली एनसीआर से आने वाले जंगल वॉक करने वाले समूह के लिए शांति, आनंद और प्रकृति के बीच जीने का लुत्फ देता है। इस वन क्षेत्र को जीएमडीए, पर्यावरण के लिए काम करने वाले संगठन सर्ज और आईएम गुड़गांव के पर्यावरणविदों से मिलकर विकसित किया है। डीएलएफ फेज वन के एच ब्लाॅक से इस वन क्षेत्र में जाया जा सकता है।
पहले जमा होती थी सीवेज गंदगी
सिकंदपुर मेट्रो स्टेशन से नजदीक इस क्षेत्र में पुराने समय में तालाब हुआ करता था। बाद में इस तालाब में सीवेज का गंदा पानी जमा होने लगा। सिकंदपुर पहाड़ी पर कूड़ा डंप किया जाता था। संगठनों ने मिलकर गंदे पानी को हटाकर तालाब की नई संरचना बनाई। प्राकृतिक ढलान वाला इलाका होने के कारण बारिश में यहां पानी स्वत: जमा होता है। नई झाड़ियां और पेड़ पौधे विकसित किए गए। अब यह इलाका सर्दियों में प्रवासी पक्षियों का अड्डा बन जाता है। तरह-तरह के पक्षी, छोटे वन्य जीव तितलियां और वन के पेड़ पौधों का आनंद यहां लेते हैं। टहलने और व्यायाम करने वालों के लिए कच्चा मगर दूर तक बना ट्रैक है तो बच्चों को ध्यान में रखते हुए, बांस और लकड़ियों की मदद से बच्चों के गेम और व्यायाम उपकरण भी बनाए गए है। यहां आने वालों को ऐसा लगता है कि कोलाहल भरे शहर के बीच जंगल में आकर समय बीता रहे हैं।
आईएम गुड़गांव की कोर कमेटी की सदस्य प्रीति संवालका ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल शनिवार और रविवार को भी यहां पर्याप्त सुरक्षा गार्छ होते हैं, इसलिए आम लोगों के लिए यह वन क्षेत्र शनिवार और रविवार को ही खुला रहता है। आगे इसे पूरे समय के लिए खोला जाएगा।
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