यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर अंबिकापुर कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सामने आई। गुरुवार को अंबिकापुर स्थित राजीव भवन में चुनाव प्रक्रिया के दौरान एक प्रत्याशी की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और काफी देर तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। बाद में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।
बताया गया कि यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रविशंकर नायक के नाम को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि रविशंकर नायक का नाम भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा से जुड़ी एक सूची में पदाधिकारी के तौर पर सामने आया है। इसी मुद्दे को लेकर राजीव भवन में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
पढे़ं: जनसंपर्क विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 22 अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले, यहां देखें लिस्टवहीं, रविशंकर नायक ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने
कहा कि उन्होंने कभी भाजपा की सदस्यता नहीं ली और न ही पार्टी में शामिल हुए हैं। उनका दावा है कि गलतफहमी के कारण भाजपा की सूची में उनका नाम जोड़ दिया गया और इसी आधार पर उनके खिलाफ भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने खुद को कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता बताते हुए अपनी उम्मीदवारी को सही बताया।
वरिष्ठ नेताओं ने संभाला मोर्चा
विवाद बढ़ने की जानकारी मिलने पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव भवन पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं से बातचीत कर मामला शांत कराया। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने भी स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
यूथ कांग्रेस चुनाव में प्रदेश महासचिव पद के उम्मीदवार अनुराग सिंह समेत अन्य प्रत्याशियों के समर्थक भी सक्रिय हैं। चुनाव से पहले प्रत्याशी की उम्मीदवारी को लेकर सामने आए विवाद ने संगठन के भीतर चल रही खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया है।
चुनाव अधिकारी (ZRO) आरिफ नवाज और स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारियों की मौजूदगी में मामला शांत होने के बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी। हालांकि, राजीव भवन में हुए इस घटनाक्रम ने यूथ कांग्रेस चुनाव से पहले पार्टी की अंदरूनी राजनीति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।