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पुरुष बैडमिंटन टीम को मिला कांस्य: 40 साल बाद लगातार दो एशियाड में आए पदक, सेमीफाइनल में चीन से मिली हार
Wed, 23 Sep 2026 04:19 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 23 Sep 2026 04:19 PM IST
सार
भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को चीन के खिलाफ सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। लेकिन टीम कांस्य पदक अपने नाम करने में सफल रही। 40 साल बाद ऐसा हुआ है जब पुरुष बैडमिंटन टीम ने एशियन गेम्स के लगातार दो संस्करण में पदक जीते हैं।
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सात्विक-चिराग
- फोटो : PTI
विस्तार
भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को सेमीफाइनल में चीन के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही पुरुष टीम कांस्य पदक अपने नाम करने में सफल रही। एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुनाना को युगल मैच में चीन के जी तिंग ही और यी लुई के हाथों 16-21, 21-17, 9-21 से हार मिली। इसके साथ ही भारत ने सेमीफाइनल मुकाबला गंवाया। पूरे मैच में चीन का दबदबा देखने मिला और इस तरह भारत को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
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सात्विक-चिराग ने दिखाया दम
भारत ने हांग्झू 2023 एशियन गेम्स में रजत पदक जीता था। तब उसे चीन के हाथों फाइनल में हार मिली थी। भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने 40 साल में पहली बार एशियन गेम्स के लगातार दो संस्करणों में पदक अपने नाम किए हैं। इससे पहले पुरुष टीम ने 1982 और 1986 एशियन गेम्स में कांस्य पदक अपने नाम किए थे। चीन के खिलाफ सेमीफाइनल में सिर्फ सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ही अपना मुकाबला जीत सकी। वहीं, लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों के सामने चुनौती पेश नहीं कर सके।
भारत ने हांग्झू 2023 एशियन गेम्स में रजत पदक जीता था। तब उसे चीन के हाथों फाइनल में हार मिली थी। भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने 40 साल में पहली बार एशियन गेम्स के लगातार दो संस्करणों में पदक अपने नाम किए हैं। इससे पहले पुरुष टीम ने 1982 और 1986 एशियन गेम्स में कांस्य पदक अपने नाम किए थे। चीन के खिलाफ सेमीफाइनल में सिर्फ सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ही अपना मुकाबला जीत सकी। वहीं, लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों के सामने चुनौती पेश नहीं कर सके।
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लक्ष्य नहीं कर सके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
भारत के सेमीफाइनल तक के सफर के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके और पहले एकल मुकाबले में दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी शी यू कि के खिलाफ 16-21, 18-21 से हार गए जिससे भारत 0-1 से पिछड़ गया। इसके बाद सात्विक और चिराग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पेरिस ओलंपिक के रजत पदक विजेता और मौजूदा विश्व चैंपियन लियांग वेई केंग और वांग चांग की जोड़ी को 21-11, 22-20 से हराया। पहले युगल मुकाबले में मिली इस जीत से भारत ने पांच मैच के इस मुकाबले में वापसी की और इचिनोमिया सिटी म्यूनिसिपल जिम्नेजियम में सेमीफाइनल को 1-1 से बराबर कर दिया।
भारत के सेमीफाइनल तक के सफर के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके और पहले एकल मुकाबले में दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी शी यू कि के खिलाफ 16-21, 18-21 से हार गए जिससे भारत 0-1 से पिछड़ गया। इसके बाद सात्विक और चिराग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पेरिस ओलंपिक के रजत पदक विजेता और मौजूदा विश्व चैंपियन लियांग वेई केंग और वांग चांग की जोड़ी को 21-11, 22-20 से हराया। पहले युगल मुकाबले में मिली इस जीत से भारत ने पांच मैच के इस मुकाबले में वापसी की और इचिनोमिया सिटी म्यूनिसिपल जिम्नेजियम में सेमीफाइनल को 1-1 से बराबर कर दिया।
आयुष शेट्टी ने किया निराश
भारत की उम्मीदें युवा आयुष शेट्टी पर टिकी थीं लेकिन दुनिया के 20वें नंबर के इस खिलाड़ी को दुनिया के 12वें नंबर के ली शी फेंग के खिलाफ दूसरे एकल मैच में 19-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा जिससे भारत 1-2 से पीछे हो गया। इसके बाद भारत को मुकाबले में बनाए रखने की जिम्मेदारी हरिहरन और एमआर अर्जुन की पुरुष युगल जोड़ी पर थी जिन्हें हे जी टिंग और लियू यी की जोड़ी से भिड़ना था। दुनिया की 25वें नंबर की भारतीय जोड़ी को कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा। चेन बोयांग के अचानक बीमार पड़ने के बाद अंतिम समय में टीम में शामिल किए गए जी टिंग और लियू ने भारतीय जोड़ी को 21-16, 17-21, 21-9 से हराकर चीन को मुकाबले में जीत दिलाई और फाइनल में जगह पक्की की।
भारत की उम्मीदें युवा आयुष शेट्टी पर टिकी थीं लेकिन दुनिया के 20वें नंबर के इस खिलाड़ी को दुनिया के 12वें नंबर के ली शी फेंग के खिलाफ दूसरे एकल मैच में 19-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा जिससे भारत 1-2 से पीछे हो गया। इसके बाद भारत को मुकाबले में बनाए रखने की जिम्मेदारी हरिहरन और एमआर अर्जुन की पुरुष युगल जोड़ी पर थी जिन्हें हे जी टिंग और लियू यी की जोड़ी से भिड़ना था। दुनिया की 25वें नंबर की भारतीय जोड़ी को कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा। चेन बोयांग के अचानक बीमार पड़ने के बाद अंतिम समय में टीम में शामिल किए गए जी टिंग और लियू ने भारतीय जोड़ी को 21-16, 17-21, 21-9 से हराकर चीन को मुकाबले में जीत दिलाई और फाइनल में जगह पक्की की।