वैशाली जिले के हाजीपुर अंचलाधिकारी कार्यालय में सोमवार को उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब जनता दरबार के लिए पहुंचे लोगों को काफी देर तक अधिकारी का इंतजार करना पड़ा। बिहार सरकार के निर्देश पर प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को जनता दरबार आयोजित किया जाना है। लोग अपनी समस्याएं लेकर समय पर कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन अंचलाधिकारी दोपहर 12:30 बजे तक कार्यालय नहीं पहुंचीं, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया।
नारेबाजी और गहमागहमी का माहौल
अंचलाधिकारी के कार्यालय नहीं पहुंचने से नाराज लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। जैसे ही अंचलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं, वैसे ही कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कुछ देर के लिए कार्यालय परिसर में गहमागहमी का माहौल बन गया, जिससे कामकाज प्रभावित हुआ।
लोगों ने जताई अपनी नाराजगी
हंगामे के दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा एक सप्ताह पहले घोषणा की गई थी कि राज्य में सभी स्तर के अधिकारी जनता दरबार लगाकर समस्याओं की सुनवाई करेंगे। इसके बावजूद वह पिछले एक महीने से अपने काम के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहा है। उसने बताया कि एक नोटिस पर अंचलाधिकारी के हस्ताक्षर कराने हैं, लेकिन बार-बार प्रयास के बावजूद काम नहीं हो पा रहा है। उसने यह भी कहा कि कार्यालय में कई कर्मचारी मौजूद हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।
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अंचलाधिकारी ने दी सफाई
इस पूरे मामले पर हाजीपुर की अंचलाधिकारी ने कहा कि सोमवार और शुक्रवार को नियमित रूप से जनता दरबार लगाया जाता है। उन्होंने बताया कि जनता दरबार आयोजित था, लेकिन विभागीय कार्य के तहत ओएसडी सोनी मैडम के साथ सुबह 10:30 बजे फील्ड में जाना पड़ा था, जिससे कार्यालय पहुंचने में देर हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि लोगों ने हंगामा किया है, लेकिन अब सभी की समस्याएं सुनी जाएंगी और जो मामले तत्काल निपटाने योग्य होंगे, उन्हें तुरंत सुलझाया जाएगा।
जमीन नापी में पैसे मांगने के आरोप पर जवाब
लोगों द्वारा जमीन नापी में पैसे मांगे जाने के आरोप पर अंचलाधिकारी ने कहा कि अब सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन हैं और किसी को पैसा देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि लोग ऑनलाइन आवेदन करें और यदि उसके बाद भी काम नहीं होता है, तब शिकायत दर्ज कराई जाए।