{"_id":"a7c60143f94f605755ab34265f288381","slug":"kidnapped-young-man-11-days-after-not-even-clue-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहृत युवक का 11 दिन बाद भी नहीं लगा सुराग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अपहृत युवक का 11 दिन बाद भी नहीं लगा सुराग
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 11 Jan 2016 07:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर से सटे गांव छाउछ निवासी अपहृत हुए एक युवक का 11 दिन बाद भी पुलिस पता नहीं लगा सकी है, जिससे परिवार वालों की चिंताएं बढ़ती जा रही है। परेशान हाल परिवार वालों ने पुलिस की सुस्ती से तंग आकर सोमवार को एसपी से गुहार लगाते हुए मामले की एसटीएफ, क्राइम ब्रांच से जांच कराने की मांग की है।
एक जनवरी 2016 की शाम करीब पांच बजे छाउछ निवासी 28 वर्षीय जितेंद्र वर्मा उर्फ जीतू हरगांव जाने की बात कहकर अपनी कार से निकला था। इसके बाद दूसरे दिन उसकी कार हरगांव में मिल के पास से बरामद हुई थी, जिसमें उसका मोबाइल भी मिला। इसके बाद मामले की गुमशुदगी हरगांव थाने में दर्ज कराई गई, जिसके बाद सात जनवरी को परिवार वालों ने सदर कोतवाली में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।
अब तक पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसकी आखिरी लोकेशन बसैगापुर के पास ट्रेस की है, जिसके बाद की लोकेशन पुलिस पता नहीं लगा सकी है। वादी एवं अपहृत युवक के भाई सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि एक जनवरी को करीब सवा छह बजे उसने अपनी पत्नी से बात की थी, जिसमें उसके साथ कुछ और लोगों की बातचीत सुनाई दी थी। कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच एलआरपी चौकी इंचार्ज को सौपी गई है। संदेह के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की गई है, लेकिन अभी कोई महत्वपूर्ण क्लू हाथ नहीं लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक जनवरी 2016 की शाम करीब पांच बजे छाउछ निवासी 28 वर्षीय जितेंद्र वर्मा उर्फ जीतू हरगांव जाने की बात कहकर अपनी कार से निकला था। इसके बाद दूसरे दिन उसकी कार हरगांव में मिल के पास से बरामद हुई थी, जिसमें उसका मोबाइल भी मिला। इसके बाद मामले की गुमशुदगी हरगांव थाने में दर्ज कराई गई, जिसके बाद सात जनवरी को परिवार वालों ने सदर कोतवाली में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
अब तक पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसकी आखिरी लोकेशन बसैगापुर के पास ट्रेस की है, जिसके बाद की लोकेशन पुलिस पता नहीं लगा सकी है। वादी एवं अपहृत युवक के भाई सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि एक जनवरी को करीब सवा छह बजे उसने अपनी पत्नी से बात की थी, जिसमें उसके साथ कुछ और लोगों की बातचीत सुनाई दी थी। कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच एलआरपी चौकी इंचार्ज को सौपी गई है। संदेह के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की गई है, लेकिन अभी कोई महत्वपूर्ण क्लू हाथ नहीं लगा है।
विज्ञापन