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आरोपी पांच पुलिस कर्मियों की तलाश में छूट रहे पसीने
ब्यूरो/अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 06 Apr 2016 11:25 PM IST
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पुलिस
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आरोपी पांच पुलिस कर्मियों
की तलाश में छूट रहे पसीने
लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव राजापुर निवासी कमला देवी के पति कामता के एनकाउंटर के मामले में आरोपी पांच पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए सीओ सिटी एमपी सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर दी गई है। सीजेएम कोर्ट ने पांचों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर 20 अप्रैल तक पेश करने का समय दिया है। एनकाउंटर मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों के रिटायर हो जाने के चलते उनका पता न होने की बात पुलिस कह रही है।
राजापुर निवासी कमला देवी ने कोर्ट के समक्ष कहा था कि 27 साल पहले 30 मई 1989 को राजापुर पुलिस चौकी इंचार्ज राजभारत सिंह परिहार, सिपाही अशोक और लल्लूराम ने घर में घुसकर उसके पति कामता को उठा ले गए थे। इसके बाद पुलिस ने उसका एनकांउटर कर दिया था। पुलिस ने उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन उस पर आबकारी एक्ट का मुकदमा चल रहा था। इस मामले में कमला देवी ने फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली थी। इसके बाद तारीख पर तारीख लगती रहीं, लेकिन आरोपी पुलिसकर्मी एक बार भी कोर्ट की चौखट पर हाजिर नहीं हुए। आरोपी पुलिसकर्मियों के लगातार गैरहाजिर रहने पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। फिर भी कोई असर नहीं हुआ। कोर्ट के आदेश बेअसर होने पर कुर्की के आदेश हुए, लेकिन इस पर भी नियत तिथि तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा सीजेएम कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए चार मार्च 2016 को आदेश जारी कर सीओ स्तर की टीम गठित करने और पांचों आरोपी पुलिसकर्मियों को कोर्ट में हाजिर करने के निर्देश दिए। एसपी अखिलेख चौरसिया ने इस मामले में सीओ सिटी एमपी सिंह की अगुवाई में टीम गठित कर दी है, लेकिन अभी टीम अंधेरे में तीर चला रही हैैै या फिर आरोपी पुलिसकर्मियों को बचा रही है।
सीओ सिटी एमपी सिंह का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मी रिटायर हो चुके हैं। तत्कालीन पते पर संपर्क किया जा चुका हैै, जहां वे लोग नहीं मिले। 20 अप्रैल तक कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का समय है, तब तक तलाश जारी रहेगी।
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की तलाश में छूट रहे पसीने
लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव राजापुर निवासी कमला देवी के पति कामता के एनकाउंटर के मामले में आरोपी पांच पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए सीओ सिटी एमपी सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर दी गई है। सीजेएम कोर्ट ने पांचों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर 20 अप्रैल तक पेश करने का समय दिया है। एनकाउंटर मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों के रिटायर हो जाने के चलते उनका पता न होने की बात पुलिस कह रही है।
राजापुर निवासी कमला देवी ने कोर्ट के समक्ष कहा था कि 27 साल पहले 30 मई 1989 को राजापुर पुलिस चौकी इंचार्ज राजभारत सिंह परिहार, सिपाही अशोक और लल्लूराम ने घर में घुसकर उसके पति कामता को उठा ले गए थे। इसके बाद पुलिस ने उसका एनकांउटर कर दिया था। पुलिस ने उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन उस पर आबकारी एक्ट का मुकदमा चल रहा था। इस मामले में कमला देवी ने फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली थी। इसके बाद तारीख पर तारीख लगती रहीं, लेकिन आरोपी पुलिसकर्मी एक बार भी कोर्ट की चौखट पर हाजिर नहीं हुए। आरोपी पुलिसकर्मियों के लगातार गैरहाजिर रहने पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। फिर भी कोई असर नहीं हुआ। कोर्ट के आदेश बेअसर होने पर कुर्की के आदेश हुए, लेकिन इस पर भी नियत तिथि तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा सीजेएम कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए चार मार्च 2016 को आदेश जारी कर सीओ स्तर की टीम गठित करने और पांचों आरोपी पुलिसकर्मियों को कोर्ट में हाजिर करने के निर्देश दिए। एसपी अखिलेख चौरसिया ने इस मामले में सीओ सिटी एमपी सिंह की अगुवाई में टीम गठित कर दी है, लेकिन अभी टीम अंधेरे में तीर चला रही हैैै या फिर आरोपी पुलिसकर्मियों को बचा रही है।
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सीओ सिटी एमपी सिंह का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मी रिटायर हो चुके हैं। तत्कालीन पते पर संपर्क किया जा चुका हैै, जहां वे लोग नहीं मिले। 20 अप्रैल तक कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का समय है, तब तक तलाश जारी रहेगी।
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