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जहरीला पदार्थ खाए दलित की इलाज के दौरान मौत
अमर उजाला ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)।
Updated Sun, 02 Oct 2016 11:42 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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पिता ने लगाया मित्र और उसके भाई पर प्रताड़ित करने का आरोप, रिपोर्ट दर्ज
नगर के स्टेशन रोड स्थित गोकर्ण वार्ड निवासी जहरीला पदार्थ खाने वाले दलित युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतक के पिता ने मित्र और उसके भाई पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
स्टेशन रोड निवासी मौजीराम के 22 वर्षीय पुत्र अशोक कुमार ने 30 सितंबर की दोपहर को संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसे सीएचसी ले जाया गया। सुधार न होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। पिता ने मृतक अशोक कुमार के मित्र अमित त्रिपाठी, उसके बड़े भाई राकेश त्रिपाठी और बहनोई पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मृतक के पिता मौजीराम ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि उनका पुत्र अशोक कुमार लगभग आठ वर्षों से अपने मित्र अमित त्रिपाठी निवासी मोहल्ला तीर्थ के यहां नौकरी करता है। काफी घुलमिल जाने के कारण वह रात दिन उन्हीं के यहां रहता और खाता पीता था। कभी कभार ही वह घर आता था। अशोक अपने मित्र अमित के साथ उसके बड़े भाई राकेश त्रिपाठी का व्यापार देेखता था। अशोक के गलत संगत में पड़ने के कारण उसे एक रिश्तेदार के यहां नोएडा काम करने के लिए भेज दिया गया था। 30 सितंबर की दोपहर को मृतक के दोस्त अमित ने फोन करके बताया कि अशोक शराब पीकर बवाल कर रहा है। उसके बाद शाम साढ़े तीन बजे अमित के पिता श्रीराम त्रिपाठी ने घर आकर बताया कि अशोक ने जहरीला पदार्थ खा लिया है, जिसे उनके बड़े पुत्र राकेश त्रिपाठी और दामाद अस्पताल ले गए हैं। जबकि मृतक का एक भाई अमित के मकान से कुछ दूरी पर काम करता है, उसे भी इसकी सूचना नहीं दी गई।
सूचना मिलने पर परिवार वाले शाम साढ़े पांच बजे लखीमपुर जिला अस्पताल पहुंचे जहां बताया गया कि अशोक की जहर खाने से लगभग चार बजे मौत हो चुकी है। अस्पताल में अशोक के शव के पास किसी को न पाकर अमित को फोन किया गया तो पता चला कि वह शाहजहांपुर अपनी बहन को लेने गया है। मृतक के पिता ने अमित, उसके बड़े भाई राकेश त्रिपाठी और बहनोई पर मानसिक, शारीरिक प्रताड़ित करते हुए जहर देने या आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने धारा 306 और एससीएसटी के तहत तीनों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कर लिया है। दलित पर प्रताड़ना का मामला होने के कारण इसकी जांच सीओ को सौंपी गई है।
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नगर के स्टेशन रोड स्थित गोकर्ण वार्ड निवासी जहरीला पदार्थ खाने वाले दलित युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतक के पिता ने मित्र और उसके भाई पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
स्टेशन रोड निवासी मौजीराम के 22 वर्षीय पुत्र अशोक कुमार ने 30 सितंबर की दोपहर को संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसे सीएचसी ले जाया गया। सुधार न होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। पिता ने मृतक अशोक कुमार के मित्र अमित त्रिपाठी, उसके बड़े भाई राकेश त्रिपाठी और बहनोई पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मृतक के पिता मौजीराम ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि उनका पुत्र अशोक कुमार लगभग आठ वर्षों से अपने मित्र अमित त्रिपाठी निवासी मोहल्ला तीर्थ के यहां नौकरी करता है। काफी घुलमिल जाने के कारण वह रात दिन उन्हीं के यहां रहता और खाता पीता था। कभी कभार ही वह घर आता था। अशोक अपने मित्र अमित के साथ उसके बड़े भाई राकेश त्रिपाठी का व्यापार देेखता था। अशोक के गलत संगत में पड़ने के कारण उसे एक रिश्तेदार के यहां नोएडा काम करने के लिए भेज दिया गया था। 30 सितंबर की दोपहर को मृतक के दोस्त अमित ने फोन करके बताया कि अशोक शराब पीकर बवाल कर रहा है। उसके बाद शाम साढ़े तीन बजे अमित के पिता श्रीराम त्रिपाठी ने घर आकर बताया कि अशोक ने जहरीला पदार्थ खा लिया है, जिसे उनके बड़े पुत्र राकेश त्रिपाठी और दामाद अस्पताल ले गए हैं। जबकि मृतक का एक भाई अमित के मकान से कुछ दूरी पर काम करता है, उसे भी इसकी सूचना नहीं दी गई।
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सूचना मिलने पर परिवार वाले शाम साढ़े पांच बजे लखीमपुर जिला अस्पताल पहुंचे जहां बताया गया कि अशोक की जहर खाने से लगभग चार बजे मौत हो चुकी है। अस्पताल में अशोक के शव के पास किसी को न पाकर अमित को फोन किया गया तो पता चला कि वह शाहजहांपुर अपनी बहन को लेने गया है। मृतक के पिता ने अमित, उसके बड़े भाई राकेश त्रिपाठी और बहनोई पर मानसिक, शारीरिक प्रताड़ित करते हुए जहर देने या आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने धारा 306 और एससीएसटी के तहत तीनों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कर लिया है। दलित पर प्रताड़ना का मामला होने के कारण इसकी जांच सीओ को सौंपी गई है।
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