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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Five days missing mother and son The bodies recovered in Ramganga

पांच दिन से लापता मां-बेटे के शव रामगंगा में बरामद

Wed, 20 May 2015 11:37 PM IST
दातागंज
दातागंज Updated Wed, 20 May 2015 11:37 PM IST
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पांच दिन से लापता मां और उसके मासूम बेटे की रामगंगा में लाश बरामद हुईं। पुलिस को शक है कि महिला के पति ने ही दोनों की हत्या कर लाश गंगा में फेकी हैं, लेकिन पति ने पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया है। उसका कहना है कि मासूम बेटे को तो पहले पत्नी ने मार डाला था। इसके बाद उसने अपने भाई की मदद से पत्नी की हत्या कर दोनों के शव रामगंगा में बहा दिए। पुलिस ने पति और उसके भाई को हिरासत में ले लिया है। दोनों की निशानदेही पर मां-बेटे के कंकाल बन चुके शव गंगा से बरामद कर लिए। जिस स्थान पर दोनों की लाशें फेकी गईं थीं, वहां से बहकर वह करीब दो-तीन किमी दूर तक चली गईं। मां-बेटे की हत्या की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई है।
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सनसनीखेज वारदात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेलाडांडी के मजरा प्रानपुर की है। गांव निवासी झंडू की पत्नी मीना (38) और उसका तीन साल का बेटा सनोज 16 मई से लापता थे। दोनों के लापता होने की खबर पूरे गांव में फैल गई थी। तरह-तरह की बातें हो रहीं थीं। किसी तरह इसकी सूचना पुलिस तक पहुंची। पुलिस को पता चला कि मीना और सनोज की हत्या कर लाशें गंगा नदी में फेंक दी गईं हैं। पुलिस ने शक के आधार पर झंडू और उसके भाई साधू के लिए बुधवार को हिरासत में ले लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर सारी सच्चाई सामने आ गई। पुलिस के अनुसार झंडू की निशानदेही पर मीना और उसके बेटे सनोज के कंकाल बन चुके शव को चापरकोरा के निकट गंगा नदी की झाड़ियाें से बराबद कर लिए गए।  
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ये कहना है आरोपी का
पुलिस हिरासत में झंडू सिंह ने बताया कि वह पंजाब में मजदूरी करता था। पैसे इकट्ठा होने पर वह गांव आता था। कुछ दिनों पहले मीना ने उसे गेहूं की कटाई करने की बात कहकर बुलाया था। वह गांव आया। बोला, गांव आने के बाद पत्नी मीना अक्सर रोजाना ही उससे किसी ने किसी बात पर झगड़ती थी। 16 मई को झगड़ा होने के बाद मीना कमरे में बंद हो गई। उसने अंदर से दरवाजा बंद कर रखा था। उसने बेटे सनोज की गला दबाकर हत्या कर दी। बेटे की चीख सुनने के बाद उन्होंने दरवाजे को तोड़ दिया। फिर उसने भाई साधू की मदद से मीना को मारने पीटने के बाद गला दबाकर मार डाला। फिर दोनों शव गंगा नदी में बहा दिए।  
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प्रभारी निरीक्षक जेके तोमर का कहना है कि उन्हें लग रहा है कि दोनों की हत्या झंडू सिंह और उसके भाई साधू ने की है। बोले, शायद इन दोनों को इस बात का अहसास नहीं था कि घटना का खुलासा हो जाएगा। इसीलिए वह गांव में आराम से रह रहे थे, लेकिन गांव में मां-बेटे के मार दिए जाने की चर्चाएं जोरों पर थीं। सो पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर उनकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिए हैं।
18 साल पहले बंगाल से लाया था मीना को
झंडू सिंह ने बताया कि वह लगभग 18 साल पहले मीना को बंगाल से लेकर आया था। तब से वह खुशी-खुशी रहते थे। वह काम करने को पंजाब चला गया। इस बीच मीना किसी के साथ भाग गई। अपने साथ जेवर भी ले गई। बाद में वह घर लौट आई। हाल ही में मीना ने उसे गेहूं की कटाई की बात कहकर पंजाब से बुला लिया था,  लेकिन रोजाना ही उससे लड़ती थी। इस बात को लेकर वह भी परेशान था।
पैसे के लालच में बेटी की दूसरी बिरादरी में कर दी थी शादी
झंडू सिंह ने पुलिस को यह भी बताया कि पैसे की कमी के कारण उसने अपनी बड़ी बेटी की शादी दूसरी बिरादरी के लड़के के साथ कर दी थी। हालांकि पुलिस इसे सच नहीं मान रही।

तीन बच्चे हो गए अनाथ
झंडू सिंह पत्नी और बेटे की हत्या के आरोप में पुलिस हिरासत में है और जेल चला जाएगा। किंतु उसके तीन बच्चे मनोज, अन्नी और माया हैं। मां की हत्या और पिता के जेल जाने के बाद यह तीनों बच्चे भी अनाथ हो गए हैं। झंडू का भाई साधू भी जेल जाएगा। गांव वालों की जुवान पर यही शब्द थे कि अब कौन इन बच्चों का पालन-पोषण करेगा।

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