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नई परंपरा बताकर चादर जुलूस रोका, तनाव
बरेली।
Updated Tue, 28 Nov 2017 02:19 AM IST
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हंगामा
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चंदपुर काजियान गांव से उर्स-ए-शाह शराफत मियां के मौके पर मजार पर जा रहे चादर जुलूस को रोक दिया गया। दूसरे समुदाय केे लोग गांव के बाहर इकट्ठे हो गए और नई परंपरा बतातेे हुए गांव की सीमा पर जुलूस रोक दिया। जुलूस रुकने की खबर के बाद दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए और उनमें बाद-विवाद होने लगा। इससे तनाव पैैदा हो गया। सूचना पर सीओ (द्वितीय) सीमा यादव कुछ ही देर में सीबीगंज थाने से पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने दोनों पक्षों के बुजुर्गों से बात की तो पता चला कि जुलूस पहली बार ही निकाला जा रहा है। इस पर पुलिस ने जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई। एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
चंदपुर काजियान से सोमवार दोपहर चादर जुलूस शुुरू हुआ, जो चंदपुर जोगियान गांव होते हुए सरनिया गांव पहुंचा। इसे पस्तौर गांव के रास्ते से होकर सीबीगंज पहुंचना था। जुलूस निकलने की खबर पर बड़ी संख्या में दूसरे समुदाय के लोग पस्तौर गांव की सीमा पर आकर खड़े हो गए और जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया। जुलूस निकाल रहे लोगों ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैैसे दोनों पक्षों के लोगों को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने जुलूस की अगुवाई कर रहे शरीफ अहमद से पूछा कि इससे पहले जुलूस कब निकला था तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर पुलिस ने इसे नई परंपरा माना और जुलूस निकालने पर रोक लगा दी। सीओ ने जुलूस में शामिल लोगों को वापस भेज दिया और दोबारा विवाद की स्थिति न बने, इसलिए गांव मेें पुलिस तैनात कर दी।
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चंदपुर काजियान से सोमवार दोपहर चादर जुलूस शुुरू हुआ, जो चंदपुर जोगियान गांव होते हुए सरनिया गांव पहुंचा। इसे पस्तौर गांव के रास्ते से होकर सीबीगंज पहुंचना था। जुलूस निकलने की खबर पर बड़ी संख्या में दूसरे समुदाय के लोग पस्तौर गांव की सीमा पर आकर खड़े हो गए और जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया। जुलूस निकाल रहे लोगों ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैैसे दोनों पक्षों के लोगों को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने जुलूस की अगुवाई कर रहे शरीफ अहमद से पूछा कि इससे पहले जुलूस कब निकला था तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर पुलिस ने इसे नई परंपरा माना और जुलूस निकालने पर रोक लगा दी। सीओ ने जुलूस में शामिल लोगों को वापस भेज दिया और दोबारा विवाद की स्थिति न बने, इसलिए गांव मेें पुलिस तैनात कर दी।
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