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राशन माफिया का एक और खेल पकड़ा गोदाम सीज
बरेली।
Updated Sat, 27 May 2017 01:28 AM IST
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राशन माफिया का एक और खेल पकड़ा गोदाम सीज
- फोटो : राशन माफिया का एक और खेल पकड़ा गोदाम सीज
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भुता।
सरकार से गरीबों के लिए सस्ती दर पर मुहैया कराये जा रहे राशन (गेंहू-चावल) खुले बाजार और सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचकर बड़ा मुनाफा कमाने वालों के एक और गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। यूपी 100 की सूचना पर भुता पुलिस ने परौली गांव के पास किसान के झाले में अवैध रूप से बने गोदाम के सामने एक पिकअप को पकड़ा। उसमें भारी मात्रा में सरकारी गेहूं चावल का स्टाक मिला। पुलिस को देख कर पिकअप चालक समेत गोदाम पर मौजूद लोग भाग निकले। पिकअप में बैठे भुता के आढ़ती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। देर शाम पुलिस और पूर्ति विभाग के अफसर मौके पर जमे थे।
भुता थाने से संबद्ध यूपी 100 में ड्यूटी पर मौजूद दरोगा जयकीरत सिंह को शुक्रवार दोपहर बाद सूचना मिली कि एक पिकअप गाड़ी में भरकर राशन का गेहूं भुता से परौली की ओर जा रहा है। इस पर यूपी 100 टीम ने संबंधित स्थान पर मूवमेंट बढ़ा दिया। पिकअप दिखी तो टीम ने उसका पीछा शुरू कर दिया। पिकअप परौली के पास सरबजीत सिंह के झाले में बने एक गोदाम के सामने रुकी और इसमें मौजूद लोग उतरकर पिकअप से बोरियां उतारने लगे। इसी बीच पुलिस ने छापा मारा तो भगदड़ मच गई। पिकअप ड्राइवर समेत अन्य लोग फरार हो गए जबकि पिकअप में बैठे व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ लिया। वह भुता का निवासी आढ़ती रामबाबू गुप्ता निकला जो माल लेकर गोदाम में आया था। पुलिस को पिकअप में 60 बोरी राशन का गेहूं मिला। सूचना पर एसओ भुता विजय प्रताप सिंह भी पहुंच गए। गोदाम खुलवाया तो उसमें 1133 बोरी खाद्यान्न था। बताया गया कि इनमें से 176 बोरी में सरकारी कोटे पर मिलने वाला चावल और बाकी बोरियों में इसी श्रेणी का गेहूं है। इनमें से करीब 80 बोरियों पर आरएमएस की मुहर भी लगी थी, यानि इन्हें सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर बेचा जाना था। देर शाम पूर्ति विभाग से निरीक्षक पशुपति देव ने मौके पर पहुंचकर खाद्यान्न को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी तो सीओ फरीदपुर नीति द्विवेदी भी मौके पर पहुंच गई थीं। एसडीएम ज्योति गौतम ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। डीएम से अनुमति के बाद मुकदमा दर्ज होगा
सिस्टम की सेटिंग से लगा रहे थे सरकार को चूना
सरकारी राशन भरा अवैध गोदाम और वाहन पकड़े जाने से राशन माफिया और सरकारी विभागों की जबर्दस्त सेटिंग का खुलासा हुआ है तो यह भी साफ हुआ है कि किस तरह सरकारी तंत्र ही सरकार को चूना लगा रहा था। सूत्र बताते हैं कि गरीबों के लिए आने वाला गेहूं राशन कोटेदारों से हजार या 1100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदकर धंधेबाज गोदाम तक लाते थे। इस गोदाम में इन बोरियों को खाली किया जाता था। बाद में गेहूं क्रय केंद्र संचालकों की मदद से मिलीं आरएमएस की मुहर वाली बोरियों में भरकर यही गेहूं सरकारी खरीद केंद्र पर 1625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा था। कायदे से पूछताछ हो तो कई बड़ी गर्दनें इस फंदे में फंस सकती हैं।
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सरकार से गरीबों के लिए सस्ती दर पर मुहैया कराये जा रहे राशन (गेंहू-चावल) खुले बाजार और सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचकर बड़ा मुनाफा कमाने वालों के एक और गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। यूपी 100 की सूचना पर भुता पुलिस ने परौली गांव के पास किसान के झाले में अवैध रूप से बने गोदाम के सामने एक पिकअप को पकड़ा। उसमें भारी मात्रा में सरकारी गेहूं चावल का स्टाक मिला। पुलिस को देख कर पिकअप चालक समेत गोदाम पर मौजूद लोग भाग निकले। पिकअप में बैठे भुता के आढ़ती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। देर शाम पुलिस और पूर्ति विभाग के अफसर मौके पर जमे थे।
भुता थाने से संबद्ध यूपी 100 में ड्यूटी पर मौजूद दरोगा जयकीरत सिंह को शुक्रवार दोपहर बाद सूचना मिली कि एक पिकअप गाड़ी में भरकर राशन का गेहूं भुता से परौली की ओर जा रहा है। इस पर यूपी 100 टीम ने संबंधित स्थान पर मूवमेंट बढ़ा दिया। पिकअप दिखी तो टीम ने उसका पीछा शुरू कर दिया। पिकअप परौली के पास सरबजीत सिंह के झाले में बने एक गोदाम के सामने रुकी और इसमें मौजूद लोग उतरकर पिकअप से बोरियां उतारने लगे। इसी बीच पुलिस ने छापा मारा तो भगदड़ मच गई। पिकअप ड्राइवर समेत अन्य लोग फरार हो गए जबकि पिकअप में बैठे व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ लिया। वह भुता का निवासी आढ़ती रामबाबू गुप्ता निकला जो माल लेकर गोदाम में आया था। पुलिस को पिकअप में 60 बोरी राशन का गेहूं मिला। सूचना पर एसओ भुता विजय प्रताप सिंह भी पहुंच गए। गोदाम खुलवाया तो उसमें 1133 बोरी खाद्यान्न था। बताया गया कि इनमें से 176 बोरी में सरकारी कोटे पर मिलने वाला चावल और बाकी बोरियों में इसी श्रेणी का गेहूं है। इनमें से करीब 80 बोरियों पर आरएमएस की मुहर भी लगी थी, यानि इन्हें सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर बेचा जाना था। देर शाम पूर्ति विभाग से निरीक्षक पशुपति देव ने मौके पर पहुंचकर खाद्यान्न को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी तो सीओ फरीदपुर नीति द्विवेदी भी मौके पर पहुंच गई थीं। एसडीएम ज्योति गौतम ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। डीएम से अनुमति के बाद मुकदमा दर्ज होगा
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सिस्टम की सेटिंग से लगा रहे थे सरकार को चूना
सरकारी राशन भरा अवैध गोदाम और वाहन पकड़े जाने से राशन माफिया और सरकारी विभागों की जबर्दस्त सेटिंग का खुलासा हुआ है तो यह भी साफ हुआ है कि किस तरह सरकारी तंत्र ही सरकार को चूना लगा रहा था। सूत्र बताते हैं कि गरीबों के लिए आने वाला गेहूं राशन कोटेदारों से हजार या 1100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदकर धंधेबाज गोदाम तक लाते थे। इस गोदाम में इन बोरियों को खाली किया जाता था। बाद में गेहूं क्रय केंद्र संचालकों की मदद से मिलीं आरएमएस की मुहर वाली बोरियों में भरकर यही गेहूं सरकारी खरीद केंद्र पर 1625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा था। कायदे से पूछताछ हो तो कई बड़ी गर्दनें इस फंदे में फंस सकती हैं।
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