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स्वाति ने पेश किया ईमानदारी की मिसाल
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2015 11:25 PM IST
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जमाना कितना भी बदल जाए पर आज भी ईमानदार लोगों की दुनिया में कमी नहीं है। ऐसा ही एक उदाहरण जिला कलेक्ट्रेट के एक कर्मचारी की बेटी स्वाति ने दिया है। जन्माष्टमी के दिन कर्मचारी की पुत्री स्वाति को रास्ते में एक पर्स पड़ा मिला था जिसमें 56 हजार रुपये की नकदी थी। इसके बाद कर्मचारी व उसकी बेटी ने संबंधित व्यक्ति का पता कर उसके पैसे व पर्स वापस कर ईमानदारी की मिशाल पेश की है।
कलेक्ट्रेट कर्मी सुरेंद्र कुमार शर्मा उफऱ् रामू की पुत्री स्वाती शर्मा शनिवार की रात जन्माष्टमी का कार्यक्रम देखकर अपने घर लौट रही थी। तभी स्वाती को रास्ते में एक पर्स पड़ा मिला। घर आकर स्वाती ने पर्स अपने पिता को दी जिसके बाद जब रामू ने पर्स खोला तो उसमें 56 हजार रुपया व कुछ कागजात निकले।
रामू ने पता किया तो यह पर्स आवास विकास निवासी एलआईसी के अभिकर्ता राजेश कुमार तिवारी का निकला। जिसके बाद रामू ने राजेश को फोन कर सोमवार को उनकी पर्स व 56 हजार रुपये की नकदी वापस कर दी है। पैसा मिलने के बाद राजेश ने कहा कि उन्हें लगा था कि उनके रुपये चले गए लेकिन दुनिया में आज भी ईमानदार लोगों के होने के चलते उन्हें यह पैसे मिले है।
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कलेक्ट्रेट कर्मी सुरेंद्र कुमार शर्मा उफऱ् रामू की पुत्री स्वाती शर्मा शनिवार की रात जन्माष्टमी का कार्यक्रम देखकर अपने घर लौट रही थी। तभी स्वाती को रास्ते में एक पर्स पड़ा मिला। घर आकर स्वाती ने पर्स अपने पिता को दी जिसके बाद जब रामू ने पर्स खोला तो उसमें 56 हजार रुपया व कुछ कागजात निकले।
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रामू ने पता किया तो यह पर्स आवास विकास निवासी एलआईसी के अभिकर्ता राजेश कुमार तिवारी का निकला। जिसके बाद रामू ने राजेश को फोन कर सोमवार को उनकी पर्स व 56 हजार रुपये की नकदी वापस कर दी है। पैसा मिलने के बाद राजेश ने कहा कि उन्हें लगा था कि उनके रुपये चले गए लेकिन दुनिया में आज भी ईमानदार लोगों के होने के चलते उन्हें यह पैसे मिले है।
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