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सुरक्षा पर सुनवाई के दिन ही मारा गया बजरंगी
Updated Mon, 09 Jul 2018 10:29 PM IST
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सुरक्षा पर सुनवाई के दिन ही मारा गया बजरंगी
हाईकोर्ट में दाखिल की थी याचिका, अब पत्नी की सुरक्षा की होगी मांग
इलाहाबाद। बागपत जेल में मारे गए डॉन मुन्ना बजरंगी की सुरक्षा की मांग में दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई भी नियत थी। उसकी याचिका जस्टिस एसडी सिंह की कोर्ट में सीरियल नंबर 154 पर लिस्ट थी। कोर्ट में कोई सुनवाई हो पाती इससे पहले ही उसकी हत्या हो गई। बागपत जेल में मुन्ना की हत्या की सूचना मिलने पर उनकी अधिवक्ता स्वाति अग्रवाल ने कोर्ट में मेंशन कर इसकी जानकारी दी। एडवोकेट स्वाति अग्रवाल ने कोर्ट से हत्या की इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि जेल परिसर में असलहा कैसे पहुंचा, इसकी जांच जरूरी है। साथ ही मुन्ना के परिजनों को क्षतिपूर्ति भी मिलना चाहिए। स्वाति अग्रवाल के अनुसार न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने उन्हें सुनने के बाद याचिका पर सुनवाई के लिए 11 जुलाई की तारीख लगा दी।
मुन्ना बजरंगी की सुरक्षा के लिए यह याचिका मई माह में दाखिल हुई थी। याचिका में भी जेल में जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की गई थी। याचिका में जेल के भीतर एसटीएफ से भी जान का खतरा बताया गया था। अधिवक्ता स्वाती का कहना है अब मुन्ना बजरंगी की पत्नी को सुरक्षा देने की कोर्ट से मांग की जाएगी।
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हाईकोर्ट में दाखिल की थी याचिका, अब पत्नी की सुरक्षा की होगी मांग
इलाहाबाद। बागपत जेल में मारे गए डॉन मुन्ना बजरंगी की सुरक्षा की मांग में दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई भी नियत थी। उसकी याचिका जस्टिस एसडी सिंह की कोर्ट में सीरियल नंबर 154 पर लिस्ट थी। कोर्ट में कोई सुनवाई हो पाती इससे पहले ही उसकी हत्या हो गई। बागपत जेल में मुन्ना की हत्या की सूचना मिलने पर उनकी अधिवक्ता स्वाति अग्रवाल ने कोर्ट में मेंशन कर इसकी जानकारी दी। एडवोकेट स्वाति अग्रवाल ने कोर्ट से हत्या की इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि जेल परिसर में असलहा कैसे पहुंचा, इसकी जांच जरूरी है। साथ ही मुन्ना के परिजनों को क्षतिपूर्ति भी मिलना चाहिए। स्वाति अग्रवाल के अनुसार न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने उन्हें सुनने के बाद याचिका पर सुनवाई के लिए 11 जुलाई की तारीख लगा दी।
मुन्ना बजरंगी की सुरक्षा के लिए यह याचिका मई माह में दाखिल हुई थी। याचिका में भी जेल में जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की गई थी। याचिका में जेल के भीतर एसटीएफ से भी जान का खतरा बताया गया था। अधिवक्ता स्वाती का कहना है अब मुन्ना बजरंगी की पत्नी को सुरक्षा देने की कोर्ट से मांग की जाएगी।
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