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क्या नौकरी में आ रही परेशानियां वर्ष 2021 में हो जाएंगी समाप्त ? जानिए अनुभवी एस्ट्रोलॉजर्स से
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नशे में धुत सड़क पर गिरे इंस्पेक्टर की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल, निलंबित

नैनी में भू माफिया पप्पू गंजिया के आलीशान फार्म हाउस को पीडीए ने किया ध्वस्त

भदोही में एक गांव ऐसा जहां आज भी नाला ही है आम रास्ता

प्रदेश के भदोही जिले में एक गांव ऐसा है जहां आजादी के 73 साल बाद भी लोग नाले से होकर आते-जाते हैं। गांव को जोड़ने के लिए यही एक मात्र आम रास्ता है। यह रास्ता राजस्व रिकार्ड में नाले के तौर पर दर्ज है। भदोही के राकेश कुमार ने इस गांव में सड़क बनाने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। 

कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए भदोही के डीएम को मौके पर जाकर यथास्थिति देखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने डीएम को यह भी बताने के लिए कहा है कि गांव वालों को सड़क देने के लिए उनके पास क्या उपाय है। मामला भदोही के डुबही गांव का है। जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं। कोर्ट ने जिलाधिकारी से 23नवम्बर तक व्यक्तिगत हलफ़नामा दाखिल करने को कहा है। 

याची का कहना है कि गांव में प्राइमरी स्कूल भी है।2013में जिला पंचायत राज अधिकारी को प्रत्यावेदन दिया गया है। गांव में रहने वाले 300 लोग नाले होकर गांव में आते जाते हैं। बरसात  के दिनों में आने जाने का कोई रास्ता नहीं होता है। गांव को संपर्क मार्ग बनाकर जोड़ने के लिए जनप्रतिनधियों को कई प्रत्यावेदन दिए गए मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
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प्रधान पुत्र ने तमंचे के बल पर किशोरी का किया अपहरण, हंगामा

थाना क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार शाम सात बजे के करीब ग्राम प्रधान के बेटे ने अपने साथी के साथ मिलकर तमंचे के बल पर एक किशोरी को अगवा कर लिया। किशोरी के भाई ने देखा तो वह शोर मचाते हुए घर गया और परिवार वालों को बताया। परिवार के लोग आरोपियों से शिकायत करने पहुंचे तो आरोपियों के घरवालों ने गाली गलौज हुए उन्हें पीट दिया। जिसमें लड़की के पिता व दो भाईयों व अन्य को चोट आई हैं। पुलिस ने दो अपहरणकर्ताओं समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। जिसमें से तीन लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है लेकसिन अपहृत किशोरी और अपहरणकर्ताओं समेत चार लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद से गांव में तनाव बना हुुुआ है।  

कौंधियारा थाना क्षेत्र के एक गांव का दलित परिवार मेहनत मजूदरी करके आजीविका चलाता है। उनकी 16 वर्षीय किशोरी मंगलवार की शाम पास की बाजार अकोढ़ा से सब्जी खरीदकर वापस लौट रही थी। गांव से पहले रास्ते में बाइक से दो लड़के आए और तमंचे के बल पर उसे अगवा कर ले गए। लड़की के भाई ने यह देखा तो शोर मचाते हुए घर गया।  

उसके मां-बाप को अपहरण की कहानी पता चली तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। पीड़ित परिवार आरोपी प्रधान पुत्र के घर शिकायत लेकर पहुंचे तो वहां उल्टा आरोपियों के परिवार वालों ने पीड़ितों पर ही हमला बोल दिया। जिसमें लड़की के दो भाई एवं पिता घायल हो गए। पीड़ित परिवार भागकर थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरणकर्ता महफूज पुत्र मो. हसनैन व मो. सोहराब पुत्र सिराजुद्दीन व मो. इब्राहिम, मो. हसनैन, मो. शहनशाह व खुस्सु के खिलाफ अपहरण, मारपीट समेत विभिन्न संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया। पुलिस ने इनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से अपहरण के मुख्य आरोपी महफूज की मां वर्तमान में ग्राम प्रधान हैं। पुलिस के अनुसार अपहृत किशोरी हाईस्कूल की छात्रा है। उसके घायल परिजनों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। बाकी आरोपियों और अपहृत किशोरी की तलाश की जा रही है। 
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युवती का अपहरण युवती का अपहरण

पप्पू गंजिया को हाईकोर्ट से राहत : दो मकानों के ध्वस्तीकरण पर रोक

हाईकोर्ट ने माफिया पप्पू गंजिया को राहत देते हुए उसके दो मकानों के ध्वस्तीकरण पर चार सप्ताह के लिए रोक लगा दी है। पप्पू की पत्नी  नगीना बेगम की याचिका पर कोर्ट ने जहांगीराबाद गंजिया प्रयागराज व चक दोंदी, नैनी, प्रयागराज स्थित भवनों के ध्वस्तीकरण के मामले में पीडीए उपाध्यक्ष को तीन सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। अगले चार सप्ताह तक के लिए कोर्ट ने पीडीए को किसी प्रकार की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई  करने पर रोक लगा दी है।

कोर्ट ने याची को एक सप्ताह में ध्वस्तीकरण के खिलाफ अपना प्रत्यावेदन पीडीए के उपाध्यक्ष को देने तथा उपाध्यक्ष को उस पर सुनवाई कर तीन सप्ताह में सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति नाहिद आरा मुनीस तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने दशहरे की छुट्टी के दौरान दिया है।

याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ सिंह का कहना था कि अधिकारी लगातार मकान ध्वस्त करने की धमकी दे रहे हैं। याची को उसका पक्ष रखने का मौका दिए बिना मनमानी तरीके से कार्रवाई की जा रही है, जिस पर कोर्ट ने चार सप्ताह की राहत दी है। इससे पूर्व जिला प्रशासन और पीडीए द्वारा पप्पू गंजिया का अवैध रूप से निर्मित गेस्ट हाउस ध्वस्त कर दिया था तथा उसके अन्य मकान के भी ध्वस्तीकरण की तैयारी थी।
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अधिकतम नीलामी बोली स्वीकार करने को बाध्य नहीं प्राधिकारी : हाईकोर्ट 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी टेंडर के तहत नीलामी में अधिकतम बोली स्वीकार करने के लिए प्राधिकारी बाध्य नहीं है। यहां तक कि यदि उचित कारण हो तो कम बोली की नीलामी भी स्वीकार की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि  किसी को सबसे अधिक बोली लगाने पर उसे स्वीकार किए जाने का विधिक अधिकार नहीं मिल जाता। बोली नीलामी शर्तों के अधीन होती है। अधिकारी मानने के लिए बाध्य नहीं है। पर्याप्त कारण होने पर नए सिरे से टेंडर जारी करने के लिए स्वतंत्र हैं। 

कोर्ट ने उच्चतम बोली के आधार पर टेंडर मंजूर करने की मांग में दाखिल याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है और याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी तथा न्यायमूर्ति डॉ. वाईके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने आगरा के बब्लू की याचिका पर दिया है। याची ने कृषि उत्पादन मंडी समिति, बरौली आगरा ने मंडी स्थल पर बनी 43 दुकानों का नीलामी से आवंटन के लिए टेंडर जारी किया था। इसमें से सात दुकानें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थीं।

आरक्षित दुकानों के लिए याची की कंपनी मेसर्स के जी एन ट्रेडिंग कंपनी सहित पांच लोगों ने ही टेंडर भरा। याची ने नीलामी में सर्वाधिक 16 लाख 15 हजार रुपये की बोली लगाई। आवंटन समिति ने इस आधार पर मानने से इनकार कर दिया कि सामान्य व ओबीसी के लिए आरक्षित दुकानों की तुलना में एससी वर्ग की दुकानों की काफी कम बोली लगी है।

नीलामी में कम आवेदकों के कारण प्रतिस्पर्धा नहीं दिखाई दी। लिहाजा समिति ने याची की बोली स्वीकार करने और दुकान आवंटन से मना कर दिया। समिति के सचिव ने नए सिरे से टेंडर जारी करने का निर्देश दिया है, जिसे याचिका में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा है कि उच्चतम बोली स्वीकार करने या न करने करने को लेकर अदालतों के कई फैसले हैं और सब में यही कहा गया है कि प्राधिकारी सबसे ऊंची बोली स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं हैं। कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
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युवक को पत्थर और धारदार हथियार से घायल कर तेजाब डाला

बहरिया थाना क्षेत्र के जुगनीडीह गांव निवासी एक युवक को बदमाशों ने चेहरे पर पत्थर और धारदार हथियार से वार करके बुरी तरह जख्मी कर तेजाब डाल दिया। युवक को गंभीर स्थिति में एसआरएन में भर्ती कराया गया है।

युवक एक दिन पहले बाइक और 50 हजार रुपये लेकर घर से निकला था। जानकारी के अनुसार बहरिया थाना क्षेत्र के जुगनीडीह गांव निवासी अमित कुमार यादव (22) पुत्र रमेश चंद यादव सोमवार की सुबह करीब 9 बजे बाइक लेकर घर से निकले थे। शाम शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा तो उसकी खोजबीन शुरू हुई। लेकिन उसका पता नहीं चला।

मंगलवार की सुबह कुछ लोगाें ने जुगनीडीह स्थित पिलखिन देवी मंदिर के पीछे मनसैता नदी के पुल पर एक युवक को बुरी तरह जख्मी और तेजाब से झुलसा देखा। थोड़ी देर में वहाँ लोगों की भीड़ लग गई। पता चला कि युवक जुगनीडीह गांव का अमित है। जानकारी होने पर परिजन भी मौके पर पहुंचे।

इंस्पेक्टर बहरिया बाल लाल प्रसाद और चौकी इंचार्ज सिकंदरा शुभनाथ सहनी मौके पर पहुंचे और युवक को सीएचसी मेधा ले गए। जहां से युवक की हालत गंभीर होने पर एसआरएन के लिए रेफर किया गया है। युवक की पत्नी मीरा देवी ने बताया कि अमित रविवार की सुबह करीब 9 बजे बाइक और घर 50 लेकर घर से निकला था। घटना को अंजाम देने वाले कौन थे पता नहीं चल रहा था। सभी प्रकार की छानबीन है और कुछ नहीं बता पा रहा है।
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यूपी में निर्दोष लोगों के खिलाफ हो रहा है गोहत्या कानून का दुरुपयोग: इलाहाबाद हाईकोर्ट

फेंका तेजाब (सांकेतिक तस्वीर)
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में गोवध संरक्षण कानून का निर्दोष लोगों के खिलाफ दुरुपयोग हो रहा है। जब कभी कोई मांस बरामद होता है तो उसे फारेंसिक लैब में जांच कराए बिना गोमांस करार दे दिया जाता है और निर्दोष व्यक्ति को उस अपराध के लिए जेल भेज दिया जाता है, जो शायद उसने किया ही नहीं है। अदालत ने प्रदेश में छुट्टा जानवरों की देखभाल की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश में गोवध अधिनियम को उसकी सही भावना के साथ लागू करने की आवश्यकता है। 

गोवध कानून के तहत जेल में बंद रामू उर्फ रहीमुद्दीन के जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने यह टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि जब कभी कोई गोवंश बरामद किया जाता है तो कोई रिकवरी मेमो तैयार नहीं किया जाता है और किसी को नहीं पता होता है कि बरामदगी के बाद उसे कहां ले जाया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि गो संरक्षण गृह और गोशाला बूढ़े और दूध न देने वाले पशुओं को नहीं लेते हैं। इनके मालिक भी इनको खिला पाने में सक्षम नहीं है। वह पुलिस और स्थानीय लोगों द्वारा पकड़े जाने के डर से इनको किसी दूसरे राज्य में ले नहीं जा सकते हैं। लिहाजा दूध न देने वाले जानवरों को खुला घूमने के लिए छोड़ दिया जाता है और वे किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे छुट्टा जानवर चाहे सड़क पर हों या खेत में, समाज को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। इनको गो संरक्षण गृह या अपने मालिकों के घर रखे जाने के लिए कोई रास्ता निकालने की आवश्यकता है। 

जमानत प्रार्थनापत्र पर याची के वकील का कहना था कि याची के खिलाफ प्राथमिकी में कोई विशेष आरोप नहीं है। न ही वह घटनास्थल से पकड़ा गया है। पुलिस ने बरामद मांस की वास्तविकता जानने का कोई प्रयास नहीं किया कि वह गोमांस है अथवा किसी अन्य जानवर का। कोर्ट ने कहा कि ज्यादातर मामलों में जब मांस पकड़ा जाता है तो उसे गोमांस बता दिया जाता है और बरामद मांस को फारेंसिक लैब नहीं भेजा जाता है। आरोपी को उस अपराध में जेल जाना होता है जिसमें सात साल तक की सजा है और विचारण प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा किया जाता है। कोर्ट ने याची की जमानत मंजूर करते हुए उसे निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर रिहा करने का आदेश दिया है।
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फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, यौन शोषण और पास्को एक्ट में गिरफ्तारी पर लगी रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिल्म अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी व परिवार के तीन सदस्यों की यौन शोषण के मामले मे गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने विवेचना जारी रखने का आदेश देते हुए पुलिस रिपोर्ट पेश करने तक गिरफ्तारी पर रोक लगायी है और विवेचना मे सहयोग देने का निर्देश दिया है। 

उनके खिलाफ सामान्य आरोप होने के कारण कोर्ट ने राहत दी है। जिसमें नवाज़ुद्दीन के साथ ही उनकी मां मेहरुन्निशा और दो सैनिकों फ़ैयाज़ुद्दीन और अयाज़ुद्दीन शामिल है।

 बच्ची के साथ दुष्कर्म के मुख्य आरोपी एक भाई मिनहाज़ुद्दीन के अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे कोई राहत नहीं दी, दी है। इसकी याचिका खारिज कर दी है। मुज़फ्फरनगर के बुढ़ाने थाने मे इसी साल 27 जुलाई को नवाज़ुद्दीन और उनके परिवार के खिलाफ बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न व पाक्सो एक्ट के तहत प्रथमिकी दर्ज करायी गई है।

यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र और न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी की खंडपीठ ने दिया है।  
 
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Allahabad university: विश्वविद्यालय का प्रवेश परीक्षा परिणाम घोषित, बीए में सोमनाथ टापर

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) ने रविवार को स्नातक प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। स्नताक के विभिन्न पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा के टॉपरों की लिस्ट में पूर्वांचल के छात्रों दबदबा रहा है। बी प्रवेश परीक्षा में संतकबीर नगर के सोमनाथ गुप्ता ने टॉप किया है। तो मैथ्स की प्रवेश परीक्षा में आजमगढ़ के अविनाश मेधासिया अव्वल रही।

वहीं, बीकॉम प्रवेश परीक्षा में सर्वेश कुमार अधिकांश अंक के साथ मेरिट में शीर्ष स्थान पर रहे। विस्तृत परिणाम इविवि की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। इसके अलावा श्रेणी ऑफ फाइनिंग आर्टिस्ट (बीएफए) में वाराणसी के दिव्यांग कुमार नंदा ने टॉप किया, जबकि OF ऑफ पैरावॉमिंग आर्टिस्ट (बीपीए) की प्रवेश परीक्षा में बक्सर, बिहार की प्रज्ञा कुमारी ने बाजी मारी।कंपनी बायो की मेरिट में अलगंज, प्रयागराज की सौम्या त्रिपाठी शीर्ष स्थान पर बनी हुई है। वहीं, बी होमसाइंस की प्रवेश परीखा में सैदपुर, वाराणसी की अंकिता गुप्ता ने ज्यादातर अंक के साथ सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।

स्नातक प्रवेश परीक्षा में शमिल सभी अभ्यर्थियों के स्क कार्ड (अंक पत्र) इविवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी अपने स्कैन कार्ड वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। कोविद -१ ९ के कारण इविवि में इस बार प्रवेश की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। २ नवंबर से बीकॉम में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी है। इसके बाद स्नातक के अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए जाना होगा। विभिन्न पाठ्यक्रमों में ऑफ़लाइन प्रवेश की तिथियों पर सोमवार को अंतिम मुहर लगाई जा सकती है।

ऑनलाइन प्रवेश शुरू होने से पहले इविवि की वेबसाइट पर कटऑफ अंक जारी किए जाएंगे और अभ्यर्थियों को उसी अंक के आधार पर प्रवेश पत्र जाएंगे। अभ्यर्थियों को अपने शैक्षिक दस्तावेज में ऑनलाइन अपलोड करने होंगे और दस्तावेजों का सत्यापन भी होगा। इसके बाद की साप्ताहिक फीस जमा होगी और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी तरह से होगी।

इन्हीं अंकों के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे। अभ्यर्थियों को अपने शैक्षिक दस्तावेज में ऑनलाइन अपलोड करने होंगे और दस्तावेजों का सत्यापन भी होगा। इसके बाद की साप्ताहिक फीस जमा होगी और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी तरह से होगी। इन्हीं अंकों के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे। अभ्यर्थियों को अपने शैक्षिक दस्तावेज में ऑनलाइन अपलोड करने होंगे और दस्तावेजों का सत्यापन भी होगा। इसके बाद की साप्ताहिक फीस जमा होगी और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी तरह से होगी।
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फिल्म एक्टर नवाज़उद्दीन सिद्दीकी और परिवार को मिली बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिल्म ऐक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी व परिवार के तीन सदस्यों की यौन शोषण के मामले मे गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने विवेचना जारी रखने का आदेश देते हुए पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगायी है और विवेचना मे सहयोग देने का निर्देश दिया है। 

इनके खिलाफ सामान्य आरोप होने के कारण कोर्ट ने राहत दी है जिसमें नवाज़ुद्दीन के साथ ही उनकी मां मेहरुन्निशा और दो भाइयों फ़ैयाज़ुद्दीन और अयाजुद्दीन शामिल हैं।  बच्ची के साथ दुष्कर्म के मुख्य  आरोपी एक भाई मिनहाज़ुद्दीन के अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे कोई राहत,नही दी है। इसकी याचिका खारिज कर दी है। 

यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी की खंडपीठ ने दिया है।  मुज़फ्फरनगर के बुधाना थाने मे नवाज़ुद्दीन की पत्नी आलिया सिद्दीकी उर्फ अंजलि पांडेय ने एफआईआर दर्ज करायी है। इसी साल 27 जुलाई को नवाज़ुद्दीन की पत्नी ने उनके और परिवार के खिलाफ बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न व पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज करायी है प्राथमिकी।
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प्रयागराजः अतीक के 11 बैंक खाते होंगे कुर्क, लेनदेन पर भी लगेगी रोक, कार्रवाई शुरू

अहमदाबाद जेल में बंद माफिया अतीक अहमद की करोड़ों की संपत्ति पर कार्रवाई के बाद पुलिस उसके बैंक खातों को भी कुर्क करने जा रही है। उसके 11 खातों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें सीज कराया जाएगा। जिलाधिकारी की अनुमति मिलने के बाद कैंट पुलिस ने इस संबंध में संबंधित बैंकों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।

अतीक पर यह कार्रवाई धूमनगंज थाने में उस पर दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में धारा 14(1) के तहत की जाएगी। मुकदमे के विवेचनाधिकारी इंस्पेक्टर नीरज वालिया की ओर से उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर बताया गया था कि अतीक के 13 ऐसे बैंक खातों की जानकारी मिली है जो उसके अपराध जगत मेें आने के बाद खोले गए। इनमें से सात प्रयागराज, तीन नई दिल्ली, एक लखनऊ  व दो बलरामपुर स्थित बैंकों में खुलवाए गए।

एसएसपी ने रिपोर्ट के आधार पर खातों को कुर्क करने की संस्तुति करते हुए जिला प्रशासन को पत्र भेजा था। रिपोर्ट व संबंधित साक्ष्यों के अवलोकन के बाद जिलाधिकारी ने खातों को कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया है, जिसमें कुल 11 खातों को कुर्क करने की अनुमति प्रदान की गई है। आदेश में कहा गया है कि दो खाते पूर्व में ही कुर्क किए जाने की वजह से कुल 11 खातों पर कार्रवाई की अनुमति दी जा रही है। उधर अनुमति मिलने के बाद कैंट पुलिस ने खाते कुर्क करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। 

बैंकों को भेजा जाएगा पत्र, सीज होंगे खाते

पुलिस सूत्रों का कहना है कि खातों पर कुर्की की कार्रवाई के तहत बैंकों को पत्र भेजकर संबंधित खातों को सीज कराया जाएगा। इसके तहत इन खातों में पड़ी रकम फ्रीज कराकर लेनदेन बंद कराया जाएगा। जिलाधिकारी की ओर से कार्रवाई के लिए पुलिस को 30 अक्तूबर तक की मोहलत दी गई है। 

किन खातों को किया जाएगा कुर्क
1- खाता संख्या 1363100008822 बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा खुल्दाबाद
2- खाता संख्या 6230100007966 बैंक ऑफ बड़ौदा, शाखा कनाट प्लेस नई दिल्ली
3- खाता संख्या 50114038581 इंडियन बैंक शाखा लूकरगंज
4- खाता संख्या 50107884373 इंडियन बैंक शाखा लूकरगंज
5- खाता संख्या 20448204075 इंडियन बैंक शाखा लूकरगंज
6- खाता संख्या 50106221757 इंडियन बैंक शाखा लूकरगंज
7- खाता संख्या 30260753055 एसबीआई संसद भवन शाखा एनेक्सी नई दिल्ली
8- खाता संख्या 33108579911 एसबीआई नुरूल्लाह रोड
9- खाता संख्या 60167042171 बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बलरामपुर
10- खाता संख्या 60164021028 बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बलरामपुर
11- खाता संख्या 6177000100011488  पंजाब नेशनल बैंक, शाखा  कचहरी

नोट- कुल चिह्नित 13 में से खाता संख्या 10023823015 एसबीआई संसद भवन शाखा नई दिल्ली व खाता संख्या 10223011721 एसबीआई उप्र सचिवालय शाखा लखनऊ पूर्व मेें ही कुर्क किए जाने के कारण आदेश में सम्मिलित नहीं किए गए हैं।
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69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती : त्रुटि सुधार की अनुमति देने की मांग खारिज 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में गलत आवेदन फार्म भरने वाले अभ्यर्थी को त्रुटि सुधारने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की लोक परीक्षाओं में बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं। कुछ लोगों को त्रुटि सुधारने की अनुमति देने से पूरी चयन  प्रक्रिया प्रभावित होगी। कोर्ट ने  सुप्रीमकोर्ट द्वारा अर्चना चौहान केस में दिए गए निर्णय को सामान्य आदेश न मानते हुए कहा कि सुप्रीमकोर्ट का आदेश याची के मामले में विशेष तथ्यों के आधार पर दिया गया है। इस आदेश को नजीर मानते हुए सभी पर लागू नहीं किया जा सकता है।
 
धर्मेंद्र कुमार की याचिका पर न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने यह आदेश दिया। याची ने अपने बीए रतृतीय वर्ष तथा बीटीसी के रोल नंबर में सुधार करने का आदेश देने की मांग की थी। कोर्टने हाईकोर्ट द्वारा पूर्व राजेंद्र पटेल वर्सेंज स्टेट ऑफ यूपी, पूजा यादव वर्सेज स्टेट ऑफ यूपी स्पेशल अपील और आरती वर्मा वर्सेज स्टेट ऑफ यूपी केस में दिए निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि इस आदेशों से स्प्ष्ट है कि चयन के इस स्तर पर त्रुटि सुधार की अनुमति देने से पूरी चयन प्रक्रिया प्रभावित होगी और निर्धारित समय सीमा में उसे पूरा कर पाना संभव नहीं होगा। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। 

कोर्ट ने किया मुकदमों का उल्लेख

1- पूजा यादव केस - में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा याची ने आवेदन में त्रुटि सुधार का तबतक कोई प्रयास नहीं किया जबतक उसे मेडिकल टेस्ट में शामिल कारने से इंकार नहीं कर दिया गया। इस स्तर पर कोई आदेश देने से नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी। इसी तरह की और याचिकाएं आएंगी। इस लिए चयन के इस स्तर पर कोई राहत नहीं दी जा सकती है। 

आरती वर्मा केस- में हाईकोर्ट ने कहा है कि अभ्यर्थियों को आवेदन फार्म सही से न भरने का खामियाजा भुगतना होगा। जब आवेदक खुद अपने बारे में सही सूचना देने में नाकाम रहा है तो त्रुटि सुधार का आवेदन निरस्त करने में कोई गलती नहीं दिखाई देती है। याची ने अपने जाति वर्ग को गलत भरा और चयन के इस स्तर पर अदालत के हस्तक्षेप से चयन प्रक्रिया प्रभावित होगी। 

राममनोहर यादव केस- में हाईकोर्ट ने कहा कि यदि भावी शिक्षक अपना एक पेज का आवेदन फार्म भी सही से नहीं भर सकते तो समझा जा सकता है कि यदि वे चयनित हुए तो भावी पीढ़ी को क्या पढ़ाएंगे।
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