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अखाड़े का दंगल : मठ बाघंबरी गद्दी में प्रस्तावित बैठक के लिए बहुमत का गणित बैठाने के लिए जोड़तोड़ तेज

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष चुनाव के लिए 25 अक्तूबर को बाघंबरी गद्दी मठ में प्रस्तावित बैठक में बहुमत का गणित बैठने के लिए जोड़तोड़ तेज हो गई है। एक दिन पहले हरिद्वार में उदासीन परंपरा के निर्मल अखाड़े के सचिव देवेंद्र शास्त्री की अध्यक्षता में परिषद के नए अध्यक्ष और महामंत्री का एलान किया गया था। लेकिन शुक्रवार को ही कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए निर्मल अखाड़े की इस पूरी कमेटी को ही अमान्य करार दे दिया गया। इनकी जगह निर्मल के नए महंत रेशम सिंह बना दिए गए हैं। कहा जा रहा है कि अब निर्मल अखाड़े से रेशम सिंह को लेकर ही बहुमत हासिल करने की तैयारी की गई है।

महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालत में मौत के बाद रिक्त हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद पर चुनाव से पहले ही अखाड़ों में खींचतान बढ़ गई है। वैरागी परंपरा के तीन अखाड़े पहले से ही अलग हो चुके हैं। इस बीच संन्यासी परंपरा के सात में से दो अखाड़े अटल और महनिर्वाणी भी अलग हो गए हैं। ऐसे में सात अखाड़ों का बहुमत जुटाने के लिए उदासीन परंपरा के अखाड़ों पर ही दारोमदार टिका हुआ है। इसमें निर्मल और नया उदासीन अखाड़ा प्रमुख माने जा रहे हैं।
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प्रयागराज : राजधानी एक्सप्रेस में यात्री की मौत, शव पटना ले जाने पर अड़े परिजन, जीआरपी से हुई जद्दोजहद

नई दिल्ली से पटना जा रही राजधानी एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री की बृहस्पतिवार की रात मौत हो गई। ट्रेन जब प्रयागराज जंक्शन पहुंची तो उसका शव उतारने का यहां प्रयास किया, लेकिन यात्री के परिजन अड़ गए कि वह ट्रेन से ही शव को पटना ले जाएंगे। इस वजह से ट्रेन यहां 45 मिनट खड़ी रही। वीआईपी ट्रेन का मामला होने की वजह से स्टेशन निदेशक समेत रेलवे के तमाम अफसर भी मौके पर पहुंच गए। काफी जद्दोजहद के बाद जीआरपी द्वारा यात्री का यहां शव उतारा जा सका।

गाड़ी संख्या 02310 पटना राजधानी एक्सप्रेस में दिल्ली से चंदन मल सेठ (75) नाम के यात्री की बर्थ बुक थी। एसी टू कोच ए-5 से चंदन मल और उसके परिवार के एक सदस्य का पटना तक रिजर्वेशन था। दोनों यात्री बर्थ संख्या 13 एवं 14 में सफर कर रहे थे। बीच रास्ते चंदन की तबीयत खराब हुई। फतेहपुर से पहले उसकी मौत हो गई। पहले शव को फतेहपुर में उतारने की कोशिश की गई, लेकिन वहां सफलता नहीं मिली।
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हाईकोर्ट ने कहा : मौलिक अधिकार नहीं है शस्त्र लाइसेंस, आपराधिक केस में बरी होने मात्र से लाइसेंस बहाली नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि आपराधिक केस में बरी होने मात्र से निलंबित या निरस्त शस्त्र लाइसेंस की बहाली नहीं की जा सकती। यह लोक शांति व सुरक्षा की स्थिति के अनुसार लाइसेंसिंग प्राधिकारी की संतुष्टि पर निर्भर करेगा। कोर्ट को इस मामले में दखल देने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि शस्त्र लाइसेंस विशेषाधिकार है। नागरिक का मूल अधिकार नहीं है। यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

निलंबित या निरस्त शस्त्र लाइसेंस की बहाली आपराधिक केस में बरी होने की प्रकृति के आधार पर तय होगी। जानलेवा हमला करने का आरोपी बाइज्जत बरी हुआ है या संदेह का लाभ लेकर अथवा आरोप साबित करने में अभियोजन की नाकामी के चलते बरी हुआ है, इन तथ्यों पर विचार कर प्राधिकारी की संतुष्टि पर निर्भर करेगा कि लाइसेंस बहाली हो या निरस्त रखा जाए।

कोर्ट ने जानलेवा हमले के आरोपी के संदेह का लाभ लेकर बरी होने पर निरस्त शस्त्र लाइसेंस बहाल न करने के आदेश पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अपराध में शस्त्र का इस्तेमाल किया गया, इस कारण शस्त्र बहाल न करने का आदेश सही है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने इंद्रजीत सिंह की याचिका पर दिया है।

याची का कहना था कि वह आपराधिक केस में बरी हो चुका है, इसलिए केस लंबित होने के कारण निरस्त शस्त्र लाइसेंस बहाल किया जाए। सवाल उठा कि क्या केस में बरी होने मात्र से निलंबित या निरस्त शस्त्र लाइसेंस बहाल किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा, यह कानून में स्पष्ट नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों में स्थिति स्पष्ट की गई है। यह केस की परिस्थितियों व प्राधिकारी की संतुष्टि पर निर्भर करेगा। प्रश्नगत मामले में शस्त्र का घटना में इस्तेमाल किया गया है। संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है। लोक शांति, सुरक्षा व कानून व्यवस्था को देखते हुए यह अधिकारी की संतुष्टि का विषय है।
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Uppsc Pcs 2021 Exam : पीसीएस के लिए उत्तर प्रदेश के 31 जिलों में 691173 1505 केंद्रों पर देंगे परीक्षा

प्रयागराज। पीसीएस-2021 की प्रारंभिक परीक्षा और सहायक वन संरक्षक (एसीएफ)/क्षेत्रीय वन अधिकारी (आरएफओ)-2021 की प्रारंभिक परीक्षा 24 अक्तूबर को प्रदेश के 31 जिलों में आयोजित की जाएगी। पहली बार पीसीएस परीक्षा के दौरान संवेदनशील केंद्रों में जैमर लगाए जाएंगे। परीक्षा दो पालियों में होगी। सुबह 9.30 से 11.30 बजे की पाली में सामान्य अध्ययन और अपराह्न 2.30 से 4.30 बजे की पाली में सीसैट की क्वालीफाइंग परीक्षा होगी। 

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने निर्णय लिया है कि इस बार संवेदनशील केंद्रों में जैमर लगाए जाएंगे। प्रयागराज में एक दर्जन से अधिक संवेदनशील केंद्र चिह्नित किए गए हैं, जहां जैमर लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी संवेदनशील केंद्र चिह्नित किए गए हैं। पीसीएस के 538 पदों और एसीएफ/आरएफओ के 16 पदों पर भर्ती के लिए इस बार रिकार्ड 691173 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं।
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UPPSC UPPSC

हाईकोर्ट ने कहा : राशन वितरण में शर्तो का उल्लंघन पर निरस्त हो सकता है लाइसेंस 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि राशन वितरण में धांधली की शिकायत की विस्तृत जांच  जरूरी नहीं है।यह संक्षिप्त विचारण प्रक्त्रिस्या है।कारण बताओ नोटिस के जवाब पर विचार कर दोषी डीलर का लाइसेंस निरस्त करने के आदेश पर अनुच्छेद 226 में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। इस मामले में गवाहों की प्रति परीक्षा, विस्तृत जांच प्रक्रिया, जांच रिपोर्ट की प्रति देना, सुनवाई का मौका दिए जाने की विभागीय कार्यवाही की लंबी प्रक्त्रिस्या के तर्क स्वीकार्य नहीं है।

कोर्ट ने कहा कि डीलर ने आंख बंद कर नहीं, खुली आंखों से करार किया है, जिसका पालन करना बाध्यकारी है। इन शर्तों के उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। कोर्ट ने राशन की दूकान का लाइसेंस निरस्त करने के खिलाफ दाखिल तमाम याचिकाओं को खारिज कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति आर आर अग्रवाल ने नजाकत अली सहित दर्जनों याचिकाओं पर दिया है।
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प्रयागराज : सभी विधानसभा सीटों से गुजरेगी कांग्रेस की प्रतिज्ञा यात्रा

कांग्रेस की शनिवार से शुरू हुई प्रदेश स्तरीय प्रतिज्ञा रैली के नगर आगमन की सफलता को लेकर शनिवार को शहर कांग्रेस कमेटी के साथ दूसरी इकाइयों ने बैठक कर समीक्षा की। शहर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष प्रदीप मिश्र अंशुमन ने शहर की तीनों विधानसभा क्षेत्र के निर्धारित मार्गों के प्रभारियों की नियुक्ति की। प्रभारी प्रदेश सचिव उज्जवल शुक्ला ने बताया कि रैली 26 अक्तूबर को शाम चार बजे नैनी के रास्ते शहर में प्रवेश करेगी। जो बैहराना, सुभाष चौराहा, गवर्नमेंट प्रेस, एजी आफिस, राजपुर से ट्रैफिक चौराहा, स्टेनली रोड, लाजपत राय रोड से सलोरी पहुंचेगी।

उसके बाद वहां से नकासकोना को रवाना होगी। सलोरी एवं नकासकोना में जनसभा भी की जाएंगी। बैठक में किशोर वार्ष्णेय, फुज़ैल हाशमी, हरिकेश त्रिपाठी, नयन कुशवाहा, अजय श्रीवास्तव, परवेज सिद्दीकी, अल्पना निषाद, मो. असलम, अशोक सिंह, राकेश श्रीवास्तव, अनूप सिंह, अनिल कुशवाहा, अरशद अली मौजूद रहे। उधर, यमुनापार के जिलाध्यक्ष अरुण तिवारी ने बताया कि की प्रतिज्ञा यात्रा मेजा, कोरांव, बारा, करछना विधानसभा से होते हुए शहर पहुंचेगी। यहां से यात्रा गंगापार की विधानसभा सीटों के लिए रवाना हो जाएगी।

प्रदेश सचिव वसीम अंसारी ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की प्रतिज्ञा यात्रा को सफल बनाने के लिये रणनीत तैयार कर उनको जिम्मेदारियां सौंपी गई है। मुकुंद तिवारी, हसीब अहमद, मंजू संत, रितेश राणा, बृजेश सिंह, विवेक पांडेय, रजनीश कुमार, डॉ. दिनेश सोनी, धर्मराज रत्नाकर, छोटू निषाद, लोकेंद्र पटेल आदि मौजूद रहे। उधर, किसान कांग्रेस के सदस्यों ने पत्थर गिरजाघर पर सभा कर पार्टी महासचिव द्वारा ली गई प्रतिज्ञा का स्वागत किया गया। पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, देशराज सिंह, सुशील कुमार, जितेंद्र कुमार, राजाराम सिंह पटेल, रामचंद्र तिवारी, जगदीश पांडेय, कमलेश कुमार, देवेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे। 

18 नवंबर तक किए जा सकेंगे टिकट के लिए आवेदन
कांग्रेस महासचिव की ओर से टिकट में महिलाओं को 40 फीसदी आरक्षण देने का एलान होने से टिकट के लिए आवेदन करने की तिथि को फिर बढ़ा दिया गया है। अब लोग 18 नवंबर तक टिकट के लिए अपना आवेदन कार्यकारिणी को सौंप सकते हैं। इसके लिए पहले अंतिम तिथि 10 अक्तूबर थी। जिसमें जिले की सभी 12 विधान सभा सीटों के लिए 78 लोगों ने आवेदन किया था। अब नई घोषणा के बाद टिकट के लिए लोग 18 नवंबर तक अपना आवेदन कर सकते हैं।  

अपना दल एस ने चलाया सदस्यता अभियान 
अपना दल एस की ओर से शनिवार को सदस्यता अभियान चलाया गया। विधान सभा कोराव के ग्राम पथरताल में आयोजित सभा में कांग्रेस, बसपा और सपा छोड़कर कई लोगों ने सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर पार्टी की महिला इकाई की प्रदेश सचिव डॉ. पूनम सिंह पटेल, यमुनापार जिलाध्यक्ष अंजू पटेल, रेशमा बेगम आदि मौजूद रहीं।
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यूपी : शाहजहांपुर की घटना पर यूपी बार काउंसिल गंभीर, हत्यारोपी वकील पर शुरू की कार्रवाई

यूपी बार कौंसिल ने शाहजहांपुर कोर्ट परिसर की घटना को गंभीरता से लिया है। बार कौंसिल ने राज्य सरकार से दिवंगत अधिवक्ता के परिवार लिए मुआवजे की मांग की है। साथ ही पूरे अधिवक्ता वर्ग को अदालत के अंदर व बाहर भी ऐसी सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है, जिसका ऑफिसर ऑफ कोर्ट होने के नाते वह अधिकारी है। बार कौंसिल ने घटना के आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

यह जानकारी यूपी बार कौंसिल के अध्यक्ष श्रीश कुमार मेहरोत्रा ने शनिवार को संवाददाताओं से बातचीत में दी। बार कौंसिल अध्यक्ष ने कहा कि घटना का दूसरा पहलू यह भी है कि मारने वाला भी अधिवक्ता था। इसे भी कौंसिल ने बड़ी गंभीरता से लिया है। हमारे पास डिसिप्लनरी पावर है कि कोई व्यावसायिक कदाचार का दोषी अधिवक्ता होता है तो हम उसका लाइसेंस निरस्त कर सकते हैं। वह प्रक्रिया हमने चालू कर दी है। एक समिति का गठन कर दिया गया है। यह समिति जांच करेगी और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

उन्होंने कहा कि हम एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग लगातार कर रहे हैं और इस घटना के बाद इसे जल्द से जल्द लागू करने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि हम इस बात को मानते हैं कि हर चीज का इलाज हड़ताल नहीं होती है। इसके लिए हम वृहद स्तर पर समाज में और खासतौर से न्यायिक जगत में एक चेतना लाना चाहते हैं, जिसके लिए हम शीघ्र ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर सेमिनार बुलाना चाह रहे हैं। प्रदेश अधिवक्ता कल्याण की स्कीम में मिलने वाली डेढ़ लाख की राशि बढ़ाकर पांच लाख करने की घोषणा कर दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही यह घोषणा लागू करा दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि जब से बार कौंसिल बनी है, तब से लेकर अब तक लगभग सवा चार लाख अधिवक्ता बार कौंसिल से रजिस्टर्ड हुए हैं। उनमें से एक लाख 96 हजार वकीलों का वेरिफिकेशन कर उन्हें तो सीओपी सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है। इस कार्य को हमने अजय कुमार सांगवान केस में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करते हुए पारदर्शिता और सख्ती से किया है। इनमें से लगभग एक लाख 30 हजार प्रमाणपत्र प्रदेश के वर्तमान महाधिवक्ता की राय से जारी किए गए हैं।

पूर्व उपाध्यक्ष नगरहा की डिग्रियां वैध
यूपी बार कौंसिल के अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके देवेंद्र मिश्र नगरहा की डिग्रियां फर्जी होने की शिकायत की गई हैं और इस संबंध में हाईकोर्ट में केस भी किया गया है। शिकायत के बाद जांच कराई गई तो पता चला कि शिकायत करने वाले ने बार कौंसिल के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से नगरहा के कागजात की फ़ाइल ही गायब करा दी। इस पर देवेंद्र मिश्र नगरहा से सभी मूल प्रमाणपत्र पेश करने को कहा गया।

उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों को पारदर्शिता से और सख्ती चेक किया गया। पत्रकार वार्ता में उपस्थित जांच कमेटी में शामिल पूर्व अध्यक्ष जानकी शरण पांडेय ने बताया कि श्री नगरहा की सभी डिग्रियां वैध हैं। श्रीश मेहरोत्रा ने कहा कि जो व्यक्ति शिकायत कर रहा है, उसका वकालत का लाइसेंस निलंबित किया गया है। उसने एक सदस्य पर उंगली उठाई तो हमने सभी सदस्यों की फ़ाइल की जांच करा ली। उन्होंने कहा कि हम मर्यादा में रहते हैं, लेकिन हमारी मर्यादाओं को इस तरीके से तार-तार न किया जाए। यह मामला कोर्ट में है, वहां नगरहा तो अपना जवाब दाखिल करेंगे ही, हम भी अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे।
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हाईकोर्ट : एनआईओएस के डिप्लोमाधारक को शिक्षक भर्ती में नियुक्ति देने का निर्देश

शाहजहांपुर: वकील के हत्यारोपी गिरफ्तार।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी फर्रुखाबाद को निर्देश दिया है कि एनआईओएस से डीएलएड में डिप्लोमाधारक याची  को 6 हफ्ते में नियुक्ति आदेश जारी करें। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने दीपक कुमार शुक्ल की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।

याचिका पर अधिवक्ता राघवेन्द्र प्रसाद मिश्र ने बहस की। अधिवक्ता का कहना था कि याची सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित हुआ। एनआईओएस से प्रशिक्षण का डिप्लोमा करने के कारण नियुक्ति नहीं दी जा रही है। एनसीटीई के अधिवक्ता ने कहा कि एनआईओएस से डिप्लोमा को सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति की मान्यता दी गई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि नियुक्ति न देने का औचित्य नहीं है। 

केंद्रीय सुरक्षा बलों में भर्ती को लेकर केंद्र सरकार से जवाब तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय कर्मचारी चयन आयोग की 2018 की अर्द्ध सैनिक बलों की भर्ती में खाली पदों को भरने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर केंद्र सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है और चयनित विपक्षी अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया है। याचिका की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने बद्रीनाथ निषाद व 11 अन्य की याचिका पर दिया है।

याचिका पर अधिवक्ता पवन यादव ने बहस की। अधिवक्ता का कहना था कि चयन प्रक्रिया में नियमों को शिथिल कर गड़बड़ी की गई है। पद खाली होने के बावजूद योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। आयोग ने 58373 अर्द्ध सैनिक बलों की भर्ती निकाली। अभी तक चार हजार पद भरे नहीं गए हैं। तमाम अभ्यर्थियों की सफलता के बाद भी नियुक्ति नहीं की जा रही है।
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शाइन सिटी मामला :  अरबों के गबन के केस में लापरवाही पर इंस्पेक्टर सस्पेंड

अरबों का घोटला करने वाले शाइन सिटी कंपनी के निदेशकों, कर्मचारियों पर मेहरबानी सिविल लाइंस थाने के पूर्व और कोरांव थाने के मौजूदा प्रभारी इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह को भारी पड़ी। आरोपियों पर सिविल लाइंस थाने में दर्ज केस में लापरवाही पर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं। उधर मुकदमे के तत्कालीन विवेचक एसआई राजेश कुमार सिंह पर भी गाज गिरना तय है। उनके निलंबन के संबंध में रिपोर्ट एसपी जीआरपी को भेज दी गई है।

देश भर में धोखाधड़ी करने वाले शाइन सिटी कंपनी के निदेशक व कर्मचारियों ने जनपद में भी हजारों लोगों को चूना लगाया। इनकी धोखाधड़ी का शिकार हुए करीब डेढ़ दर्जन लोगों ने पिछले साल सिविल लाइंस थाने में निदेशक राशिद नसीम व उसके मददगारों आसिफ नफीस, जसीम खां, नीरज श्रीवास्तव व जावेद इकबाल पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में मामला क्राइम ब्रांच और फिर आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को ट्रांसफर हो गया।

आरोप है कि राशिद नसीम तो दुबई भाग गए लेकिन अन्य आरोपियों को भी सिविल लाइंस पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। बार-बार निर्देशित किए जाने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। आखिरकार वह फरार हो गए जिनमें मौजूदा समय में एक लाख का इनामी नैनी का जसीम भी शामिल है। मामले में बरती गई लापरवाही के संबंध में शिकायतें आला अफसरों तक भी पहुंचीं जिस पर जांच कराई गई।
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प्रयागराज: बीओबी बैंक ग्राहक सेवा केंद्र संचालक को तमंचा सटाकर ढाई लाख रूपए एवं मोबाइल की लूट, हड़कंप

शनिवार दिन-दहाडे़ पल्सर सवार अज्ञात बदमाशों द्वारा बैंक ग्राहक सेवा केंद्र संचालक से ढाई लाख रूपए एवं मोबाइल लूटकर फरार हो गए। लाखों की लूट मामले की खबर पुलिस महकमे में पहुंची तो खलबली मच गई। आनन-फानन पुलिस मौके पर पहुंचकर बदमाशों की तलाश में नाकेबंदी शुरू कर दी। हालांकि बदमाश पुलिस की पकड़ से दूर निकल चुके थे। घटना मऊआइमा के उमरिया सारी गांव के समीप की है। 

मऊआइमा कल्याणपुर मजरा निहाल सिंह का पुरा निवासी उमेश शर्मा पुत्र आद्या प्रसाद शर्मा बीओबी बैंक ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक है। रोज की भांति वह शनिवार की सुबह घर से बैग में 2.5 लाख रूपए से भरकर बाइक से केंद्र के लिए निकला था। जैसे ही वह बाइक से उमरिया सारी गांव के पास पहुंचा कि बिना नबंर की पल्सर सवार दो अज्ञात बदमाशों ने तमंचा सटाते हुए रोक लिया।

जिसके बाद बदमाशों द्वारा ढाई लाख रूपए से भरा बैग एवं मोबाइल लूटकर होलागढ़ की तरफ फरार हो गए। भुक्तभोगी के शोर मचाने पर पास-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे। लाखों की लूट की खबर पाकर मऊआइमा पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की तफ्तीश में जुट गई है। वहीं घटना के बाद पुलिस भुक्तभोगी की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट के मामले में मुकदमा पंजीकृत करते हुए तलाश में जुट गई है। 
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यूपी : विवादित पुजारी नरसिंहानंद को महामंडलेश्वर बनाकर घिरा जूना अखाड़ा, 100 से अधिक मुकदमे हैं दर्ज

महामंडलेश्वर की पदवी बांटने को लेकर अक्सर विवादों में रहा पंच दशनाम जूना अखाड़ा एक बार फिर विवादित बाबा के अभिषेक को लेकर घिर गया है। तीन दिन पहले गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के विवादित पुजारी यति नरसिंहानंद को महामंडलेश्वर बनाया गया है। नरसिंहानंद पर अलग-अलग मामलों में यूपी में 100 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। जूना अखाड़े का कहना है कि चूंकि नरसिंहानंद कट्टरपंथी समुदाय के निशाने पर रहे हैं, ऐसे में उनको संरक्षण प्रदान करने के लिए यह जिम्मेदारी दी गई है। संन्यासी परंपरा के सात अखाड़ों में जूना अखाड़ा सबसे बड़ा और ताकतवर माना जाता रहा है। 

दरअसल दीपेंद्र नारायण उर्फ दीपक त्यागी के भगवा धारण करने से लेकर महामंडलेश्वर बनने तक की कहानी बेहद दिलचस्प है। बुलंदशहर के हिन्नौत गांव निवासी दीपक त्यागी 12वीं पास करने के बाद ही पढ़ाई के लिए मॉस्को चले गए थे। वतन वापसी के बाद वर्ष 2002 में सांसारिक मायामोह से उनका मन विरक्त होने लगा। अंतत: उन्होंने संत ब्रह्मानंद से संन्यास की दीक्षा ले ली और फिर दीपक त्यागी से यति नरसिंहानंद सरस्वती बन गए। इसके बाद वह अपनी हिंदूवादी छवि बनाने के लिए कट्टरपंथी बयानों को लेकर विवादों में रहने लगे। 

गाजियाबाद में डासना देवी मंदिर के पुजारी के तौर पर एक समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाएं आहत करने और भड़काऊ टिप्पणियों को लेकर उन पर सौ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अब तीन दिन पहले ही हरिद्वार में गंगा के तट पर पट्टाभिषेक के बाद उन्हें जूना अखाड़े का महामंडलेश्वर बना दिया गया है। ऐसे में यति नरसिंहानंद को महामंडलेश्वर बनाए जाने का फैसला लोगों के लिए चौंकाने वाला है। कहा जा रहा है कि यति जूना अखाड़े के महंत नारायण गिरि के संपर्क में रहे हैं।
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इलाहाबाद विवि : साठ फीसदी क्रेडिट पर ही मिलेगी स्नातक की डिग्री

प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में सत्र 2021-22 के तहत प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को तीन वर्षों में न्यूनतम 60 फीसदी क्रेडिट प्राप्त करने पर ही स्नातक की उपाधि दी जाएगी। निर्धारित क्रेडिट प्राप्त न करने पर बैचलर ऑफ लिबरल एजूकेशन की उपाधि दी जाएगी। राज्य विवि ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 से क्रेडिट एवं ग्रेडिंग प्रणाली लागू कर दी है। रजिस्ट्रार एसके शुक्ल ने नोटिफिकेशन जारी कर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों को इस बारे में अवगत कराया है।

नई गाइडलाइन के मुताबिक विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को कुल 60 फीसदी क्रेडिट प्राप्त करने पर ही अगले वर्ष या सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाएगा। 60 फीसदी से कम क्रेडिट होने पर विद्यार्थी को फिर से उसी वर्ष अथवा सेमेस्टर में प्रवेश लेकर अध्ययन करना होगा। विद्यार्थी जिस संकाय में तीन वर्ष पूर्ण करने पर न्यूनतम 60 फीसदी क्रेडिट प्राप्त करेगा, संबंधित संकाय में उसे स्नातक की उपाधि प्रदान की जाएगी। अगर विद्यार्थी तीन वर्ष में किसी एक संकाय में न्यूनतम 60 फीसदी क्रेडिट नहीं प्राप्त कर पाता है तो उसे बैचलर ऑफ  लिबरल एजूकेशन की उपाधि दी जाएगी। यदि स्नातक में किसी एक विषय में 60 फीसदी से कम क्रेडिट है तो छात्र उस विषय से स्नातकोत्तर नहीं कर सकेगा। 

सैद्धांतिक विषयों के लिए एक क्रेडिट एक घंटे के अध्यापन के बराबर होगा। वहीं, प्रायोगिक विषयों के लिए एक क्रेडिट दो घंटे के अध्यापन के बराबर होगा। मुख्य एवं गौण विषयों के प्रश्नपत्र की कक्षाएं सत्र में न्यूनतम 90 घंटे की होंगी। इसी तरह पांच क्रेडिट के प्रश्नपत्र की कक्षाएं सत्र में न्यूनतम 75 घंटे, चार क्रेडिट के प्रश्नपत्र की कक्षाएं न्यूनतम 60 घंटे, तीन क्रेडिट के प्रश्नपत्र की कक्षाएं न्यूनतम 45 घंटे और दो क्रेडिट के प्रश्नपत्र की कक्षाएं न्यूनतम 30 घंटे की होंगी। प्रयोगात्मक पाठ्यक्रमों में दो क्रेडिट के प्रश्नपत्र की कक्षाएं न्यूनतम 60 घंटे की होंगी। सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्वाइंट ग्रेडिंग प्रणाली भी लागू होगी।
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मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज  : एमडी-एमएस की बढ़ेंगी 81 सीटें, उपचार में होगी आसानी

मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन, सर्जरी, ऑप्थोमोलॉजी सहित दर्जन भर विभागों में परास्नातक की 81 सीटें बढ़ाई जाएंगी। इसके लिए तैयारी चल रही है। शासन के निर्देश पर प्रस्ताव बनाकर भेजा जाना है। हालांकि, शासन की ओर से इसके लिए अभी तय नहीं किया गया है। लेकिन, मेडिकल कॉलेज की तरफ से कहा जा रहा है कि हफ्ते भर के अंदर यह प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के दर्जन भर विभागों में परास्नातक (एमडी, एमएस) सीटों के बढ़ने से न केवल अकादमिक विकास होगा बल्कि कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में उपचार कराना मरीजों के लिए आसान होगा। 

मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि शासन की ओर से अभी कुछ दिन पहले ही निर्देश आया है। कुल 15 विभागों में एमडी और एमएस की सीटें बढ़नी हैं। इसमें मेडिसिन की 10, सर्जरी की पांच, ऑप्थोमोलॉजी की चार, पिडियाट्रिक्स की सात, आर्थो की आठ, फारेंसिक की चार, फिजियोलॉजी में दो और एनॉटमी में चार, पैथालॉजी में छह और कम्युनिटी मेडिसिन में छह सीटें बढ़नी हैं।

इसमें अलावा पांच विभागों में पीजी की नई सीटें सृजित की जाएंगी। इसमें रेडियोलॉजी में पांच, माइक्रोबॉयोलॉजी में पांच, रेडियोथिरेपी में पांच, स्किन एंड बीडी में पांच और ब्लड बैंक विभाग शामिल हैं। प्राचार्य के मुताबिक सर्जरी, मेडिसिन और ऑप्थोमोलॉजी में सीटों को बढ़ाने के लिए शासन की तरह से कुछ दिन पहले ही प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश आया है जबकि पिडियाट्रिक, आर्थो, फारेंसिक, फिजियोलॉजी, एनाटमी, रेडियोलॉजी, माइक्रोबॉयोलॉजी, रेडियोथिरेपी, स्किन एंड बीडी एवं ब्लड बैंक, पैथालॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन में सीटों को बढ़ाने के लिए पहले ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अब नेशनल मेडिकल कमिशन इसका सर्वे करेगी। उसकी मंजूरी मिलने के बाद सीटों को बढ़ाया जाएगा। 

विभागवार सीटों का विवरण
 
        विभाग      वर्तमान में सीटों की संख्या    प्रस्तावित
  • मेडिसिन       15                           10
  • सर्जरी          20                            05
  • ऑप्थोमोलॉजी 11                            04
  • पिडियाट्रिक     03                            07
  • आर्थो            03                            08
  • फारेसिंग         01                            04
  • फिजियोलॉजी   03                             02
  • एनॉटमी         02                            04
  • पॅथालॉजी       02                            06
  • कम्युनिटी मेडिसिन 05                        06
  • रेडियोलॉजी    00                             05
  • माइक्रोबॉयोलॉजी 00                           05
  • रेडियोथिरेपी        00                          05
  • स्किन एंड बी       00                          05
  • ब्लड बैंक          00                           05
         
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