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सीबीएसई: सालभर के भीतर मार्कशीट में गलती सुधारने के लिए करें आवेदन

सीबीएसई ने दसवीं और बारहवीं परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों की मार्कशीट ऑनलाइन कर दी हैं। अगर स्टूडेंट्स को इनमें गलतियों पाई जाती हैं तो इनमें सुधार के लिए सालभर के भीतर आवेदन कर सकते हैं। मार्कशीट में नाम, जन्म-तारीख या किसी अन्य गलती में सुधार के लिए उन्हें आवेदन करना होगा। सीबीएसई की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि स्टूडेंट्स को जन्म तारीख और नाम की गलतियों में सुधार करवाने के लिए एक साल का समय मिलेगा। इसके बाद आवेदन पर विचार नहीं होगा।

सीबीएसई की ओर से जुलाई में बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी किए जाने के बाद से जैसे ही छात्रों ने मार्कशीट डाउनलोड किया उनकी ओर से जन्मतिथि, नाम, पिता के नाम सहित दूसरी अन्य गलतियां सामने आने लगी। बोर्ड ने परीक्षार्थियों को निर्धारित दस्तावेज और शुल्क के साथ आवेदन करने को कहा है। बोर्ड ने छात्रों को मार्कशीट की गलती को एकवर्ष के भीतर सही कराने को कहा है, सालभर के बाद मिले आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।

बोर्ड के पास इस बात की शिकायत पहुंचने के बाद कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मार्कशीट की गलती को गंभीरता से नहीं लेते, उन्हें जब एडमिशन, पासपोर्ट आदि में परेशानी होती है तो वह बोर्ड के पास गलती सुधरवाने पहुंचते हैं, ऐसे में साल भर का समय बीत जाने के बाद मार्कशीट में संशोधन नहीं हो पाता। ऐसे में बोर्ड ने परिणाम के साथ छात्रों, अभिभावकों को आगाह किया है कि वह मार्कशीट में सालभर के भीतर संशोधन करवा लें।
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प्रमुख सचिव को अवमानना नोटिसः हाईकोर्ट ने कहा- महामारी के नाम पर संविधानिक आदेश को नहीं टाल सकते

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि महामारी के नाम पर संविधानिक आदेश की अनदेखी नहीं की जा सकती है। इस दौर में किसी आदेश के पालन में देरी होने पर कुछ रियायत दी जा सकती है मगर ऐसा संभव नहीं है कि अदालत के आदेश की अनदेखी होने दी जाए।

कानून का राज हर हाल में कायम रखना होगा महामारी के दौर में भी कानून और अदालतें मूक दर्शक नहीं बन सकती हैं। कोर्ट ने आदेश का पालन नहीं करने पर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया तो अदालत उनको तलब करेगी। 

अभिषेक भारद्वाज की अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी सुनवाई कर रहे हैं। याची का कहना है कि हाईकोर्ट ने छह दिसंबर 2019 को याची के प्रत्यावेदन का निस्तारण करने का प्रमुख सचिव को आदेश दिया था। मगर इस आदेश का पालन नहीं किया गया।

कोर्ट ने सरकार से इस मामले में जवाब मांगा था मगर कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। सरकारी वकील का कहना था कि कोविड 19 संक्रमण के कारण निर्देश भेजने में विलंब हुआ है। इस पर कोर्ट ने प्रमुख सचिव को एक और अवसर देते हुए कहा है कि इसके बाद भी यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो अदालत उपस्थित होने का आदेश देगी।
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69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती का परिणाम रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका, कहा- भारी पैमाने पर हुई है धांधली

69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने प्रदेश सरकार और अन्य पक्षकारों से जवाब मांगा है। 

उमेश कुमार और दर्जनों अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिका पर बहस कर रहे अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन छह जनवरी 2019 को किया गया था। परीक्षा में व्यापक पैमाने पर धांधली की शिकायतें आई हैं। पुलिस ने कई जगह छापा मार कर लोगों को गिरफ्तार किया है। पैसे भी बरामद हुए हैं। कई सेंटर में परीक्षा दे रहे छात्रों के 150 में से 143 अंक तक आए हैं। जबकि उनके एकेडमिक रिकार्ड काफी खराब हैं। स्पष्ट है कि धांधली हुई है। 

याचिका में कहा गया है कि मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। एसटीएफ को निर्देश दिया जाए कि वह समय सीमा के भीतर जांच पूरी करे या इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंपी जाए। 

उल्लेखनीय है कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती का मामला शुरु से ही विवादों में रहा है। इसे लेकर सुप्रीमकोर्ट में भी याचिकाएं दाखिल हैं। सुप्रीमकोर्ट ने शिक्षामित्रों के लिए लगभग 37 हजार पदों को छोड़कर शेष पर भर्ती प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया है। इस क्रम में प्रदेश सरकार ने भर्ती प्रक्रिया जारी रखी हुई है। हालांकि अभ्यर्थियों को सुप्रीमकोर्ट के अंतिम फैसले का भी इंतजार है।
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exclusive: फ्लाइट से कंपनियां बुला रहीं प्रवासी कामगार, माह भर में दोगुना हुए हवाई सफर के यात्री

जेठवारा प्रतापगढ़ के रहने वाले प्रवीण शुक्ला सूरत की एक टेक्सटाइल्स कंपनी में काम करते हैं। लॉकडाउन के दौरान कंपनी बंद हो गई तो वह अप्रैल माह के आखिरी सप्ताह में वापस आ गए। तकनीकी जानकार होने की वजह से पिछले माह से ही उन्हें उनकी कंपनी द्वारा बुलाया जा रहा है। सूरत के लिए सीधी ट्रेन न होने पर होने पर कंपनी ने उनकी हवाई टिकट वाया मुंबई भेज दी। अब प्रवीण मुंबई के लिए रवाना हो गए। इसी तरह कर्नाटक के बंगलुरु की एक केमिकल फैक्ट्री में काम करने वाले श्याम सुंदर मिश्र, जो झूंसी के रहने वाले हैं, उन्हें भी उनकी कंपनी की ओर से बंगलूरू की हवाई टिकट भेजकर बुलवा लिया है।

प्रयागराज एयरपोर्ट पर प्रवीण और श्याम सुंदर जैसे लोग मिल जाएंगे। लॉकडाउन की वजह से गुजरात, महाराष्ट्र एवं अन्य राज्यों की जो कंपनियां बंद हुई थीं, वह अब अपने तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों को वापस बुलाने लगी हैं। आलम ये है कि तमाम कंपनियां अपने कर्मचारियों को हवाई टिकट भी मुहैया करवा रही हैं। इसमें से कुछ ऐसे भी कामगार हैं, जो लॉकडाउन के पूर्व पहले कभी भी हवाई जहाज पर नहीं बैठे। प्रयागराज आने के लिए वह ट्रेन आदि का ही प्रयोग करते रहे। अब जब अनलॉक होने के बाद कंपनियां खुली हैं और प्रोडक्शन बढ़ाना है तो हुनरमंद कर्मचारियों को वापस बुलाने की पूरी जोर आजमाइश की जा रही है। 

एयरपोर्ट प्रशासन ने भी माना है कि जुलाई माह के दौरान काफी संख्या में कामगार प्रयागराज से पुणे, मुंबई, बंगलूरू एवं दिल्ली आदि के लिए रवाना हुए। जून माह की ही बात करें तो प्रयागराज एयरपोर्ट पर कुल 126 फ्लाइट का आवागमन हुआ। इस दौरान प्रयागराज से विभिन्न शहरों के लिए कुल 5142 यात्री रवाना हुए। जबकि बाहर से आने वालों की संख्या 12696 रही। जबकि जुलाई 2020 में एकाएक प्रयागराज से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में दोगुनी वृद्धि हो गई। इस दौरान 10041 यात्री प्रयागराज से पुणे, मुंबई, बंगलूरू, दिल्ली आदि शहरों की ओर गए। एयरपोर्ट प्रशासन भी यह मान कर चल रहा है कि अगस्त माह में यात्रियों की संख्या में जुलाई माह के मुकाबले ज्यादा वृद्धि होगी।

जून में 17 तो जुलाई में 26 हजार यात्रियों का हुआ आवागमन

अनलॉक होने के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट में यात्री आवागमन की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। जून माह के दौरान प्रयागराज एयरपोर्ट में कुल 17838 यात्रियों का आवागमन हुआ। जुलाई माह में यह आंकड़ा बढ़कर 26010 यात्री पर पहुंच गया।  जुलाई में जहां 10041 यात्रियों ने प्रयागराज से पुणे, दिल्ली, गोरखपुर, मुंबई, बंगलूरू एवं कोलकाता के लिए उडान भरी तो वहीं इन शहरों से आने वालों की संख्या 15969 रही। इसी तरह मई माह  में कुल 36 फ्लाइट का आवागमन हुआ। इससे 2403 यात्रियों की आवाजाही हुई। दरअसल 26 मई से ही लॉकडाउन के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू हुई। इस तरह से तीन माह के दौरान 46251 यात्रियों का विमान द्वारा प्रयागराज में आवागमन हुआ।

प्रयागराज एयरपोर्ट में मई, जून, जुलाई में हवाई सफर करने वालों की संख्या
माह   प्रयागराज से जाने वाले   प्रयागराज में आने वाले   कुल फ्लाइट
जून     5142     12696     226
जुलाई   10041   15969   324
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हवाई यात्रा हवाई यात्रा

69 हजार शिक्षक भर्ती मामला:  पांच अन्य नाम आए सामने, नकल माफिया समेत आठ की तलाश 

69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा धांधली मामले में पांच अन्य नाम सामने आए हैं। एसटीएफ की विवेचना के दौरान सामने आए इन नामों के बारे में पता चला है कि यह सभी अलग-अलग तरीक से सरगना केएल पटेल के लिए काम करते थे। इन पांच आरेापियों के साथ ही मामले में वांछितों की संख्या आठ हो गई है जिनकी तलाश की जा रही है। 

शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले के नामजद आरोपियों में से मायापति दुबे अब भी फरार है। विवेचना स्थानांतरित होने के बाद एसटीएफ ने नकल माफिया चंद्रमा यादव व दुर्गेेश सिंह को भी वांछित किया। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, विवेचना के क्रम में पांच अन्य लोगों के बारे में पता चला जो किसी न किसी रूप में गिरोह के लिए काम करते हैं।

इनमें अरविंद पटेल, शिवदीप पटेल, संदीप पटेल, सत्यम पटेल व  शैलेश पटेल शामिल हैं। सत्यम जहां सरगना केएल पटेल का भतीजा है वहीं शैलेश उसका साला है। यह दोनों सरगना के दाहिने हाथ के तौर पर काम करते हैं जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाला संदीप सॉल्वर है।  इसके अलावा अरविंद व शिवदीप कैंडिडेट खोजने का काम करते हैं। एसटीएफ अफसरों ने बताया कि विवेचना के दौरान पांच नाम सामने आए हैं जिनको मिलाकर कुल आठ आरोपी वांछित हैं। उनकी तलाश की जा रही है। 

गैरजमानती वारंट जारी

एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि मामले में वांछित आठों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से गैरजमानती वारंट भी जारी करा लिया गया है। फिलहाल उनकी तलाश की जा रही है। निर्धारित अवधि के बाद कोर्ट में कुर्की की कार्रवाई के लिए अर्जी दी जाएगी।
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exclusive : करेंट अफेयर्स पर मजबूत करें पकड़ और मॉक टेस्ट से करें तैयारी- आईएएस अनन्या सिंह ने साझा किए अनुभव

सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करना हर प्रतियोगी का सपना रहता है। साल दर साल तैयारी के बाद भी बहुतों का यह सपना पूरा नहीं होता। ऐसे में शहर के सेंट मेरी कान्वेंट (एसएमसी) की छात्रा अनन्या सिंह का पहले ही प्रयास में सिविल सेवा में 51 वीं रैंक हासिल करना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं। हाईस्कूल और इंटर में जिले की टॉपर रहीं अनन्या मिंटो रोड की रहने वाली हैं। उन्होंने इकोनामिक्स विषय से सिविल सेवा की परीक्षा दी। ‘अमर उजाला संवाद’ के जरिए अनन्या ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों से अपने अनुभव साझा किए। साथ ही परीक्षा की तैयारी से जुड़े तमाम सवालों के जवाब दिए। प्रस्तुत है प्रतियोगी परीक्षार्थियों से अनन्या के सवाल-जवाब के प्रमुख अंश : 


1. सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए टाइम टेबल और हिंदी-अंग्रेजी माध्यम का कितना असर पड़ता है? - रश्मि मिश्रा
0 परीक्षा की तैयारी के लिए टाइम टेबल बहुत जरूरी है। जितनी देर भी पढ़ने नियमित रूप पढ़े। ऐसा नहीं कि एक दिन आठ घंटे पढ़ लिया और दूसरे दिन पढ़ाई की ही नहीं। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए निरंतरता बहुत जरूरी है। इससे प्रतियोगी को अपनी तैयारी का स्तर पता चलता रहता है। रही बात हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की तो चयन से इसका कोई लेना देना नहीं है। संघ लोक सेवा आयोग सभी को समान अवसर देता है। आपकी तैयारी और मेहनत जैसी होगी, परिणाम वैसा ही आएगा।

2. यह कैसे तय करें कि क्या पढ़ें और क्या न पढ़ें। उत्तर लिखने की तैयारी कैसे करें ? प्रशांत पांडेय
0 बुकलिस्ट तैयार करें, इससे आपको पता चलेगा कि आपकी तैयारी की दिशा क्या है। एनसीईआरटी के साथ ही अच्छे लेखकों की किताबों से तैयारी करें। करेंट अफेयर्स पर अपनी पकड़ मजबूत रखें। मॉक टेस्ट से तैयारी करते रहे। परीक्षा के दौरान पूछे गए प्रश्नों के हिसाब से यह निर्धारित करें कि किस प्रश्न को कितना समय देना है। यह ध्यान रहे कि उत्तर लिखते वक्त तथ्यों का विशेष ध्यान रखें। जरूरी बातों को हाईलाइट भी कर सकते हैं। उत्तर अगर प्रभावशाली नहीं होगा तो अच्छे अंक नहीं मिलेंगे।

3. साक्षात्कार में अगर किसी सवाल का जवाब नहीं आता है तो क्या करना चाहिए और प्रजेंस ऑफ माइंड का कितना असर पड़ता है? जोशिका मुखर्जी
0 साक्षात्कार के दौरान अगर किसी सवाल का जवाब नहीं आ रहा है तो इधर-उधर के जवाब देने से बेहतर है कि बता दें कि सवाल की जानकारी नहीं हैं। इसे परीक्षक पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पडे़गा, क्योंकि मेंस के पेपर में आपके प्रजेंस ऑफ माइंड का मूल्यांकन हो चुका होता है। इसके साथ ही आवेदनपत्र में भरी गई सूचनाओं की पूरी जानकारी रखें। अपने शहर के एतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की भी जानकारी रखें। इससे जुड़े सवाल पूछे जाते हैं और परीक्षक उम्मीद भी करता है कि आपको इसकी जानकारी होनी चाहिए। इस बात का खास ध्यान रहे कि जो जवाब दें, वह आत्मविश्वास के साथ दें।

4. उत्तर लिखने का तरीका कैसा होना चाहिए?  मनीष पांडेय
0 उत्तर लिखने के तरीके से ही आपकी तैयारी का पता चलता है। इंट्रो, बॉडी और कनक्लूजन तीनोें पर ही ध्यान देना चाहिए। बॉडी में प्वाइंटर का प्रयोग करें। अखबारों में दी गई केस स्टडी और उदाहरणों का उत्तर देने में प्रयोग अच्छे अंक दिलाता है। कनक्लूजन उत्तर का अंतिम हिस्सा होता है। यह कभी भी नकारात्मक नहीं होना चाहिए। इसमें सकारात्मकता और सुझाव होने चाहिए।

5. तैयारी के लिए पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करना कितना कारगर होता है? उत्कर्ष सिंह अंबुज
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र तैयारी काफी उपयोगी साबित होती है। इससे यह पता चलता है कि सवाल कैसे पूछे जाते हैं। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने के साथ ही अपने शिक्षक से इसे चेक भी करवाएं। इससे गलतियों का पता चलेगा और उत्तर लिखने के तरीके में सुधार होगा।

6. अर्थशास्त्र विषय से तैयारी के लिए संसाधनों की कमी है, ऐसे में क्या किया जाए? अभिषेक सिंह
हां, यह सही है कि अर्थशास्त्र विषय की तैयारी के लिए पर्याप्त पाठ्य सामग्री नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि स्नातक की अर्थशास्त्र की किताबों को पढ़ें। नीति आयोग की अद्यतन जानकारियों पर फोकस करें। यूट्यूब और वेबसाइट्स से जानकारियां हासिल करें। ऑनलाइन टेस्ट सिरीज पर ध्यान दें। पिछले वर्षों के पेपर देखें।

7. विधि छात्र पीसीएस जे के साथ सिविल परीक्षाओं की तैयारी किस तरह से करें ? आयुष श्रीवास्तव
0 पीसीएस जे और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में अंतर है। विधि विषय को पीसीएस-जे की तैयारी करने वाले प्रतियोगी सिविल सेवा में वैकल्पिक विषय के तौर पर चुन सकते हैं। बेहतर होगा कि यह तय करें कि क्या करना है, उसी दिखा में तैयारी आपको सफलता दिलाएगी।

8. वैकल्पिक विषयों के चयन में सबजेक्ट मार्केटिंग का कितना प्रभाव पड़ता है ? टिशा कैथल
सबजेेक्ट मार्केटिंग का कोई असर नहीं पड़ता है। विषय वही चुने जो आपको पसंद हो और उसे आप लंबे समय तक पढ़ सकते हैं। दूसरे प्रतियोगी, आपके दोस्त कौन से विषय से तैयारी कर रहे हैं, इसे न देखें। जिस विषय में आपकी मजबूत पकड़ हो, उसे ही चुने।

 9. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कितने घंटे जरूरी हैं ? अभिषेक दूबे
तैयारी के लिए घंटे मायने नहीं रखते हैं। जरूरी नहीं है कि 18 घंटे पढ़ा जाए। जितनी देर भी पढ़ें एकाग्र होकर पढ़ें। उसके लिखे, जिससे पढ़ा हुआ याद रहे। पढ़ाई की शुरुआत कठिन विषयों से नहीं बल्कि हल्के तरीके से करें। सुबह उठते ही जरूरी नहीं कि किताबें ही खोलीं जाए, अखबार पढ़ने के साथ भी शुरुआत हो सकती है।
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मेडिकल स्टोर संचालक के नाम पर जालसाजों ने मंगा ली 25 लाख की दवा

prayagraj news: आईएएस अनन्या सिंह।
क्षेत्र के हनुमान नगर स्टेशन रोड  स्थित पूर्णिमा मेडिकल स्टोर के संचालक फते बहादुर कुशवाहा के जीएसटी नंबर को हैक करके जालसाजों ने एक दवा कंपनी से उनके नाम पर 28 लाख रुपये की दवा का आर्डर कर दिया।

यही नहीं दवा कंपनी ने बिना जांच पड़ताल के ही जालसाजों के आर्डर पर ही मेडिकल स्टोर संचालक के जीएसटी नंबर के जरिए 25 लाख रुपये की दवा की डिलेवरी भी कर दी। जब दवा कंपनी का पैसा फंस गया तो दवा कंपनी मालिक और उसके कर्मचारी फतेह बहादुर पर दबाव बनाने लगे। परेशान फतेह बहादुर ने नैनी कोतवाली में तहरीर देकर पूरे प्रकरण की जांच कराकर न्याय दिलाने की गुजारिश की है।

क्षेत्र के सीओडी रोड चाका अंतर्गत गंगा नगर निवासी फते बहादुर कुशवाहा की नैनी के हनुमान नगर स्टेशन रोड पर पर पूर्णिमा मेडिकल स्टोर है। फते बहादुर के मुताबिक हिमाचल प्रदेश की दवा कंपनी से वह काफी दिनों से दवा मंगाते हैं। उनका जीएसटी नंबर दवा कंपनी के पास है। पिछले दिनों दवा कंपनी को किसी ने फते बहादुर के जीएसटी नंबर के जरिए इलाहाबाद के लिए 28 लाख की दवा का आर्डर किया था। जिसमें दवा कंपनी ने 25 लाख की दवा फतेबहादुर के जीएसटी नंबर के आधार पर दे दी दी गई।

फते बहादुर का कहना है कि उन्होंने कोई आर्डर नहीं किया है। उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने हिमांचल प्रदेश की दवा कंपनी के मालिक प्रवीण  भल्ला, कर्मचारी एकता पांडेय, राम प्रकाश तिवारी, उदय कुमार चंद्रा, राजकुमार उर्फ राजाबाबू के नाम भी तहरीर में लिखा है और जांच कराकर कार्रवाई की गुजारिश की है। फते बहादुर का कहना है कि कंपनी का जब पैसा फंस गया तो कंपनी वाले उन पर दबाव बना रहे हैं और धमका रहे हैं, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान है।
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बीएड प्रवेश परीक्षा आज, तैयारी पूरी: प्रयागराज में 74 केंद्रों पर 25 हजार अभ्यर्थी देंगे बीएड प्रवेश परीक्षा

लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से रविवार को होने वाली राज्य संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा में जिले में 25 हजार अभ्यर्थी 74 केंद्रों पर परीक्षा देंगे। प्रदेश भर में इस परीक्षा में कुल चार लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। देखा जाए तो कोरोना काल की यह सबसे बड़ी परीक्षा होगी। परीक्षा आयोजन समिति ने कोरोना संक्रमण के चलते परीक्षार्थियों को आधे घंटे विलंब से पहुंचने पर भी परीक्षा में शामिल करने का निर्देश दिया है। जिससे कोई अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित न होने पाए।

पहली पाली की परीक्षा नौ से बारह, दूसरी दो से पांच बजे

स्थानीय स्तर पर परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू) भय्या विश्वविद्यालय को दी गई है। विवि के रजिस्ट्रार शेषनाथ पांडेय ने बताया कि पहली पाली की परीक्षा प्रात: नौ से बारह बजे के बीच होगी। इसके लिए परीक्षार्थियों को केंद्र पर  8.30  बजे रिपोर्ट करना होगा। दूसरी पाली की परीक्षा दो से पांच बजे के बीच होगी।

रज्जू भैया विवि के रजिस्ट्रार ने बताया कि परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद अर्थात 9.30 बजे तक केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रयागराज के 74 केंद्रों पर 25 हजार परीक्षार्थियों के अतिरिक्त मंडल के दूसरे जिलों प्रतापगढ़ के सात केंद्रों, कौशांबी तीन केंद्रों और फतेहपुर के दो केंद्रों पर कुल मिलाकर चार हजार परीक्षार्थी बीएड प्रवेश परीक्षा में शामिल होंगे। इस प्रकार पूरे मंडल में लगभग 29 हजार परीक्षार्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं।
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बीएड परीक्षा के मद्देनजर सिटी बसें और आटो आज चलेंगे, खुलेंगी दुकानें

रविवार को बंदी के बावजूद सिटी बसें और आटो-टैक्सी, ई-रिक्शा तथा अन्य वाहन चलेंगे। बीएड प्रवेश परीक्षा के अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखकर होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई एवं फलों की दुकानें, जनरल स्टोर्स भी खोले जाने की अनुमति दी गई है। सभी दुकानें सुबह छह से रात बजे तक खुलेंगी। एडीएम सिटी की ओर से इस आशय का आदेश देर को जारी किया गया। परीक्षा पर निगरानी रखने के लिए 37 मजिस्ट्रेटों की भी तैनाती की गई है।

बीएड प्रवेश परीक्षा दो पालियों में 74 केंद्रों पर सुबह नौ से 12 और दिन में दो से पांच बजे के बीच होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा स्थल तक पहुंचने में परेशानी न होने पाए इसके लिए वाहन चलाने की छूट दी गई है। इसी के साथ खाने-पीने की वस्तुओं की दुकानें भी खुली रहेंगी। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि चूंकि दिन भर परीक्षा है इसलिए सुबह से रात तक छूट रहेगी। इस दौरान दुकानदारों तथा वाहन चालकों को कोविड-19 के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने बताया कि परीक्षा में सुरक्षा के मद्देनजर भी जरूरी कदम उठाए गए हैं। हर दो सेंटर पर एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। नकल विहीन परीक्षा के अलावा कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए भी समुचित कदम उठाए गए हैं। शनिवार को हुई बैठक में मजिस्ट्रेट के अलावा परीक्षा से जुड़े अन्य लोगों को आवश्यक निर्देश दिए गए। डीएम ने बताया कि सभी केंद्रों का सैनिटाइज कराया गया है। हर पाली की परीक्षा के बाद सैनिटाइजेशन का निर्देश दिया गया है। अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। उसी के अनुसार अभ्यर्थियों के बैठने की भी व्यवस्था की गई है।
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प्रयागराज में पढ़ने वाले जम्मू कश्मीर, पूर्वोत्तर के छात्रों की समस्याएं होंगी दूर

जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों से आकर यहां पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की समस्याएं दूर होंगी। सुरक्षा के साथ उनकी आर्थिक समस्या भी दूर होगी। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन राज्यों के छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विश्वविद्यालय स्तर पर भी विद्यार्थियों से मिलकर उनकी समस्याओं की बाबत जानकारी ली गई। इसी क्रम में हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इसके सदस्य और सचिव बनाए गए हैं।

एसएसपी, सीडीओ, एसडीएम, सीओ, जिला समाजक कल्याण अधिकारी, क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी आदि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अलावा शिकायत प्रकोष्ठ का भी गठन किया गया। कमेटी की शनिवार को पहली बैठक हुई। इसमें विश्वविद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थान के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

डीएम ने शासनादेश के क्रम में जानकारी ली। साथ में आवश्यक निर्देश दिए। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी शिव प्रकाश तिवारी ने बताया कि जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्य के विद्यार्थियों से उनकी समस्याओं की बाबत जानकारी ली गई है। सुरक्षा के साथ यदि किसी को फीस संबंधी दिक्कत है तो उसे भी दूर किया जाएगा।

सपा नेता पर आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराजगी

सपा के पूर्व प्रदेश मंत्री नरेंद्र सिंह के ट्विटर पर एक व्यक्ति ने अभद्र टिप्पणी की है। इसके अलावा उन्होंने मेजा थाना में तहरीर दी है। सपा नेताओं ने आईजी केपी सिंह से भी वार्ता की तथा आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इस तरह से अभद्र टिप्पणी से सपा कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी है। पूर्व जिलाध्यक्ष पंधारी यादव का कहना था कि भाजपा के लोग मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के ऊपर भी अमर्यादित टिप्पणी कर चुके हैं। जिला प्रवक्ता दान बहादुर मधुर ने कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो सपाई सडक़ पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।
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