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संदीप गुप्ता हत्याकांड का खुलासा: कारोबारी के दोस्त के दामाद ने रची साजिश, पुलिस ने बरामद की गाड़ी

Wed, 29 Dec 2021 03:22 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 29 Dec 2021 03:22 PM IST
सार

पुलिस ने अपने खुलासे में बताया है कि संदीप के दोस्त के दामाद ने खुन्नस में इस पूरे हत्याकांड को अंजाम दिया।

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Sandeep Gupta Murder Case police claim to solve case businessman friend son in law plot murder conspiracy read detail
Sandeep Gupta Murder case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलीगढ़ के चर्चित व्यापारी संदीप गुप्ता के हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस का कहना है कि संदीप गुप्ता के हत्या की साजिश उनके दोस्त के दामाद अंकुश अग्रवाल ने रची थी। 

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार संदीप के दोस्त का दामाद अपनी पत्नी को मारता-पीटता था। ये बात दोस्त ने संदीप को बताई जिस पर संदीप ने दोस्त के दामाद को डांट दिया था। इसी बात से खुन्नस खाकर दोस्त के दामाद ने संदीप के हत्या की साजिश रच डाली।
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पुलिस का कहना है कि उसने आरोपी के पास से वारदात में प्रयुक्त कार बरामद की है। संदीप गुप्ता की हत्या सोमवार रात को अलीगढ़ में हुई थी।

शूटरों को गाइड करती कैद मिली अंकुश की क्रेटा कार
अनुसार जब सीसीटीवी की जांच शुरू हुई तो पाया कि एक क्रेटा कार ऐसी है जो शूटरों की कार के आगे हर जगह कैद है। शाम को छह बजे शहर में शूटरों की कार घुसी। उसके बाद घटना करने के बाद क्वार्सी की ओर जाते समय तक वह कार आगे है। लग रहा है कि वह शूटरों की कार को गाइड कर रही है। जब इस कार को संदिग्ध मानकर जांच शुरू की तो यह कार सारसौल के उस अंकुश अग्रवाल की निकली। इसके बाद कार के स्वामी अंकुश तक पहुंचने का प्रयास किया तो वह गायब बताया गया।
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जांच में पता चला कि अंकुश परिवार से अलग क्वार्सी इलाके में रहता है। वहां से भी वह सोमवार से गायब बताया गया। उसके कनेक्शन पर जब काम शुरू हुआ तो पता चला कि वह घटना के बाद अपनी कार रामघाट रोड तालसपुर के पास एक कार गैराज में खड़ी कर गया है। उसके बाद कार गैराज का स्वामी भी गायब है।

कार स्वामी अपने परिवार को हत्या से जुड़ी जानकारी देकर गायब हुआ है। इस जानकारी पर पुलिस ने क्रेटा को बरामद कर लिया है। वहीं शूटर हरियाणा के सोनीपत से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस आधार पर पुलिस ने शूटरों के फुटेज जारी कर उनकी पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

संदीप का रिश्ते में दामाद है अंकुश
आरोपी अंकुश पेशे से ट्रांसपोर्टर और रिश्ते में संदीप का दामाद है। अंकुश के पत्नी के साथ संबंध ठीक नहीं थे तो संदीप ने ही इनके बीच समझौता कराया था जिसके बाद अंकुश को पत्नी को 90 लाख देने थे। इसमें से 45 लाख रुपये वह पत्नी को दे चुका है। समझौते के दौरान अंकुश को संदीप के पैर छूने के लिए मजबूर होना पड़ा था। साथ ही संदीप अंकुश के कारोबार पर चोट पहुंचा चुका था। इन दोनों ही बातों से अंकुश बहुत नाराज था और ये पूरी साजिश रच डाली।

पश्चिमी यूपी के सीमेंट सप्लायर की गोली मारकर हत्या

अलीगढ़ के सिविल लाइंस क्षेत्र में अतिव्यस्त रामघाट रोड स्थित गांधीआई तिराहा मोड़ पर सोमवार देर शाम पश्चिमी यूपी के अल्ट्राटेक सीमेंट सप्लायर व नामचीन कारोबारी संदीप गुप्ता उर्फ संदीप लाला (52) की हत्या कर दी गई थी। घटना के वक्त वे अपनी फार्च्युनर में ड्राइवर व अल्ट्राटेक कंपनी के अधिकारी संग सवार थे और पीछे स्कार्पियो में उनकी निजी व पुलिस की सुरक्षा चल रही थी। इसी बीच एक नीले रंग की बलेनो कार उनके बराबर आकर रुकी। उसमें से उतरे हमलावरों ने संदीप को निशाना बनाकर फायरिंग कर दी।

तीन गोलियां लगते ही संदीप कार में ढेर हो गए। इसके बाद हमलावर भाग गए। आनन-फानन संदीप को क्वार्सी के ट्रामा सेंटर ले जाया गया, मगर उन्हें मृत घोषित कर दिया। खबर पर सियासी व कारोबारी जगत में अफरा-तफरी मची हुईहै। देर रात तक पुलिस कारणों व हमलावरों की कार को खोजने में लगी थी।

बताया गया है कि मूल रूप से एटा के अलीगंज के नामचीन कारोबारी संदीप गुप्ता चार भाइयों में दूसरे नंबर के हैं। उन पर जवां साथा स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्टरी का पश्चिमी यूपी की सप्लाई का जिम्मा है। उनका महाजन होटल के सामने कावेरी एन्क्लेव में दफ्तर व आवास भी बना रखा है।

हालांकि परिवार के बाकी सदस्य अलीगंज ही रहते हैं। यहां वे खुद व बेटा यश रहकर व्यापार संभालते हैं। घटना के वक्त सोमवार रात करीब 8:45 बजे वे अपने दफ्तर से अल्ट्राटेक कंपनी के अधिकारी निगम को अपनी फार्च्युनर कार में बैठाकर उनके ग्रीनपार्क स्थित आवास छोड़ने जा रहे थे। इस बीच उन्होंने गांधी आई तिराहा मोड़ पर पान की दुकान पर गाड़ी रुकवाई और ड्राइवर को पान मसाला लेने भेजा। उनकी सिक्योरिटी कार भी कुछ कदम पीछे रुक गई।

तभी हमलावरों की कार बराबर आकर रुकी और संदीप जिस साइड बैठे थे, उस साइड शीशे से सटाकर तीन गोलियां मारी और भाग गए। इस दौरान तीन राउंड हवाई फायर भी दहशत फैलाने के इरादे से किए गए। आनन-फानन उनके साथी उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके पर एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय सहित क्वार्सी व सिविल लाइंस पुलिस पहुंच गई थी।

मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे थे और उनके साथ मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही थी। हालांकि अभी तक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। मगर इसके मूल में कारोबारी व सियासी रंजिश की बू आ रही थी। मृत कारोबारी हाल ही में हमले में जख्मी हुए पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र प्रताप उर्फ पिंका ठाकुर का बेहद करीबी बताया गया है।

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