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डस्टबिन घोटाले की आरोपी फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज
Updated Sun, 08 Jul 2018 01:48 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं कूड़ा एक जगह एकत्र करने के उद्देश्य से 30 ग्राम पंचायतों में डस्टबिन खरीद में गोलमाल की जिम्मेदार फर्म के खिलाफ शनिवार को एडीओ पंचायत ने चंडौस थाने में एफआईआर दर्ज करा दी। फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। इधर नोटिस के बाद प्रधानों ने अपने अपने हिस्से की धनराशि जमा करनी शुरू कर दी है।
यह था मामला
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामों का कूड़ा एक ही जगह एकत्र करने के उद्देश्य से चंडौस क्षेत्र की 30 ग्राम पंचायतों में डस्टबिन खरीद को हरी झंडी दिखाई गई थी। डस्टबिन का टेंडर एनसीआर इंफ्रा बैंचर कंपनी को दिया गया था।
इस मामले में इन सभी पंचायतों में 42 लाख 78 हजार 640 रुपये से डस्टबिन खरीदे गए। लेकिन महज कागजों में। इसकी शिकायत मिलने पर डीएम के आदेश पर डीपीआरओ पारुल सिसौदिया ने जांच की। जांच में पाया गया कि डस्टबिन खरीद के लिए फर्म को जनवरी माह में ही पूरा भुगतान कर दिया गया है, लेकिन डस्टबिन की आपूर्ति कही नहीं की गई है।
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इन ग्राम पंचायतों में रखे जाने थे डस्टबिन
गंगेई, वीरपुरा, ओगर नगला राजू, करनपुर, खिजरपुर, गणेशपुर, नगला पदम, ऊमरी, चंडौस, सूरजपुर जरारा, बहारपुर, कसेरू, अमृतपुर, स्वदेशपुर, डेटा खुर्द, टीकरी भवापुर, सबलपुर, मोहरैना, महाराजपुर, विसारा, बांमौती, चांदनेर, उदयपुर, बरका, पिसावा, रूपनगर, शाहपुर, चीवनपुर, इमलहरा व बझेड़ा।
आरोपी फर्म को ब्लैक लिस्ट कर एडीओ पंचायत ने चंडौस थाने में फर्म संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। नोटिस के बाद कार्रवाई से बचने के लिए प्रधानों ने अपने अपने हिस्से की धनराशि जिला पंचायत राज विभाग में जमा करानी शुरू कर दी है।
- दिनेश चंद्र, मुख्य विकास अधिकारी
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ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं कूड़ा एक जगह एकत्र करने के उद्देश्य से 30 ग्राम पंचायतों में डस्टबिन खरीद में गोलमाल की जिम्मेदार फर्म के खिलाफ शनिवार को एडीओ पंचायत ने चंडौस थाने में एफआईआर दर्ज करा दी। फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। इधर नोटिस के बाद प्रधानों ने अपने अपने हिस्से की धनराशि जमा करनी शुरू कर दी है।
यह था मामला
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामों का कूड़ा एक ही जगह एकत्र करने के उद्देश्य से चंडौस क्षेत्र की 30 ग्राम पंचायतों में डस्टबिन खरीद को हरी झंडी दिखाई गई थी। डस्टबिन का टेंडर एनसीआर इंफ्रा बैंचर कंपनी को दिया गया था।
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इस मामले में इन सभी पंचायतों में 42 लाख 78 हजार 640 रुपये से डस्टबिन खरीदे गए। लेकिन महज कागजों में। इसकी शिकायत मिलने पर डीएम के आदेश पर डीपीआरओ पारुल सिसौदिया ने जांच की। जांच में पाया गया कि डस्टबिन खरीद के लिए फर्म को जनवरी माह में ही पूरा भुगतान कर दिया गया है, लेकिन डस्टबिन की आपूर्ति कही नहीं की गई है।
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इन ग्राम पंचायतों में रखे जाने थे डस्टबिन
गंगेई, वीरपुरा, ओगर नगला राजू, करनपुर, खिजरपुर, गणेशपुर, नगला पदम, ऊमरी, चंडौस, सूरजपुर जरारा, बहारपुर, कसेरू, अमृतपुर, स्वदेशपुर, डेटा खुर्द, टीकरी भवापुर, सबलपुर, मोहरैना, महाराजपुर, विसारा, बांमौती, चांदनेर, उदयपुर, बरका, पिसावा, रूपनगर, शाहपुर, चीवनपुर, इमलहरा व बझेड़ा।
आरोपी फर्म को ब्लैक लिस्ट कर एडीओ पंचायत ने चंडौस थाने में फर्म संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। नोटिस के बाद कार्रवाई से बचने के लिए प्रधानों ने अपने अपने हिस्से की धनराशि जिला पंचायत राज विभाग में जमा करानी शुरू कर दी है।
- दिनेश चंद्र, मुख्य विकास अधिकारी