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Shimla News: संजौली बाजार का विस्तार हुआ, सुविधाएं पुरानी, जाम से दिक्कत
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बाजार के हाल...
सड़क पर ट्रैफिक के बीच पैदल चलकर खरीदारी करने पहुंचते हैं लोग, वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग नहीं
एक पार्किंग में सिर्फ मासिक शुल्क पर सुविधा उपलब्ध
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के संजौली बाजार में कई दशकों से चल रही दुकानों के साथ अब बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शोरूम भी खुल चुके हैं। इनमें कारोबार भी अच्छा चल रहा है।
शाम ढलते ही संजौली बाजार में शिमला के ऐतिहासिक मालरोड की तरह रौनक रहती है। ढाई से तीन सौ दुकानें सड़क के दोनों ओर बनी हैं। कारोबारियों और ग्राहकों के लिए सड़क पर बढ़ता ट्रैफिक मुख्य समस्या है। कारोबारी मानते हैं कि ट्रैफिक है, तभी मार्केट है और तभी सामान बिकेगा लेकिन ग्राहक की सुरक्षा भी जरूरी है। बाजार में आमतौर पर ग्राहक सड़क के किनारे पैदल चलकर ही खरीदारी कर सकते हैं। यहां कहीं भी गाड़ी पार्क करके खरीदारी करने की सुविधा नहीं है। संजौली में एक कोने में बनी बड़ी पार्किंग हमेशा फुल रहती है। इसमें मासिक शुल्क एकसाथ चुकाने वाले कार मालिक ही अपने वाहन खड़े करते हैं। इससे बाजार में खरीदारी करने आने वाले आम ग्राहकों के लिए गाड़ी पार्क करने की कोई उपयुक्त जगह नहीं है, जहां वह वाहन खड़ाकर आराम से खरीदारी कर सकें। इस मार्केट के लिए आसपास अलग से पार्किंग बनाई जाए तो ग्राहकों को भी राहत मिलेगी और कारोबार को भी इसका लाभ होगा। बाजार के लिए पार्किंग का निर्माण किया जाना बेहद जरूरी हो गया है। सुबह साढ़े आठ से सवा नौ बजे तक संजौली बाजार में ट्रैफिक वन-वे किया जाता है। वहीं शाम को 4:45 से 6:30 बजे तक सड़क पर ट्रैफिक बंद रखा जाता है। इस दौरान आम लोग बिना किसी डर के बाजार में पैदल घूमते हैं।
संजौली-ढली बाईपास से डायवर्ट करें ट्रैफिक
संजौली बाजार में ट्रैफिक अधिक होने से ग्राहकों के साथ कारोबारियों को भी परेशानी है। ट्रैफिक कम करने के लिए उचित कदम उठाने की जरूरत है। संजौली चौक के पीछे से ही ऊपरी शिमला के वाहनों को बाईपास से भेजा जाए तो जाम से राहत मिल सकती है। कारोबार कम होने के कारणों में बाजार में ट्रैफिक अधिक होना भी एक कारण है।
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-कमल, निवासी संजौली
ढाई सौ वाहनों के लिए बनाएं पार्किंग
संजौली बाजार में ग्राहकों के वाहनों को खड़ा करने के लिए उपयुक्त जगह देखकर सरकार और नगर निगम कम से कम ढाई सौ वाहनों को पार्क करने की सुविधा दें तो ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। यदि यह संभव नहीं है, तो दो से तीन जगहों पर कुछ वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग होना जरूरी है। इसमें सिर्फ ग्राहकों के वाहनों को पार्क करने की अनुमति होनी चाहिए। इससे रोटेशन में अधिक सामान खरीदने वाले ग्राहक आसानी से सामान लेकर जा सकेंगे।
-गुरमित सिंह, कारोबारी, संजौली बाजार
मूल समस्याओं का करें समाधान
संजौली में समय के साथ आबादी और वाहनों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई लेकिन इस आबादी के लिए मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने में राजनेताओं की दूरदर्शिता की कमी रही है। बाजार में ग्राहक आएगा, तभी कारोबार चलेगा। ग्राहकों के लिए पार्किंग और सड़क के चौड़ीकरण जैसे कार्यों की ओर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया जिससे समस्या दिनोंदिन बढ़ती ही रही। अभी भी बाजार के ट्रैफिक को कम करने के लिए कदम उठाना जरूरी है।
-डॉ. रविंद्र चौहान, सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य
अनलोडिंग पॉइंट किए जाएं तय
नगर निगम और प्रदेश सरकार ट्रैफिक के बीच पैदल चलने के जोखिम को कम करने की दिशा में कार्य करें तथा उचित स्थान देखकर ग्राहकों के वाहनों के लिए पार्किंग का निर्माण करवाएं। ग्राहकों और कारोबारियों की सुविधा के लिए दुकानों का सामान उतारने के लिए समय और स्थान चिह्नित किए जाएं तो समस्या कम हो सकती है। हमारी रोजी-रोटी यहीं से चलती है, इसलिए सड़क किनारे पैदल चलने वाले ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाना चाहिए।
-रवि कुमार, समाजसेवी कारोबारी
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सड़क पर ट्रैफिक के बीच पैदल चलकर खरीदारी करने पहुंचते हैं लोग, वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग नहीं
एक पार्किंग में सिर्फ मासिक शुल्क पर सुविधा उपलब्ध
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के संजौली बाजार में कई दशकों से चल रही दुकानों के साथ अब बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शोरूम भी खुल चुके हैं। इनमें कारोबार भी अच्छा चल रहा है।
शाम ढलते ही संजौली बाजार में शिमला के ऐतिहासिक मालरोड की तरह रौनक रहती है। ढाई से तीन सौ दुकानें सड़क के दोनों ओर बनी हैं। कारोबारियों और ग्राहकों के लिए सड़क पर बढ़ता ट्रैफिक मुख्य समस्या है। कारोबारी मानते हैं कि ट्रैफिक है, तभी मार्केट है और तभी सामान बिकेगा लेकिन ग्राहक की सुरक्षा भी जरूरी है। बाजार में आमतौर पर ग्राहक सड़क के किनारे पैदल चलकर ही खरीदारी कर सकते हैं। यहां कहीं भी गाड़ी पार्क करके खरीदारी करने की सुविधा नहीं है। संजौली में एक कोने में बनी बड़ी पार्किंग हमेशा फुल रहती है। इसमें मासिक शुल्क एकसाथ चुकाने वाले कार मालिक ही अपने वाहन खड़े करते हैं। इससे बाजार में खरीदारी करने आने वाले आम ग्राहकों के लिए गाड़ी पार्क करने की कोई उपयुक्त जगह नहीं है, जहां वह वाहन खड़ाकर आराम से खरीदारी कर सकें। इस मार्केट के लिए आसपास अलग से पार्किंग बनाई जाए तो ग्राहकों को भी राहत मिलेगी और कारोबार को भी इसका लाभ होगा। बाजार के लिए पार्किंग का निर्माण किया जाना बेहद जरूरी हो गया है। सुबह साढ़े आठ से सवा नौ बजे तक संजौली बाजार में ट्रैफिक वन-वे किया जाता है। वहीं शाम को 4:45 से 6:30 बजे तक सड़क पर ट्रैफिक बंद रखा जाता है। इस दौरान आम लोग बिना किसी डर के बाजार में पैदल घूमते हैं।
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संजौली-ढली बाईपास से डायवर्ट करें ट्रैफिक
संजौली बाजार में ट्रैफिक अधिक होने से ग्राहकों के साथ कारोबारियों को भी परेशानी है। ट्रैफिक कम करने के लिए उचित कदम उठाने की जरूरत है। संजौली चौक के पीछे से ही ऊपरी शिमला के वाहनों को बाईपास से भेजा जाए तो जाम से राहत मिल सकती है। कारोबार कम होने के कारणों में बाजार में ट्रैफिक अधिक होना भी एक कारण है।
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-कमल, निवासी संजौली
ढाई सौ वाहनों के लिए बनाएं पार्किंग
संजौली बाजार में ग्राहकों के वाहनों को खड़ा करने के लिए उपयुक्त जगह देखकर सरकार और नगर निगम कम से कम ढाई सौ वाहनों को पार्क करने की सुविधा दें तो ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। यदि यह संभव नहीं है, तो दो से तीन जगहों पर कुछ वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग होना जरूरी है। इसमें सिर्फ ग्राहकों के वाहनों को पार्क करने की अनुमति होनी चाहिए। इससे रोटेशन में अधिक सामान खरीदने वाले ग्राहक आसानी से सामान लेकर जा सकेंगे।
-गुरमित सिंह, कारोबारी, संजौली बाजार
मूल समस्याओं का करें समाधान
संजौली में समय के साथ आबादी और वाहनों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई लेकिन इस आबादी के लिए मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने में राजनेताओं की दूरदर्शिता की कमी रही है। बाजार में ग्राहक आएगा, तभी कारोबार चलेगा। ग्राहकों के लिए पार्किंग और सड़क के चौड़ीकरण जैसे कार्यों की ओर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया जिससे समस्या दिनोंदिन बढ़ती ही रही। अभी भी बाजार के ट्रैफिक को कम करने के लिए कदम उठाना जरूरी है।
-डॉ. रविंद्र चौहान, सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य
अनलोडिंग पॉइंट किए जाएं तय
नगर निगम और प्रदेश सरकार ट्रैफिक के बीच पैदल चलने के जोखिम को कम करने की दिशा में कार्य करें तथा उचित स्थान देखकर ग्राहकों के वाहनों के लिए पार्किंग का निर्माण करवाएं। ग्राहकों और कारोबारियों की सुविधा के लिए दुकानों का सामान उतारने के लिए समय और स्थान चिह्नित किए जाएं तो समस्या कम हो सकती है। हमारी रोजी-रोटी यहीं से चलती है, इसलिए सड़क किनारे पैदल चलने वाले ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाना चाहिए।
-रवि कुमार, समाजसेवी कारोबारी