विज्ञापन
विज्ञापन
मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020
Astrology Services

मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

जम्मू-कश्मीरः डॉ अनिला चाड़क को मिला हरिशंकर परसाई स्मृति सम्मान, भूटान में लहराया हिंदी का परचम

अंतर्राष्ट्रीय साहित्य कला मंच उत्तर प्रदेश ने भूटान में दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इसमें जम्मू की रहने वाली डॉ अनिला सिंह चाड़क को डॉ हरिशंकर प...

11 जनवरी 2020

विज्ञापन
विज्ञापन

जम्मू

शनिवार, 18 जनवरी 2020

डॉ. जितेन्द्र सिंह बोले- परमात्मा चाहते थे कि मोदी जी जैसे महापुरुष के हाथों खत्म हो अनुच्छेद 370

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर कहा कि हमे शायद इसलिए इतना इंतजार करना पड़ा कि परमात्मा को भी यही मंजूर था कि मोदी जी जैसा कोई महापुरुष धरती पर उतरे और ये पुण्य कार्य उनके हाथों से हो।
 


आपको बता दें कि केंद्र सरकार के 36 मंत्री आज यानी कि शनिवार को जम्मू-कश्मीर के शहरों व गांवों का दौरा करने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं खराब मौसम के कारण तीन केंद्रीय मंत्रियों की फ्लाइट जम्मू में नहीं उतर सकी। इस वजह से उन्हें श्रीनगर उतरना पड़ा। इन मंत्रियों में डॉ जितेंद्र सिंह, अश्विनी चौबे और अर्जुन राम मेघवाल शामिल हैं। सभी मंत्री जनता से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं। इस दौरान वे उनकी समस्याओं से भी रूबरू हुए। अनुच्छेद 370 खत्म होने व जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद मोदी सरकार की यह पहली पहल है।

सरकारी स्तर पर होने वाले इस कार्यक्रम के तहत केंद्रीय मंत्री मौके पर ही समस्याओं के निस्तारण के निर्देश जारी करेंगे। कश्मीर में श्रीनगर, बारामुला और सोपोर में मंत्रियों के कार्यक्रम होंगे। दौरे का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान करने के साथ ही विकास कार्यों में तेजी लाना और पीएम विकास पैकेज के कार्यों को गति देना है। मंत्रियों के दौरे से एक दिन पहले एलजी जीसी मुर्मू ने शहर के विभिन्न विकास प्रोजेक्टों का मौका मुआयना कर उनकी प्रगति की समीक्षा की। ... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: पाबंदियों में और ढील, प्रीपेड सिमकार्ड पर कॉल और एसएमएस सुविधा बहाल

19 जनवरी 1990: कश्मीरी पंडितों के पलायन के 30 साल, ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा 'हम वापस आएंगे'

घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए 19 जनवरी प्रलय का दिन माना जाता है, क्योंकि वर्ष 1990 में हालात बिगड़ने के कारण इसी तारीख में कश्मीरी पंडित समुदाय ने कश्मीर घाटी से पलायन करना शुरू कर दिया था।

मई 1990 तक करीब पांच लाख कश्मीरी पंडित जान बचाने के लिए अपनी मातृभूमि को छोड़ कश्मीर से पलायन कर चुके थे, जो स्वतंत्रता के बाद भारत का सबसे बड़ा पलायन माना जाता है। इसी के चलते हर वर्ष 19 जनवरी को जहां कहीं भी कश्मीरी पंडित रहते हैं, वहां वह इस तारीख को ‘होलोकॉस्ट/एक्सोडस डे’ (प्रलय/बड़ी संख्या में पलायन की तारीख) के तौर पर मनाते हैं।

इस तारीख को कल यानी कि रविवार को 30 साल पूरे हो जाएंगे। वहीं इस घटना को लेकर आज ट्विटर ट्रेंड चर्चा में है। ट्विटर पर हम वापस आएंगे और कश्मीर पंडित ट्रेंड कर रहा है। इस तारीख को जो भी कश्मीरी पंडित याद करता है, उसे वह यादें सिहरा कर रख देती हैं। उनके मुंह से सिर्फ यही शब्द निकलते हैं कि ऐसा दिन किसी की भी जिंदगी में कभी भी न आए।
... और पढ़ें

एनआईए ने संभाली दविंदर सिंह केस की जांच, पूछताछ के लिए लाया जाएगा दिल्ली

हिजबुल कमांडर नवीद बाबू के साथ गिरफ्तार डीएसपी दविंदर सिंह के मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने संभाल ली है। गृह मंत्रालय ने एनआईए को जांच अपने हाथों में लेने का आदेश दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दविंदर को पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जाएगा। 

उधर, आतंकियों के साथ पकड़े गए डीएसपी के मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आतंकवादी दविंदर को चुप कराने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को इसकी जांच सौंपी गई है। उन्होंने दविंदर मामले को एनआईए को सौंपे जाने को लेकर सवाल किया कि आखिर कौन इस आतंकवादी को चुप कराना चाहता है?

सूत्रों ने बताया कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के पत्र का जिक्र सामने आने के बाद दविंदर सिंह से जैश आतंकियों के साथ संबंध होने के बारे में भी पूछताछ की गई। हालांकि, अभी यह सामने नहीं आया है कि उसने क्या-कुछ बताया। वहीं नई दिल्ली में राहुल ने ट्वीट किया, ‘एनआईए के प्रमुख एक दूसरे मोदी (योगेश चंद्र मोदी) हैं। उन्होंने गुजरात दंगों और हरेन पांड्या की हत्या की जांच की। उनकी निगरानी में जांच कराना, मामले को ठंडे बस्ते में डालने के अलावा कुछ नहीं है।’ 

इससे पहले राहुल गांधी ने सरकार को घेरते हुए सवाल किए थे कि दविंदर के मामले पर प्रधानमंत्री-गृह मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खामोश क्यों हैं? पुलवामा हमले में दविंदर की क्या भूमिका थी? उसने और कितने आतंकवादियों की मदद की? उसे कौन और क्यों संरक्षण दे रहा था?
... और पढ़ें
निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह

डीएसपी की कलंक कथाः आतंकियों से संबंधों की हो रही जांच, छापेमारी में अहम सबूत लगे हाथ

हिजबुल कमांडर नवीद बाबू के साथ गिरफ्तार डीएसपी दविंदर सिंह के मामले में शुक्रवार को भी सुरक्षा एजेंसियों की जांच जारी रही। दविंदर सिंह की जैश-ए-मोहम्मद समेत अन्य आतंकी संगठनों के आतंकियों से सांठगांठ की भी जांच की जा रही है। इसी सिलसिले में दक्षिणी कश्मीर में आतंकियों की ओर से बताए गए कई ठिकानों पर छापामारी की गई। सूत्रों के मुताबिक कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। वहीं हिजबुल कमांडर नवीद बाबू के साथ गिरफ्तार डीएसपी दविंदर सिंह के मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने संभाल ली है। गृह मंत्रालय ने एनआईए को जांच अपने हाथों में लेने का आदेश दिया था। अब दविंदर को पूछताछ के लिए एनआईए दिल्ली ले जा सकती है।
... और पढ़ें

केंद्र के 36 मंत्रियों का दौरा आज से, जम्मू के साथ ही कश्मीर में भी लोगों से करेंगे मुलाकात

केंद्र सरकार के 36 मंत्री शनिवार से जम्मू-कश्मीर के शहरों व गांवों का दौरा कर जनता से सीधे संवाद स्थापित करेंगे। इस दौरान वे उनकी समस्याओं से भी रूबरू होंगे। अनुच्छेद 370 खत्म होने व जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद मोदी सरकार की यह पहली पहल है।

सरकारी स्तर पर होने वाले इस कार्यक्रम के तहत केंद्रीय मंत्री मौके पर ही समस्याओं के निस्तारण के निर्देश जारी करेंगे। कश्मीर में श्रीनगर, बारामुला और सोपोर में मंत्रियों के कार्यक्रम होंगे। दौरे का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान करने के साथ ही विकास कार्यों में तेजी लाना और पीएम विकास पैकेज के कार्यों को गति देना है। मंत्रियों के दौरे से एक दिन पहले एलजी जीसी मुर्मू ने शहर के विभिन्न विकास प्रोजेक्टों का मौका मुआयना कर उनकी प्रगति की समीक्षा की। 

कार्यक्रम के तहत 18 जनवरी को अर्जुन राम मेघवाल- सांबा जिले के खड़ामड़ाना परमंडल, डॉ. जितेंद्र सिंह- जम्मू कन्वेंशन सेंटर व अश्विनी चौबे- सांबा के छजवाल में रहेंगे। 19 जनवरी को स्मृति ईरानी- कटड़ा, डॉ. महेंद्र नाथ पांडे- जम्मू के शाइनिंग स्टार सभागार झज्जर कोटली, अर्जुन राम मेघवाल- कठुआ के बसोहली म्युनिसिपल कम्यूनिटी हाल, वी मुरलीधरन-कठुआ के बिलावर डाक बंगला, अनुराग सिंह ठाकुर- जम्मू के नगरोटा गर्ल्स एचएसएस, डॉ. जितेंद्र सिंह-उधमपुर के सुभाष स्टेडियम, पीयूष गोयल-जम्मू के अखनूर एचएसएस और अश्विनी चौबे का सांबा के घग्वाल में कार्यक्रम होगा। 
... और पढ़ें

जेके बोर्ड परीक्षा की तिथि घोषित, दसवीं की 29 और 12वीं की 27 फरवरी से

शिक्षा विभाग ने जम्मू संभाग में दसवीं और 12वीं कक्षा के रेगुलर विद्यार्थियों के लिए परीक्षा तिथि की घोषणा कर दी है। कक्षा दस की परीक्षा 29 फरवरी और 12वीं की 27 फरवरी से शुरू होगी। दोनों ही कक्षाओं की परीक्षाएं सुबह 11 बजे शुरू होंगी। 

कक्षा दस की 29 फरवरी को अंग्रेजी, 3 मार्च को सोशल साइंस, 7 मार्च को गणित, म्यूजिक, पेंटिंग, आर्ट एंड ड्राइंग, 11 मार्च को साइंस (फिजिक्स, केमेस्ट्री, लाइफ साइंस, होम साइंस), 14 मार्च को हिंदी-उर्दू, 17 मार्च को वोकेशनल (हेल्थकेयर, रिटेल, टूरिज्म, सूचना तकनीकी, सिक्योरिटी, कृषि, ब्यूटी वेलनेस, मीडिया, फिजिकल एजुकेशन) और 18 मार्च को एडिशनल एवं ऑप्शनल की परीक्षा होगी। म्यूजिक साइंस, होम साइंस, कंप्यूटर साइंस और साइंस के प्रैक्टिल 24 मार्च को होंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को अपने अपने संस्थान के हेड से संपर्क कर इसकी जानकारी लेनी होगी। 17 फरवरी तक विद्यार्थियों के रोल नंबर जारी हो जाएंगे। 

12वीं की परीक्षा के तहत विज्ञान संवर्ग की 27 फरवरी को जियोलाजी, बायो टेक्नालाजी, माइक्रो बायोलाजी व बायो केमेस्ट्री, दो मार्च को सामान्य अंग्रेजी, पांच मार्च को केमेस्ट्री, दस मार्च को फिजिक्स, 12 मार्च-ज्योग्राफी, 16 मार्च-मैथ्स, 19 मार्च-बायोलाजी(बॉटनी-जूलॉजी) व सांख्यिकी, 23 मार्च-कंप्यूटर साइंस, इंफोरमेटिक्स प्रैक्टिस, इनवायरोमेंट साइंस, फंक्शनल इंग्लिश, फिजिकल एजुकेशन, इस्लामिक स्टडीज, वैदिक स्टडीज, बुद्धिस्ट स्टडीज व इलेक्ट्रानिक्स तथा 26 मार्च को आईटी, रिटेल, हेल्थकेयर व टूरिज्म की परीक्षा होगी। 
... और पढ़ें

कश्मीर: बडगाम में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकी घेरे, परिवार की आड़ लेकर छिपे हैं दहशतगर्द

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर शुक्रवार को दिनभर घेराबंदी और तलाशी अभियान (कासो) चलाया गया। देर शाम तक आतंकियों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इसी बीच अंधेरा होने के बाद फ्लड लाइट लगा दी गई है, ताकि आतंकी भाग न सकें। 

बताते हैं कि चाडूरा में एक स्थानीय आतंकी के घर दो विदेशी आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर सेना तथा सुरक्षा बलों ने घेरेबंदी तथा तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान पता चला कि घर में आतंकी का परिवार भी मौजूद है। 

इस पर सुरक्षा बलों की ओर से कार्रवाई शुरू नहीं की गई। परिवार के सदस्यों को बाहर निकालने की कोशिशें जारी रहीं। साथ ही आतंकियों से समर्पण करने के लिए भी कहा गया। घर के अंदर परिवार के सदस्यों की मौजूदगी की वजह से ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। 
... और पढ़ें

नए जम्मू-कश्मीर में अब नया इतिहास-भूगोल पढ़ेंगे स्कूली बच्चे, किताबों में किया गया ये बड़ा बदलाव

अनुच्छेद 370 और 35 ए हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में स्कूली बच्चे भी अब नया इतिहास और भूगोल पढ़ेंगे। निजाम बदलने के बाद अब यहां का स्कूली पाठ्यक्रम भी बदला जा रहा है। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नए शैक्षिक सत्र से छठी से दसवीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम में बदलाव करने का फैसला लिया है।

इतिहास, भूगोल और नागरिक शास्त्र विषयों के पाठ्यक्रम में बड़े स्तर पर बदलाव किया जा रहा है। बदले पाठ्यक्रम की किताबें भी छपना शुरू हो गई हैं। नए पाठ्यक्रम में बदले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से जुड़ी कई नई जानकारियां शामिल की गई हैं।

सामाजिक अध्ययन (सोशल स्टडीज) के तहत इतिहास, नागरिक शास्त्र (सिविक्स) और भूगोल (ज्योग्राफी) विषयों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर शामिल किया है। शिक्षा बोर्ड ने पाठ्यक्रम में जम्मू-कश्मीर को मुख्य रूप से शामिल किया है। 7वीं से 10वीं कक्षा की नागरिक शास्त्र की पुस्तक में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश का नया मानचित्र भी दिया गया है।

बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि छठी से 10वीं तक की किताबों में बदलाव किया गया है। पाठ्यपुस्तकों में ज्यादातर पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार है। नया पाठ्यक्रम 2020 में शुरू होने वाले नए सत्र से पढ़ाया जाएगा। फरवरी-मार्च 2021 में समर जोन के स्कूलों की परीक्षाओं में नए पाठ्यक्रम के आधार पर प्रश्न पत्र तैयार किए जाएंगे। 
... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: उधमपुर में अज्ञात बीमारी से मरने वालों बच्चों की संख्या पहुंची दस, छह की हालत गंभीर

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में रामनगर के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ सप्ताह के अंदर अज्ञात बीमारी से मरने वालों बच्चों की मौत का आंकड़ा दस तक पहुंच गया है। शुक्रवार को स्वास्थ्य निदेशालय की टीम जांच के लिए जब रामनगर पहुंची तो चार और बच्चों की पहचान हुई, जिनकी मौत अज्ञात बीमारी से हुई है। इसके अलावा छह बच्चों का उपचार अभी चल रहा है। जम्मू से आई टीम ने बच्चों के घरों में जाकर दवाओं के अलावा पानी व दूध के सैंपल भी लिए।

गौरतलब है कि पिछले कुछ सप्ताह में रामनगर के अंदर अज्ञात बीमारी का शिकार होने से बच्चों की मौत हो रही है। इन बच्चों को पहले बुखार होने की शिकायत सामने आई। इसके बाद जब इनको दवाई दी गई तो इन्होंने उल्टियां शुरू कर दीं। इसके बाद इनकी किडनी फेल होने पर मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने पहले ब्लाक स्तर और फिर बाद में जिला स्तर की डाक्टरों की टीम का गठन कर जांच की, लेकिन बीमारी के कारणों के बारे में कुछ नहीं पता चला। 

शुक्रवार को स्वास्थ्य निदेशालय के सदस्यों की टीम जांच के लिए रामनगर पहुंची। जब रामनगर में टीम ने जांच शुरू की और एक-एक कर बच्चों के घरों में पहुंचना शुरू किया तो इसी दौरान टीम को पता चला कि चार और ऐसे बच्चे हैं, जिनकी मौत अज्ञात बीमारी से हुई है। इसी के साथ मरने वाले बच्चों की संख्या दस हो गई है। इसके अलावा छह बच्चों का उपचार चंडीगढ़, लुधियाना और जम्मू में चल रहा है। 
... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष समेत चार की नजरबंदी हटी, महबूबा-उमर-फारूख अभी भी कैद में

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद नजरबंद चार और कश्मीरी नेताओं की नजरबंदी हटा दी गई हैं। इनमें पीडीपी के एक पूर्व मंत्री तथा विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष भी शामिल हैं। इससे पहले गुरुवार को पांच नेताओं को एमएलए हॉस्टल से रिहा किया गया था। सरकार की ओर से धीरे-धीरे बंदियों की रिहाई की जा रही है। 

जिन नेताओं की नजरबंदी हटी है उनमें विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष नजीर अहमद गुरेजी (नेकां), पीडीपी के पूर्व मंत्री अब्दुल हक खान, पीपुल्स कांफ्रेंस के पूर्व विधायक मोहम्मद अब्बास वानी और कांग्रेस के पूर्व विधायक अब्दुल राशिद शामिल हैं। गुरुवार की देर रात इनकी नजरबंदी समाप्त की गई। 

इससे पहले वीरवार को रिहा होने वालों में नेकां के पूर्व विधायक अल्ताफ कल्लू व पूर्व एमएलसी शौकत गनेई, पीडीपी के पूर्व एमएलसी निजामुद्दीन बट, श्रीनगर के पूर्व मेयर व नेकां नेता सलमान सागर तथा पीडीपी नेता मुख्तार बंद शामिल हैं। 

फारूक, उमर, महबूबा अब भी बंद
पांच अगस्त से पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती समेत सैकड़ों नेता व कार्यकर्ता बंद हैं। फारूक को 17 सितंबर से पीएसए में निरुद्ध किया गया है। पिछले दिनों प्रशासन ने 26 बंदियों से पीएसए हटा लिया था। महबूबा मुफ्ती को चश्मे शाही से पहले ही शिफ्ट कर शहर में एक सरकारी आवास में रखा गया है।  उमर को हरि निवास में रखा गया था जहां से उन्हें उनके आधिकारिक आवास के पास एक घर में स्थानांतरित करने का फैसला किया गया है। 
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us