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जम्मू में लश्कर के पांच मददगार गिरफ्तार, रच रहे थे आतंक फैलाने की साजिश

जम्मू संभाग में सीमा पार के निर्देश पर आतंकी गतिविधियों को फैलाने की साजिश में शामिल आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए पांच और मददगारों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी 19 जुलाई को पकड़े गए डोडा के मुबासिर फारूक बट की निशानदेही पर हत्थे चढ़े हैं। मुबासिर चंडीगढ़ के खरार में बीएससी नर्सिंग का छात्र रहा है। मॉड्यूल के सभी सदस्य पाकिस्तानी हैंडलर हारून उर्फ खुबैब (मोहम्मद आमिन बट निवासी खटावा-ठाठरी) के संपर्क में थे। हारून लश्कर का डोडा जिला कमांडर था जो 2007 में पाकिस्तान चला गया था। 

आईजी मुकेश सिंह ने बताया कि पकड़े गए लोगों में डोडा के मस्जिद शिमाल के मौलवी तारिक अहमद बट, आत्म समर्पण करने वाला आतंकी व पूर्व एसपीओ आसिफ बट (दोनों निवासी साजन-डोडा), ठेकेदार खालिद लतीफ बट (कोटल-डोडा), जम्मू के एक चिकन शॉप में कार्यरत गाजी इकबाल (कोटल-डोडा) तथा डोडा के टंटा में किराया दुकानदार तारिक हुसैन मीर शामिल हैं। पूछताछ में इन सभी ने बताया कि विभिन्न मौकों तथा विभिन्न माध्यमों से इस मॉड्यूल को 12 लाख 19 हजार 704 रुपये मिले हैं। इन्होंने दो लोगों की लश्कर में भर्ती भी कराई है। इसमें डोडा साज का आबिद अहमद भट तथा जमाल दीन शामिल हैं। इसमें आबिद मुठभेड़ में मारा गया जबकि जमालदीन ने समर्पण कर दिया। 

हैंडलर के निर्देश पर डोडा में फहराया था पाकिस्तानी झंडा
जांच के दौरान पूछताछ में डोडा के बिजारनी निवासी टैंपो ट्रेवलर ड्राइवर मोहम्मद इरफान खान ने बताया कि जुलाई के शुरुआत में उसने दो सहयोगियों के साथ डोडा के द्रमन इलाके में पाकिस्तानी झंडा लहराया था। इसमें इकबाल गाजी (मॉड्यूल में गिरफ्तार) तथा साजन डोडा निवासी अमीर बट शामिल थे। इन्हें पाकिस्तानी हैंडलर हारून से निर्देश मिला था। गाजी ने पूछताछ में यह कबूल किया कि उसे हारून का फोन आया था। इसके बाद उसने डोडा बाजार से कपड़े खरीदे और खुद ही झंडा तैयार किया। 

घर से तीन और टिफिन बॉक्स व रुपये बरामद
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए तारिक हुसैन मीर की निशानदेही पर उसके घर से और तीन टिफिन बॉक्स बरामद किए गए। इसमें 40 हजार 700 रुपये भी थे जिसे मॉड्यूल का हिस्सा होने के नाते पाक हैंडलर की ओर से विभिन्न मौकों पर पैसे दिए गए थे। 

मॉड्यूल का देश के अन्य हिस्सों में भी संपर्क, चार कश्मीरी युवक भी शामिल
पुलिस को जांच के दौरान यह पता चला कि इस मॉड्यूल में कश्मीर के चार युवक भी शामिल हैं। इसके साथ ही इस मॉड्यूल का देश के अन्य हिस्सों में भी संपर्क है। टेरर मॉड्यूल को वित्तीय मदद करने तथा आतंकी घटनाओं के लिए युवाओं को भड़काने के मामले की जांच जारी है। 

सुरक्षा बलों के ठिकाने का ब्योरा देने तथा युवाओं की भर्ती का था जिम्मा
इन सभी को वैसे युवाओं को चिह्नित करने का जिम्मा सौंपा गया था जो आतंकी संगठन में शामिल हो सकते थे। संभाग में लश्कर संगठन को मजबूत करने तथा सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराने, सुरक्षा बलों के ठिकानों तथा उनकी तैनाती का ब्योरा पाक हैंडलर को सौंपने, हथियारों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और सक्रिय व मारे गए आतंकियों के परिवार वालों को पैसे पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया था।
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

उपराज्यपाल सिन्हा के एजेंडे में विकास और विश्वास, बोले- बर्दाश्त नहीं होगा कोई भी देश विरोधी काम

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कार्यकाल के पहले ही दिन प्रशासन के समक्ष अपना एजेंडा स्पष्ट कर दिया है। साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और देशविरोधी गतिविधियों पर प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए। इसमें किसी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूख वाला क्यों न हो। युवाओं में खासकर विश्वास बहाली करनी होगी। विकास ही सरकार का मूल मंत्र होगा। हर गांव तथा हर घर तक प्रशासन पहुंचे ताकि लोगों को यह अहसास हो कि सरकार उनके दरवाजे तक चलकर पहुंची है।

शपथ ग्रहण करने के बाद शुक्रवार को अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकों में उन्होंने कामकाज को लेकर पूरा रोडमैप रखा। संदेश दिया कि भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों-कर्मचारियों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। लिहाजा, वे अपने आचरण में सुधार कर लें। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। भ्रष्टाचारी हर हाल में नपेंगे। लोगों के सामने प्रशासन का चेहरा बिल्कुल साफ नजर आना चाहिए। पारदर्शी तरीके से हर काम को समय पर पूरा करना होगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश विरोधी गतिविधियां भी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होंगी। यह नहीं चलेगा कि सरकारी नौकरी में रहते लोगों को भड़काया जाए। अलगाववाद को हवा दी जाए। इसे भूल जाने में ही भलाई है। राष्ट्रीय हित के इतर कोई भी काम अब जम्मू-कश्मीर में नहीं चलने वाला है।

उन्होंने यह भी कहा कि अफसरों को लोगों के दरवाजे तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए तैयार रहना होगा। इसके लिए तंत्र विकसित करने होंगे। अवाम को यह अहसास होना चाहिए कि चुनी हुई सरकार न होने के बाद भी उनके काम रुकने वाले नहीं हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी। किसी को बेवजह परेशान न किया जाए। जिसने कोई जुर्म किया हो उसे छोड़ा भी न जाए।


हर वर्ग तथा हर क्षेत्र के विकास का दिया मंत्र
उन्होंने पूरे जम्मू-कश्मीर में हर वर्ग तथा हर क्षेत्र के विकास का मूल मंत्र दिया है। इसमें दूरदराज के इलाकों को नजरअंदाज न करने पर जोर रहा। चाहे पहाड़ी इलाका हो, पर वहां लोगों के मसले हल होने चाहिए। किसी को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।

नए जम्मू-कश्मीर में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। एक साल में जितने भी काम हुए हैं उन्हें और गति दी जाएगी। धीरे-धीरे ऐसा माहौल पैदा किया जाएगा कि लोगों को यह लगने लगेगा कि सरकार ने उन्हें अपनाया है। उनकी हर परेशानी-मुश्किलों को उसने अपना समझा है।- मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल


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जम्मू-कश्मीरः पंच-सरपंचों के रिक्त पदों पर उपचुनाव कोरोना से राहत के बाद

जम्मू-कश्मीर में खाली पड़े पंच-सरपंचों के 12600 पदों पर उप चुनाव कोरोना संक्रमण की स्थिति बेहतर होते ही जल्द से जल्द करा लिए जाएंगे। यह बात मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कही। प्रदेश में पंच-सरपंचों के कुल 40000 पद हैं। अधिकांश रिक्त पद कश्मीर घाटी में हैं।

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मुख्य सचिव ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वास्तव में हमारी योजना फरवरी-मार्च तक उपचुनाव कराने की थी, लेकिन कोरोना वायरस ने पूरी प्रक्रिया में देरी कर दी। कहा कि वर्ष 2018 में संपन्न पंचायत चुनाव एक बेहतर अनुभव रहा। चुनाव के बाद पंचायतों में धन प्रवाह हो रहा है। लोगों को लाभ पहुंचाने वाले विकास कार्य कराए गए हैं।

एक आधिकारिक अनुमान के अनुसार, कश्मीर में 11,457 पंच और 887 सरपंच सीटें खाली हैं, जबकि जम्मू संभाग में 182 पंच और 124 सरपंच सीटें खाली हैं। भविष्य में होने वाले पंचायत उपचुनाव जम्म-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहला चुनाव होगा।

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श्रीनगर के लापता युवक साकिब मंजूर डार के आतंकी बनने की चर्चा, वायरल ऑडियो से हुआ ये खुलासा

श्रीनगर में ओल्ड बरजुल्ला इलाके से पांच अगस्त से लापता युवक साकिब मंजूर डार के आतंकी बनने की चर्चा है। शुक्रवार देर शाम वायरल हुए एक ऑडियो संदेश में खुद को साकिब बता रहे युवक ने आतंक की राह थामने की बात मानी। यह ऑडियो परिवार की तरफ से उसे घर लौट आने की अपील वाले वीडियो संदेश के बाद सामने आया है। दूसरी तरफ पुलिस साकिब के आतंकवाद में शामिल होने की बात को नकार रही है।

श्रीनगर के ओल्ड बरजुल्ला इलाके का साकिब मंजूर डार पुत्र मंजूर अहमद डार पांच अगस्त से घर से लापता है। शुक्रवार सुबह उसके परिजनों का एक वीडियो वायरल हुआ। दो मिनट 50 सेकेंड के इस वीडियो में साकिब की मां, उसकी बहन और परिवार के कुछ और सदस्य रोते हुए उससे घर लौट आने की अपील करते दिखाई दे रहे हैं। मां कह रही है कि उसके चार ऑपरेशन हुए हैं, कृपा करके घर लौट आओ। अगर उसने या उसके पिता ने उसे कुछ बोला है तो माफी मांगती हूं। इतना ही नहीं रोती हुई छोटी बहन ने भी हाथ जोड़कर उसे घर लौट आने की अपील की। वह कह रही है कि तू मेरा इकलौता भाई है और तेरे बिना मैं कुछ नहीं।

वहीं इस बीच देर शाम साकिब का बताया जा रहा एक ऑडियो संदेश वायरल हुआ। इसमें खुद को साकिब बता रहा युवक जिहाद का रास्ता चुनने की बात कह रहा है। कह रहा है कि मैं अपने घर वालों से कहना चाहता हूं कि वो मुझे ढूंढने की कोशिश न करें। मैं महफूज हूं।

बता दें, श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र रणबीरगढ़ में 26 जुलाई को मुठभेड़ में लश्कर के कमांडर इशफाक रशीद खान के मारे जाने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार ने दावा किया था कि अब श्रीनगर का कोई भी युवा आतंकवादी नहीं है।

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मैं जिस दिन बिना सुरक्षा पुलवामा जा सका, उस दिन कह सकेंगे...शांति लौट आईः बीवीआर सुब्रह्मण्यम

सांकेतिक तस्वीर
जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक टूटा हुआ राज्य था। यही कारण है कि जम्मू-कश्मीर से जब पिछले वर्ष अनुच्छेद 370 हटाने के बाद विभिन्न नेताओं को नजरबंद किया गया तो प्रदेश के किसी भी नागरिक ने दुख नहीं जताया। यहां के लोगों को अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद मिलने वाले संपूर्ण लाभ हासिल करने के लिए अभी धैर्य रखना होगा। क्योंकि पांच अगस्त 2019 को की गई कार्रवाई के बाद अभी तक पूरी तरह सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है।

सुब्रह्मण्यम शुक्रवार को पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक भ्रष्टाचार और कुप्रशासन के कारण यहां का सिस्टम अंदर से पूरी तरह ढह गया था। जून 2018 में यहां आने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और अपने नए काम के लिए मार्ग दर्शन मांगा। प्रधानमंत्री ने कहा, जाओ.. प्रशासन को दुरुस्त करो, उसका पुनर्निर्माण करो और स्थानीय लोगों को उनका बेशकीमती हक उन्हें सौंपो। यहा अधूरी पड़ी योजनाओं की लंबी फेहरिस्त थी। भूमि अधिग्रहण एक बड़ा घोटाला था।

यहां के चिकित्सक मिडिल-ईस्ट में नौकरियां कर रहे थे और तनख्वाह जम्मू-कश्मीर से ले रहे थे। ऐसा इसलिए था क्योंकि राज्य में निगरानी का कोई सिस्टम ही नहीं था। जेके बैंक का सीएमडी घोटालेबाज नंबर एक था। बीस परिवारों या अधिकतम 30 परिवारों को जेके बैंक ने दूध पिलाया। कोई जवाबदेही नहीं थी। जम्मू-कश्मीर के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम विधानसभा को अपनी रिपोर्ट सौंपते हैं। अन्य राज्यों में इस प्रकार के सार्वजनिक उपक्रम आरटीआई, सीवीसी और केंद्रीय सतर्कता आयोग के अंतर्गत आते हैं लेकिन जेके बैंक किसी प्रति जवाबदेह नहीं था। जम्मू-कश्मीर एक टूटा हुआ राज्य था। हम इसका पुनर्निर्माण कर रहे हैं।

जब उनसे पूछा गया कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के एक साल बाद लोगों को कैसा लग रहा है तो उन्होंने कहा कि आम आदमी को इससे कोई दिक्कत नहीं है, उन्हें उम्मीद है कि नौकरियां मिलेंगी, विकास होगा, हम उसी रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहुत सारे बदलाव हुए हैं। केवल 15 दिनों में तीन लाख कर्मचारियों का पृथकीकरण किया गया। हालांकि अभी जम्म-कश्मीर और लद्दाख के बीच संपत्तियों और देनदारियों के विभाजन को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।

सुब्रह्मण्यम ने कहा कि 6,500 करोड़ रुपये की परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। इसमें बारामुला में 26 वर्षों से अटका एक बाईपास का निर्माण भी शामिल है। हमने इन सभी अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,500 करोड़ रुपये पहले ही मंजूर कर लिए हैं।

जिस दिन मैं बिना सुरक्षा पुलवामा जा सका, उस दिन कह सकेंगे...शांति लौट आई
जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा स्थिति के बारे में पूछे जाने पर सुब्रह्मण्यम ने कहा, जिस दिन मैं बिना पुलिस स्कार्ट और पायलट सिर्फ ड्राइवर के साथ पुलवामा जा सका उस दिन हम कह सकेंगे कि जम्मू-कश्मीर में शांति लौट आई है। पुलवामा को उग्रवाद का गढ़ माना जाता है। फरवरी 2019 में पुलवामा में आतंकवादियों ने एक आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ जवानो की एक बस क उड़ा दिया था। इसमें 44 जवान शहीद हुए थे।
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विमान हादसे पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने कहा- शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने केरल विमान हादसे पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि दुबई से केरल आ रहे एयर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर अत्यंत हृदयविदारक व दुखद है। भगवान से प्रार्थना है कि दिवगंत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान दें। घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।
 


इससे पहले शुक्रवार रात करीब 10 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने ट्वीट किया कि "कोझिकोड में हुए विमान हादसे से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने इस हादसे में अपनों को खोया है। जो लोग घायल हुए हैं वे जल्द से जल्द ठीक हों। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से इस संबंध में बात की। अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और हर तरह की संभव मदद दे रहे हैं।" केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने ट्वीट कर बताया है कि एनडीआरएफ की टीम को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने को कहा गया है।

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बता दें कि केरल के कोझिकोड में करीपुर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान शुक्रवार की शाम लैंडिंग के दौरान फिसल गया और खाई में गिर गया। हादसे में दो पायलट सहित 18 लोगों की मौत हुई है।
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जम्मू-कश्मीर के नागरिकों का भू-स्वामित्व सुरक्षित रखने को नया कानून लाएगी सरकार

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