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जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर से शारजाह के लिए जाएगी पहली सीधी उड़ान, सप्ताह में तीन दिन होगी उड़ान

श्रीनगर हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने के लिए तैयार है। शनिवार को पहली अतंरराष्ट्रीय उड़ान शारजाह के लिए शाम 6.20 पर उड़ान भरेगी। उड़ान संख्या (जी8-1595) यहां से सीधे उड़कर शारजाह के डीर हवाई अड्डे पर उतरेगी। इसके साथ ही शहर दुनिया के बाकी हिस्सों से सीधे जुड़ जाएगा।

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श्रीनगर हवाई अड्डे के निदेशक कुलदीप सिंह ने बताया कि यह उड़ान, सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को शारजाह के लिए उड़ान भरेगी।  हालांकि, बाकी दिनों में केवल घरेलू उड़ानें ही होंगी। इस उड़ान के शुरू होने से उन सैकड़ों कश्मीरी यात्रियों को फायदा मिलेगा जो मध्य-पूर्व में काम करते हैं।
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टारगेट किलिंग: हत्याओं में किसका हाथ, कहीं पत्थरबाज तो नहीं? इन सवालों के जवाब ऐसे ढूंढेगी एनआईए

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद में संलिप्त लोगों पर दर्ज एफआईआर को एनआईए दोबारा खंगालेगी। एनआईए को शक है कि इन एफआईआर में शामिल युवाओं का आतंकी संगठन इस्तेमाल कर रहे हैं और इनसे टारगेट किलिंग कराने समेत आतंकी नेटवर्क की दूसरी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

यह भी संभव है कि इन युवाओं में पत्थरबाज भी शामिल रह चुके हों। सूत्रों का कहना है कि एनआईए की 100 से अधिक अफसरों और कर्मियों की टीम इस वक्त कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद है, जो आतंकी नेटवर्क ध्वस्त करने में जुटी हुई है। 
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सूत्रों का यह भी कहना है कि एनआईए आईबी, रॉ और एमआई जैसी खुफिया एजेंसियों की भी मदद लेगी। 2014 से लेकर 2018 तक कश्मीर में चार हजार युवाओं पर पत्थरबाजी करने का केस दर्ज किया गया था।
 
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जम्मू-कश्मीर: ड्रोन की निगरानी में रहेंगे अल्पसंख्यक समुदाय के लोग, संदिग्धों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त नाकेबंदी

जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से उन क्षेत्रों के लिए एक हवाई निगरानी कवर लगाया है जहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रह रहे हैं। शहर के केंद्र लाल चौक और आसपास के इलाकों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आज के जम्मू-कश्मीर दौरे के लिए आतंकी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए चौकसी बरती जा रही है।
   
शाह के दौरे से पहले शुक्रवार को श्रीनगर के प्रताप पार्क इलाके में पुलिस और सीआरपीएफ  ने ड्रोन का परीक्षण किया। सीआरपीएफ  के डीआईजी (ऑपरेशंस) मैथ्यू-ए जॉन ने कहा कि सीआरपीएफ ने पुलिस के साथ ड्रोन का परीक्षण किया है, जिसका इस्तेमाल उन क्षेत्रों की निगरानी के लिए किया जाएगा जहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रह रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों और गैर स्थानीय मजदूरों पर हालिया हमलों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। मैथ्यू ने कहा कि लाल चौक और उसके आसपास के इलाकों में भी हवाई निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि लाल चौक में संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने के लिए पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा संयुक्त रूप से चौबीसों घंटे अतिरिक्त नाके लगाए गए हैं।
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जम्मू-कश्मीर : गृहमंत्री अमित शाह की रैली आज, पाकिस्तान को दिया जाएगा कड़ा संदेश

अनुच्छेद 370 हटने के दो साल बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जम्मू-कश्मीर दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से 10 किलोमीटर दूर जम्मू में रविवार को शाह की रैली से कई संदेश देने की तैयारी है। नए जम्मू-कश्मीर की तस्वीर पेश करने के साथ अमित शाह देश-दुनिया को 370 का सच भी बताएंगे। 

जम्मू-कश्मीर के विकास और शांति में बाधा उत्पन्न करने के लिए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर पड़ोसी मुल्क को कड़ा संदेश देंगे। विशेष दर्जे की समाप्ति पर हो हल्ला मचा रहे विपक्षी दलों पर भी वह निशाना साध सकते हैं। रैली के जरिये गृहमंत्री विकास से नाता जोड़ते हुए युवाओं, महिलाओं, शरणार्थियों, किसानों, वाल्मीकि समाज समेत तमाम तबके को यह विश्वास दिलाने की कोशिश होगी कि मोदी सरकार सबका साथ-सबका विकास के मूल मंत्र पर कायम है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर आए अमित शाह का पूरा जोर अनुच्छेद 370 हटाने के फायदे-नुकसान की गणित लोगों को समझाने पर हो सकता है। 

वह यह बताने की कोशिश करेंगे कि इस अनुच्छेद की वजह से जम्मू-कश्मीर पिछड़ा रह गया और देश के साथ कदम नहीं मिला सका। कैसे प्रभावशाली लोग और अलगाववादी लोग जेबें भरते रहे। कैसे अलगाववादियों ने युवाओं को बेवकूफ बनाते हुए उन्हें पत्थरबाजी व देशविरोधी गतिविधियों की आग में झोंक दिया और अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाते रहे। अपने बच्चों को बंदूक नहीं थमाई और मासूमों के हाथ खून से रंग दिए। 

अलगाववादियों व नेताओं की वजह से बेरोजगारी बढ़ती रही। विकास कार्य ठप रहे। दशकों तक विकास परियोजनाएं लटकी पड़ी रहीं। वह सिक्के का दूसरा पहलु भी दिखाने की कोशिश करेंगे कि 370 हटने के बाद दो सालों में कितना विकास हुआ है। युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुले हैं। कई परियोजनाएं शुरू हो गई हैं। महिलाओं को उनका हक मिलने लगा है। पंचायतों को उनके अधिकार मिल गए हैं। घाटी में शांति है। पत्थरबाजी थम गई है। अलगाववादी सुर गायब हो गए हैं। तिरंगा अब शान से हर ओर लहराने लगा है। अब युवाओं को अपना उज्ज्वल भविष्य सामने दिख रहा है। 

विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान भी निशाने पर रहेगा। जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं के पीछे पाकिस्तान और सीमा पार बैठे आकाओं को चेतावनी देकर वे लोगों में राष्ट्रवाद का जोश भरने की कोशिश करेंगे। बॉर्डर इलाके में रहने वाले लोगों के  लिए बंकर निर्माण, आरक्षण की बात कर वे भाजपा को सच्चा हितैषी बताने की कोशिश कर सकते हैं।

इसी बहाने वे विपक्षी दलों पर भी निशाना साधेंगे। यह बताने की कोशिश करेंगे कि पिछली सरकारों ने उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, पर असली चिंता मोदी सरकार ने की। राजनीतिक विश्लेषक प्रो. हरिओम कहते हैं कि अमित शाह के पहले दौरे के कई मायने हो सकते हैं। जम्मू से वे पूरी दुनिया को 370 हटने के नफा-नुकसान के बारे में संदेश देने की कोशिश करेंगे। पाकिस्तान का सच भी दुनिया के सामने रखकर उसे बेनकाब करने का प्रयास कर सकते हैं। 

जम्मू-कश्मीर को सौगात की उम्मीद
जानकारों का कहना है कि अमित शाह के पहले दौरे से जम्मू के लोगों को खासी उम्मीदें भी हैं। युवाओं को रोजगार के और अधिक अवसर मुहैया कराने के साथ ही शरणार्थियों को आर्थिक सहायता वितरण में तेजी की आस है। सीमावर्ती लोगों को गोलाबारी के दौरान सुरक्षित ठिकाने के लिए पांच मरला जमीन की घोषणा की भी उम्मीद है। इन लोगों को आस है कि सभा के दौरान अमित शाह कुछ मांगों को लेकर घोषणा भी कर सकते हैं। 
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जम्मू में अमित शाह जम्मू में अमित शाह

अमित शाह के भाषण की 10 बड़ी बातें: अमन-युवा और विकास पर फोकस, कांग्रेस-मुफ्ती और अब्दुल्ला परिवार से सवाल

कश्मीर के श्रीनगर में गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में अमन, युवा और विकास को मुख्य स्थान दिया। युवाओं से उन्होंने विकास का भागीदार बनने की अपील की। विकास परियोजनाओं को गिनाते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी जाहिर किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में विकास तभी संभव है जब युवा अपने हितों का ध्यान रखेंगे।

पांच अगस्त 2019 को सरकार द्वारा उठाए गए सख्त कदमों पर उन्होंने कहा कि जब बीमारी होती है तो दवा और परहेज करना होता है। लेकिन इससे कश्मीर के कुछ गिने-चुने लोगों को ही दिक्कत हुई, आम जनता सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से प्रसन्न है। कहा कि लोगों को भ्रमित और अपनी राजनीति चमकाने के लिए इंटरनेट क्यों बंद है, कर्फ्यू क्यों लगाया गया जैसे सवाल किए गए। शाह ने कहा कि मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं कि आपके शासन में हुए खूनखराबे का जिम्मेदार कौन था। हमने जो कदम उठाए वो लोगों की भलाई के लिए थे। अब आपको बताते हैं अमित शाह के दस बड़े बयान...
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पांच बड़ी खबरें: शहीद जवान की पत्नी को गृह मंत्री शाह ने दिया सरकारी नौकरी का पत्र, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बंद

अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर में तीन दिवसीय दौरे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंच गए हैं। सबसे पहले अमित शाह ने आतंकी हमले में मारे गए सीआईडी इंस्पेक्टर परवेज अहमद के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद अमित शाह राजभवन पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक शुरू की। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.......

जम्मू-कश्मीर में सुबह से लगातार भारी बारिश और ओले गिरने का सिलसिला जारी है। घाटी के कई इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। इससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। जम्मू संभाग के कई हिस्सों में तेज बारिश के कारण सड़कों पर भूस्खलन होने से मलबा जमा हो गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.......

जम्मू-कश्मीर की विभिन्न जेलों में बंद कुख्यात पत्थरबाज, ओवर ग्राउंड वर्कर और आतंकियों के मददगारों को अब प्रदेश के बाहर की जेलों में शिफ्ट किया जाएगा ताकि घाटी की शांति में खलल डालने की साजिश में शामिल पाकिस्तानी हैंडलरों के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.......

जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में शनिवार को भारी बारिश एवं ओलावृष्टी और ऊपरी पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के साथ मौसम ने करवट ली है। जिससे प्रदेश में ठंड शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने कश्मीर में भारी बारिश का सिलसिली जारी रहने की संभावना जताई है। भारी बारिश की वजह से रामबन के पास एनएच-44 पूरी तरह से ब्लॉक है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.......

घाटी में हाल में आम लोगों की हत्याओं के मद्देनजर अर्द्धसैनिक बल की 50 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। शहर के कई इलाकों और घाटी के अन्य हिस्सों में नए बंकर बनाए गए हैं। इनमें 24 घंटे जवानों की तैनाती रहेगी। इन बंकरों के नजदीक नाके भी हैं, जहां हर आने-जाने वाले की तलाशी ली जाएगी। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में और कई इलाकों में सिक्योरिटी बंकर स्थापित किए जाएंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.......
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जम्मू-कश्मीर: जोरावर सिंह सभागार में लाभार्थी रैली को संबोधित करेंगे अमित शाह, भारी बारिश के कारण बदला गया स्थान

गृहमंत्री अमित शाह के रविवार को जम्मू में रैली स्थल भगवती नगर को बदलकर जोरावर सिंह सभागार कर दिया गया है। भारी बारिश और ओलावृष्टि से भगवती नगर मैदान में जलभराव ज्यादा होने के चलते रैली स्थल को बदला गया है।

प्रशासनिक व सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने भगवती नगर ग्राउंड का दौरा करने के बाद रैली स्थल को बदलकर जम्मू विश्वविद्यालय स्थित जोरावर सिंह सभागार करने का फैसला लिया। सुरक्षा एजेंसियों ने जोरावर सिंह सभागार पर सुरक्षा पहरा कड़ा कर दिया है।
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अमित शाह का रैली के दौरान अनुच्छेद 370 व 35ए की समाप्ति से लाभार्थी होने वाले लोगों जिसमें पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजियों, गोरखा व बाल्मीकि समाज के लोगों के अलावा संविधान के 73वें व 74वें संशोधन के लागू होने से सशक्त हुई पंचायती राज संस्थानों व शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों को संबोधित करना था। भाजपा के बड़ी संख्या में प्रमुख कार्यकर्ता व आम लोगों को भी रैली में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया था। 

जोरावर सिंह सभागार की कुल क्षमता 1600 लोगों के बैठने की है। अगर कोविड नियमावली का पालन किया जाए तो एक कुर्सी छोड़कर लोगों को बैठाया जाए तो करीब 800 लोगों को ही सभागार में अब बुलाया जा सकता है। 
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कश्मीर: शहीद जवान की पत्नी को गृह मंत्री शाह ने दिया सरकारी नौकरी का पत्र, सुरक्षा हालात पर समीक्षा बैठक में हुए शामिल

भारी बारिश से भगवती नगर मैदान में जलभराव

अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर में तीन दिवसीय दौरे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंच गए हैं। सबसे पहले अमित शाह ने आतंकी हमले में मारे गए सीआईडी इंस्पेक्टर परवेज अहमद के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद अमित शाह राजभवन पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक शुरू की। 

राजभवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के अपने तीन दिन के दौरे पर हैं। आज उन्होंने सुरक्षा समीक्षा के संदर्भ में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। हाल ही में बढ़े टेरर किलिंग मामले पर चर्चा कर रहे हैं। 

आतंकी हमले में शहीद इंस्पेक्टर के परिवार से मिले शाह
घाटी पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री अमित शाह श्रीनगर के नौगाम में मारे गए सीआईडी इंस्पेक्टर परवेज अहमद के आवास पर उनके परिवार से मिलने पहुंचे। परवेज को जून 2021 को आतंकियों ने मार गिराया था। इस दौरान अमित शाह के साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और डीजीपी दिलबाग सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने अहमद की पत्नी फातिमा अख्तर से मुलाकात की और उन्हें सरकारी नौकरी के लिए आधिकारिक कागजात भी दिए। 22 जून की शाम को इंस्पेक्टर परवेज अहमद पर आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया था। जिसमें वो शहीद हो गए थे। 



तीन दिवसीय दौरे में वह जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा हालात की समीक्षा के साथ ही विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। खास जोर हालिया टारगेट किलिंग की घटनाओं को भविष्य में रोकने और आतंकवाद को जड़ से कुचलने पर होगा। श्रीनगर में गृह मंत्री शारजाह के लिए सीधी विमान सेवा का शुभारंभ करेंगे। दौरे के मद्देनजर जम्मू और श्रीनगर में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दोनों ही जगह ड्रोन से भी निगरानी हो रही है। सुरक्षा संबंधी बैठकों में गृह मंत्रालय के साथ ही विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों एनआईए, आईबी, सीआरपीएफ, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी भी श्रीनगर पहुंच चुके हैं।

इस बीच उप राज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बैठकें कर जम्मू व श्रीनगर में कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया। जम्मू में गृह मंत्री 24 अक्तूबर को रहेंगे। यहां वह भगवती नगर में सभा को संबोधित करेंगे। लाभार्थी सम्मेलन में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के 80 लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और योजना से जुड़े दस्तावेज सौंपेंगे। आईआईटी जम्मू के नए ब्लॉक का उद्घाटन करने के साथ ही विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

शुक्रवार को अधिकारियों ने लिया था रैली का जायजा
शुक्रवार को रैली स्थल पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया। श्रीनगर सचिवालय में सुरक्षा एजेंसियों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा व डॉ. जितेंद्र सिंह ने कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया। श्रीनगर के एसकेआईसीसी में सुरक्षा बैठकों के साथ ही लाभार्थी सम्मेलन होगा।

विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इस बीच बीएसएफ के डीजी पंकज कुमार सिंह भी शुक्रवार को श्रीनगर पहुंच गए हैं। डल झील के आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। पूरे डल इलाके को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षाबलों की गश्त बढ़ा दी गई है।

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जम्मू-कश्मीर: शहीद परवेज के परिजनों से मिले अमित शाह, भारी बारिश और ठंड के बीच कुछ इस अंदाज में दिखे गृहमंत्री

जम्मू-कश्मीर में तीन दिवसीय दौरे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंच चुके हैं। घाटी पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री श्रीनगर के नौगाम में मारे गए सीआईडी इंस्पेक्टर परवेज अहमद के आवास पर उनके परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करने के लिए पहुंचे। परवेज को जून 2021 में आतंकियों ने मार गिराया था। अमित शाह के साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और डीजीपी दिलबाग सिंह भी थे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परवेज अहमद की पत्नी फातिमा अख्तर से मुलाकात की और उन्हें सरकारी नौकरी के लिए आधिकारिक कागजात भी दिए। 22 जून की शाम को इंस्पेक्टर परवेज अहमद पर आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया था। हमले में परवेज अहमद शहीद हो गए थे। 

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जम्मू-कश्मीर: नागरिकों की लगातार हत्या के बाद गृहमंत्री का कश्मीर दौरा, आतंकियों के खिलाफ सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

गृहमंत्री अमित शाह के अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद पहली बार कश्मीर का दौरा करने पहुंचे। घाटी में आतंकियों के नागरिकों की चयनित हत्याओं के बाद शाह का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।  शनिवार को गृहमंत्री ने सबसे पहले आतंकियों का निशाना बने पुलिस इंस्पेक्टर परवेज अहमद के परिजनों से मुलाकात की। 22 जून को नौगाम इलाके में आतंकवादियों ने अहमद को घर के पास गोली मार दी थी। इस मुलाकात से गृहमंत्री से सुरक्षाबलों में तैनात जवानों और उनके परिजनों को अहम संदेश दिया है। इससे जताया है कि केंद्र सरकार सुरक्षाबलों और उनके परिवार के साथ हर स्थिति में मजबूती के साथ खड़ी है। इसके बाद उन्होंने घाटी में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए उपराज्यपाल समेत अन्य एजेंसियों के साथ बैठक की। नागरिकों की हत्याओं के बाद इस दौरे को अहम माना जा रहा है। इससे  हत्याओं में शामिल आतंकियों और उनके मददगारों को सीधी चेतावनी भी दी गई है। ... और पढ़ें

ऑपरेशन भाटादूड़ियां:  बारिश के बीच जंगल में डटे सेना के जवान, मौसम साफ होते ही फिर शुरू की कार्रवाई

जम्म-कश्मीर के पुंछ जिले भर में शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक हुई बारिश के बीच आम लोग सर्दी से बचने के लिए घरों में बंद रहे। वहीं मेंढर के बाटादूड़ियां जंगल में बारिश के बीच सेना के जवान आतंकियों के खिलाफ दसवें दिन भी जारी अभियान में डटे रहे। इस बीच जैसे ही दोपहर को मौसम साफ हुआ तो सेना व अन्य सुरक्षाबल के जवानों ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए तलाशी अभियान शुरू कर दिया। जो अंधेरा होने तक जारी रहा।

इस दौरान शुक्रवार रात से मुठभेड़ स्थल पर किसी भी तरफ से कोई गोलीबारी नहीं हुई। दसवें दिन भी पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग जड़ांवाली गली से बींबर गली के बीच यातायात के लिए बंद रहा।
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शुक्रवार को सुबह आतंकियों की तरफ से भाटादूड़ियां जंगल में सेना के जवानों पर गोलीबारी की गई थी। इसके बाद दिन भर जंगल में रुक-रुककर गोलीबारी होती रही। इसके बाद रात्रि आठ बजे से क्षेत्र में जोरदार बारिश होने लगी थी। सैकड़ों जवान बारिश के बीच अपने-अपने स्थानों पर डटे रहे। 
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मौसम ने ली करवट: जम्मू-कश्मीर में कहीं पर हुई बारिश और ओलावृष्टि तो कहीं पर बर्फबारी, देखिए तस्वीरें

जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में शनिवार को भारी बारिश एवं ओलावृष्टी और ऊपरी पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के साथ मौसम ने करवट ली है। जिससे प्रदेश में ठंड शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने कश्मीर में भारी बारिश का सिलसिली जारी रहने की संभावना जताई है। भारी बारिश की वजह से रामबन के पास एनएच-44 पूरी तरह से ब्लॉक है। साथ ही भारी बर्फबारी से मुगल रोड और भूस्खलन की वजह से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात प्रभावित हो गया है। पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी के साथ मैदानी इलाकों में भी सुबह से ही जोरदार बारिश हो रही है। जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया है। साथ ही मौसम में पूरी तरह से बदलाव हो गया है। सुबह से हो रही बारिश से गर्मी पूरी तरह से खत्म हो गई है और सर्दियों ने आगाज किया है।
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जम्मू-कश्मीर: घाटी में आतंकी हमलों को रोकने के लिए अर्द्धसैनिक बलों की 50 अतिरिक्त कंपनियां तैनात

घाटी में हाल में आम लोगों की हत्याओं के मद्देनजर अर्द्धसैनिक बल की 50 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। शहर के कई इलाकों और घाटी के अन्य हिस्सों में नए बंकर बनाए गए हैं। इनमें 24 घंटे जवानों की तैनाती रहेगी। इन बंकरों के नजदीक नाके भी हैं, जहां हर आने-जाने वाले की तलाशी ली जाएगी। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में और कई इलाकों में सिक्योरिटी बंकर स्थापित किए जाएंगे।

पिछले दो सप्ताह में नागरिकों, अल्पसंख्यकों तथा प्रवासी मजदूरों की हत्या के बाद 2011 से 2014 के बीच हालात में सुधार होने के बाद हटाए गए बंकरों वाले स्थानों पर भी नए बंकर स्थापित किए गए हैं। जहां केंद्रीय बलों की तैनाती है। सूत्रों का कहना है कि आतंकियों की मूवमेंट को रोकने के लिए बंकर स्थापित किए गए हैं। वारदात करने के बाद आतंकियों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से भाग जाने पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से बंकर बनाए गए हैं।

नए बंकर वहां भी स्थापित किए गए हैं। जहां 1990 के दशक में आतंकवाद के चरम पर होने पर भी नहीं थे। श्रीनगर में एयरपोर्ट रोड पर बरजुल्ला पुल पर ऐसे दो बंकर बनाए गए हैं। जवाहर नगर में भी नए बंकर स्थापित किए हैं। 2010 में श्रीनगर में 50 सुरक्षा पिकेट व बंकर कश्मीर दौरे पर आए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की सिफारिशों पर हटाए गए थे।

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भाजपा कार्यालय की बढ़ाई सुरक्षा
अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कश्मीर घाटी की पहली यात्रा से पहले पूरे कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। शहर में जवाहर नगर स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के चारों ओर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। शाह के वहां का दौरा करने की संभावना है। इसी तरह से शेर ए कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर जाने वाली सड़कों को शनिवार से तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। 
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