विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
समस्या कैसी भी हो, पाएं इसका अचूक समाधान प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 99 रुपये में
Astrology Services

समस्या कैसी भी हो, पाएं इसका अचूक समाधान प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 99 रुपये में

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

जम्मू और कश्मीर

रविवार, 25 अगस्त 2019

अरुण जेटली को यादकर भावुक हुए राज्यपाल मलिक, बोले- राजनीति में उनके जैसे लोग कम ही होते हैं

अरुण जेटली के निधन की खबर मिलते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। सियासी गलियारों से लेकर आम लोग उनसे जुड़ी बातों और किस्सों को यादकर भावविभोर हो गए। वहीं, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अरुण जेटली का निधन देश के साथ ही व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि वह बहुत प्रतिभाशाली व्यक्ति थे, उनके जैसे प्रतिभाशाली लोग राजनीति में बहुत कम देखे जाते हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति दे और दुःख के इस क्षण में उनके परिवार को शक्ति प्रदान करे।




  ... और पढ़ें

जेटली का ब्लॉग 'कानून और जम्मू-कश्मीर' हरदम याद किया जाएगा, पूर्व पीएम नेहरू की नीति का बेबाक विरोध

दिल्ली से श्रीनगर तकः वापस भेजे गए राहुल गांधी सहित सभी नेता, एयरपोर्ट पर हुआ हंगामा, तस्वीरें

राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल को श्रीनगर से वापस भेज दिया गया है। विपक्षी नेताओं के श्रीनगर हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद वहां हंगामा शुरू हो गया था। प्रशासन ने उन्हें हवाई अड्डे से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी थी। जिसके कारण सभी नेता सुरक्षा बलों की मौजूदगी में वीआईपी लाउंज में बैठे हुए थे। राहुल गांधी के साथ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, एनसीपी नेता माजिद मेमन, सीपीआई लीडर डी. राजा के अलावा शरद यादव सहित कई दिग्गज नेता जम्मू-कश्मीर के हालात का जायजा लेने के लिए घाटी पहुंचे थे। प्रशासन ने उन्हें पहले ही उनसे अपने दौरे को टालने की अपील की थी।
... और पढ़ें

...और अलविदा कह गए भैया गांव के जमाई बाबू जेटली, उस दिन इंदिरा से लेकर अटल तक घर पहुंचे थे कई दिग्गज

पूर्व सांसद और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे गिरधारी लाल डोगरा के दामाद अरुण जेटली के निधन पर उनके ससुराल भैया गांव में भी शोक की लहर है। 24 मई, 1982 को जेटली का विवाह गिरधारी लाल डोगरा की बेटी संगीता से हुआ था। पार्टी के भीतर और अन्य राजनीतिक दलों में जेटली को सम्मानजनक रूप से देखा जाता रहा है। यही वजह है कि जेटली की शादी में बीजेपी के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी सहित तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने शामिल होकर आशीर्वाद दिया था। यह वह समय था, जब जेटली को राजनीति में आए कुछ ही वर्ष हुए थे। इसके बावजूद उनकी शादी में भारतीय राजनीति की उस दौर की शीर्ष हस्तियां शामिल हुईं थीं।
 
... और पढ़ें
अरुण जेटली अरुण जेटली

जो काम पाकिस्तान नहीं कर पा रहा वह कांग्रेस कर रही, कामयाब नहीं होने देंगे इनके मंसूबेः भाजपा

श्रीनगर एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी नेताओं की टीम को सुरक्षा की दृष्टि से रोके जाने और उन्हें वापस भेजने पर प्रदेश कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है। वहीं, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि जो काम पाकिस्तान नहीं कर पा रहा है, वह कांग्रेस करने की कोशिश कर रही है।
 
कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस बयान में प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर, तारा चंद, मदन लाल शर्मा, रमण भल्ला, मूला राम, कांता भान, रविंद्र शर्मा, आरएस चिब, सुमन भगत, जुगल किशोर आदि नेताओं ने राहुल गांधी व विपक्षी दलों के नेताओं की टीम को श्रीनगर एयरपोर्ट से बाहर न आने देने की कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा कि सरकार यहां एक तरफ दावा कर रही कि हालात सामान्य है। वहीं भाजपा के नेताओं को छोड़ अन्य किसी दल के नेता को यहां पर आने तक नहीं दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की अलोकतांत्रिक कार्यशैली देश में विपक्ष के बड़े नेताओं तक का सम्मान नहीं कर रही है।
 
... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीरः जारी रहेगी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, नियंत्रण में सुरक्षा स्थिति- डीजीपी दिलबाग सिंह

डीजीपी दिलबाग सिंह और बीएसएफ के महानिदेशक रजनीकांत मिश्रा ने शनिवार को दक्षिण कश्मीर का दौरा कर सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प जताया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में चार जिलों अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां और पुलवामा समेत विभिन्न स्थानों का दौरा करने के बाद दोनों शीर्ष अधिकारियों ने अनंतनाग में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की। इसमें उन्हें क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी गई।

उन्हें बताया गया कि सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में है। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। बीएसएफ के डीजी और डीजीपी ने चारों जिलों में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। कहा कि सभी अधिकारी और जवान आतंकवाद के खिलाफ  लड़ाई में सराहनीय काम कर रहे हैं। सुरक्षाबलों के बीच समन्वय के साथ ये कोशिशें जारी रहेंगी।

डीजीपी ने बताया कि वह पिछले दो सप्ताह में राज्य के सभी क्षेत्रों में गए। यह बात काफी उत्साहित करने वाली है कि सभी जगह शांति देखने को मिली। हालांकि, सभी जिलों में सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने की जरूरत है। आतंकवादियों के खिलाफ घेराबंदी व तलाशी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को जनता के साथ करीबी संपर्क बनाए रखने और उनकी परेशानियों को हल करने के निर्देश दिए।

डीजीपी ने कहा कि अफवाह फैलाने वाले लोगों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की गई है। प्रवक्ता ने बताया कि अनंतनाग में हुई बैठक में बीएसएफ के महानिरीक्षक अभिनव कुमार, डीआईजी दक्षिण कश्मीर अतुल गोयल, डीआईजी सीआरपीएफ  दिलीप अंबेश, मोहसिन शाहदीदी, बीएस नेगी, एसएसपी अनंतनाग अल्ताफ  खान, एसएसपी कुलगाम गुरिंदरपाल सिंह, एसएसपी अवंतीपोरा ताहिर सलीम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
... और पढ़ें

कश्मीर के हालात पर राज्यपाल मलिक बोले- दस से पंद्रह दिनों में बदल जाएगी लोगों की राय

कश्मीर
घाटी में दवाओं की कमी की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि कश्मीर में आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने ईद के पर्व पर लोगों के घरों में मीट, सब्जियां और अंडे तक भिजवाए थे। कहा कि दस से पंद्रह दिनों में लोगों की राय बदल जाएगी।
 

सत्यपाल मलिक ने कहा कि पिछले दिनों कश्मीर में जब भी कोई घटना होती थी तो कम से कम 50 लोग मार दिए जाते थे। हमारी पूरी कोशिश है कि कोई भी हताहत न हो, किसी भी प्रकार की हानि न हो। उन्होंने कहा कि दस दिन टेलीफोन नही होंगे...नहीं होंगे लेकिन हम बहुत जल्दी सब वापस कर देंगे। सत्यपाल मलिक के कहने का आशय था कि जल्द ही घाटी में हालात सामान्य होंगे।

यह भी पढ़ेंः तस्वीरेंः कश्मीर में जन्माष्टमी पर देखने को मिला एक अद्भुत नजारा, सलीम ने गाए लल्ला के भजन

घाटी में दवाओं की कमी को लेकर हो रही तरह-तरह की चर्चाओं के बीच प्रशासन ने कहा कि सरकारी दुकानों और निजी खुदरा विक्रेताओं के पास आवश्यक सभी 376 दवाएं उपलब्ध हैं। साथ ही 62 अन्य आवश्यक जो कि जीवन रक्षक दवाओं की श्रेणी में आती हैं वह भी उपलब्ध हैं।

यह भी पढ़ेंः अरुण-स्वराज का तिरंगा प्रेम, उस दिन सुषमा के साथ पहुंचे थे जेटली, यह है एक अमर किस्सा

दवाओं और बच्चे के भोजन की किसी भी समय व्यवस्था करने के लिए तीन व्यक्ति जम्मू और चंडीगढ़ में तैनात किए गए हैं। साथ ही प्रशासन ने बताया कि 1666 में से 1165 मेडिकल स्टोर खले हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि कश्मीर घाटी में कुल 630 खुदरा केमिस्ट दुकानें और 4331 थोक दुकानें हैं, जिनमें से 65 फीसदी दुकानें खुली हुई हैं।
 
प्रशासन का कहना है कि 23.81 करोड़ रुपये की दवाएं पिछले 20 दिनों में खुदरा दुकानों तक पहुंची हैं, जोकि मासिक औसत से थोड़ा अधिक है। कहा कि जम्मू से ऑर्डर पहुंचने का औसत समय 14-18 घंटे है। प्रशासन ने कहा कि करीब 2 दिनों तक घाटी में बेबी फूड की कमी रही, लेकिन अब ताजा स्टॉक मंगाया जा चुका है जोकि अगले 3 सप्ताह के लिए पर्याप्त है। साथ ही उन्होंने दवाओं को लेकर अधिक मूल्य निर्धारण की बात को सिरे से नकारा है।

यह भी पढ़ेंः ...और अलविदा कह गए भैया गांव के जमाई बाबू जेटली, उस दिन इंदिरा से लेकर अटल तक घर पहुंचे थे कई दिग्गज

आपको बता दें कि, घाटी में लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए प्रशासन भरकस प्रयास कर रहा है। साथ ही सेना भी लोगों की मदद के लिए जुटी हुई है। शनिवार को सेना ने स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। जिसमें काफी संख्या में लोग पहुंचे थे।
... और पढ़ें

भाईचारे की मिसाल: बड़गाम जिले में कश्मीरी पंडितों और मुसलमानों ने एक साथ मनाई जन्माष्टमी

जेएंडके से 370 हटाए जाने के बाद जारी तनाव भरे माहौल में कश्मीर में कश्मीरी पंडितों और मुसलमानों ने भाईचारे की मिसाल पेश की। दोनों समुदायों ने एक साथ मिलकर जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया। 

श्रीनगर से करीब 23 किलोमीटर दूर बड़गाम जिले के शेखपुरा इलाके में शुक्रवार रात ‘हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे लगे। क्षेत्र के तनावपूर्ण माहौल पर जयकारों की गूंज भारी पड़ती दिखी। लग ही नहीं रहा था कि यह नजारा श्रीनगर का है। स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग कश्मीरी पंडित भाइयों के साथ महोत्सव में शामिल हुए। 

इतना ही नहीं एक कश्मीरी मुसलमान सलीम अहमद ने तो लल्ला के भजन उर्दू में लिखकर गाए। कश्मीरी पंडितों ने कहा, भले ही हालात तनावपूर्ण हैं लेकिन उनके लिए काफी पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। कश्मीरी मुसलमान भाइयों ने महोत्सव में शामिल होकर भाईचारे की मिसाल पेश की।  

मंदिरों में रही जन्माष्टमी की धूम
हर साल की तरह जन्माष्टमी पर हब्बाकदल में स्थित कंठलेश्वर मंदिर से निकलने वाली शोभा यात्रा नहीं निकल पाई लेकिन श्रीनगर के कई मंदिरों में जन्माष्टमी की धूम देखने को मिली। इनमे कंठलेश्वर मंदिर, गनपतयार मंदिर और हनुमान मंदिर शामिल हैं। इनमें विशेष पूजा अर्चना की गई। हालांकि मौजूदा हालात के चलते मंदिरों में भीड़ कम जरूर रही
... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: ओवरलोड वाहन खाई में गिरा, सात तीर्थयात्रियों की मौत, 25 घायल

जम्मू-कश्मीर में राजोरी थन्नामंडी तहसील के मुगल रोड स्थित मेगी मोड़ पर रविवार को एक ओवर लोड मेटाडोर खाई में गिर गई। हादसे में शाहदरा शरीफ की जियारत पर आ रहे सात तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जबकि मेटाडोर में सवार 25 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायल 11 लोगों को इलाज के लिए जम्मू भेजा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया हादसे का कारण मेटाडोर के ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। हादसे का शिकार सभी लोग पुंछ जिले के रहने वाले हैं। 

पुलिस के अनुसार, पुंछ जिले के खनेत्र इलाके से एक मेटाडोर में सवार हो कर 32 तीर्थयात्री शाहदरा शरीफ की जियारत के लिए जा रहे थे। मेटाडोर जब पुंछ थन्नामंडी मुगल रोड स्थित मेगी मोड़ पहुंची तो एक तीखे मोड़ पर चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और मेटाडोर करीब 500 फुट गहरी खाई में जा गिरी। हादसा होते ही चीख पुकार सुन कर आस पास के लोग मौके पर पहुंचे व पुलिस को सूचित किया। जानकारी मिलने पर सेना के जवान भी घटनास्थल पर पहुंच गए व पुलिस और सेना ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव राहत कार्य शुरू किया सभी घायलों को थन्नामंडी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। 

दो ने रास्ते में दम तोड़ा
थन्नामंडी में उपचार कर रहे डॉक्टर के अनुसार, पांच यात्रियों को अस्पताल में मृत लाया गया था, जबकि 27 अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल राजोरी रेफर कर दिया गया था। जिला अस्पताल के उप चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर महमूद अहमद ने बताया कि जीएमसी राजोरी में लाए गए 27 यात्रियों में से 2 ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था व अन्य 25 को जीएमसी पहुंचाया गया था।  

गंभीर रूप से घायल 11 को जम्मू भेजा
हादसे की जानकारी मिलते ही राजोरी उपायुक्त मोहम्मद एजाज असद और एसएसपी जुगल मनहास भी जीएमसी राजोरी पहुंचे व घायलों के उपचार के बारे में जानकारी ली। डीसी ने बताया कि जीएमसी में भर्ती 25 तीर्थयात्रियों में से 11 की नाजुक हालत को देेखते हुए उन्हें जम्मू रेफर कर दिया गया है। सभी शव पोस्टमार्टम व अन्य औपचारिकताओं के बाद परिवार के हवाले कर दिए गए। 

परिवार वालों ने किया थन्नामंडी में प्रदर्शन
थन्नामंडी अस्पताल में घायलों को सही उपचार न मिलने पर घायलों के परिवार वालों व थन्नामंडी के स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि घायलों को सही उपचार नहीं मिला। थन्नामंडी के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के अलावा दवाओं की भी कमी है और इसलिए सड़क हादसे के घायलों को जीएमसी राजोरी रेफर करने से पहले सही ढंग से उपचार नहीं किया गया।

24 की जगह, सवार थे 32 यात्री
बताया जा रहा है कि सड़क हादसे का शिकार हुई मेटाडोर की क्षमता 24 यात्री बैठाने की है, जबकि उस में 32 यात्री सवार थे। पुंछ के खनेतर से लेकर थन्नामंडी के मेगी मोड़ तक रास्ते में कई जगहों पर पुलिस व यातायात पुलिस के नाके होते हैं, लेकिन किसी भी नाके पर मेटाडोर की जांच नहीं की गई और ओवरलोड मेटाडोर आराम से निकलती चली गई।

"प्राथमिक जांच में पता चला है कि हादसा मेटाडोर की ब्रेक फेल होने से हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।"- मोहम्मद एजाज असद, उपायुक्त राजोरी 

... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मलिक बोले, घाटी में संचार ठप होने से कई जानें बचीं हैं

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में संचार बंद होने से कई जानें बची हैं। अनुच्छेद 370 खत्म होने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के 20 दिनों में हिंसा के कारण कोई भी जान का नुकसान नहीं हुआ है। यदि संचार सुविधा ठप होने से लोगों की जान बचती है तो इसमें हर्ज क्या है। 

उन्होंने कहा कि इससे पहले अगर कश्मीर में कोई भी मुश्किल होती थी तो पहले हफ्ते के भीतर कम से कम 50 लोगों की मौत होती थी। हमारा दृष्टिकोण है कि मानव जीवन का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। 10 दिन टेलीफोन नहीं होंगे, नहीं होंगे, लेकिन हम बहुत जल्दी सब वापस कर देगें। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में दवाइयों और जरूरी सामान की कमी होने से इनकार किया है।

कश्मीर घाटी में रविवार को केमिस्ट की दुकानें भी खुली रहीं। जम्मूू-कश्मीर प्रशासन के अनुसार रविवार को श्रीनगर की 1666 में से 1165 केमिस्ट की दुकानें खुली रहीं। घाटी में लगभग 65 प्रतिशत दुकानें खुली रहीं। यहां 7630 रिटेल और 4331 होलसेल दुकानें हैं।

राज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कहीं भी किसी चीज की कमी नहीं है। न तो दवाओं की और न ही आवश्यक वस्तुओं की। वस्तुस्थिति यह है कि ईद के मौके पर सब्जियां और मीट लोगों के  घर तक पहुंचाए गए हैं। पिछले 20 दिनों में 23.31 करोड़ रुपये की दवाइयां रिटेल दुकानों तक पहुंचाई गई हैं, जो आम दिनों के मुकाबले ज्यादा हैं।

376 अधिसूचित दवाएं सरकारी दुकानों और निजी रिटेलरों के पास उपलब्ध हैं। 62 जरूरी तथा जीवनरक्षक दवाएं भी उपलब्ध हैं। इन दवाइयों का 15-20 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। प्रशासन ने बताया कि जम्मू से दवाओं की आपूर्ति 14-18 घंटे में हो रही है क्योंकि ज्यादातर वितरक वहीं के हैं। 

उन्होंने कहा जा रहा था कि दो दिनों तक घाटी में बेबी फूड की कमी रही। लेकिन ऐसा नहीं है। अगले तीन हफ्तों तक का स्टाक उपलब्ध है। कहीं से भी अधिक कीमत लिए जाने की शिकायतें नहीं मिली हैं। इसके लिए 75 स्थानों पर जांच की गई है। 
... और पढ़ें

पूर्व मंत्री सुबोधकांत सहाय बोले, कांग्रेस अनुच्छेद 370 हटाने का नहीं बल्कि तरीके का विरोध कर रही

पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने रविवार को ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन कर पूजा की। मंदिर के सेवायत गोपी गोस्वामी एवं श्रीनाथ गोस्वामी ने उन्हें प्रसादी पटुका, माला और भोग प्रसाद प्रदान किया।

कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने कहा कि कांग्रेस कश्मीर को नया राज्य बनाना चाह रही थी। कांग्रेस अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध नहीं कर रही है। कांग्रेस उसके तरीके का विरोध कर रही है। 

जिस तरह से कश्मीर के लोगों की जुबान बंद कर सफलता का ढिंढोरा पीट रहे हैं। आरएसएस के राजनीकि एजेंडा को पूरा करके देश को कह रहे हैं कि बहुत बड़ा कार्य कर दिया। 
 
... और पढ़ें

श्रीनगरः सचिवालय भवन पर लगे जम्मू-कश्मीर के झंडे को उतारा गया, अब लहरा रहा है सिर्फ तिरंगा

जम्मू-कश्मीर में अब एक निशान और एक विधान पूरी तरह लागू हो गया है। रविवार को श्रीनगर में सचिवालय भवन से राज्य का झंडा हटा दिया गया। अब सभी सरकारी कार्यालयों पर केवल तिरंगा ही फहरेगा। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद राज्य का विशेष दर्जा समाप्त होने के 20 दिन बाद सचिवालय से यह झंडा हटा लिया गया। 

रोजाना सचिवालय भवन पर तिरंगा के साथ राज्य का झंडा भी फहराया जाता था, लेकिन रविवार सुबह केवल तिरंगा ही फहराया गया। पहले माना जा रहा था कि 31 अक्तूबर को जब राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश बनने पर ही राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। राज्य का झंडा सात जून, 1952 को स्वीकार किया गया था। लाल रंग के झंडे में तीन सफेद पट्टियां और सफेद हल था। पट्टियां तीनों संभाग जम्मू, कश्मीर व लद्दाख का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। 

पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था। राज्य में अशांति तथा हिंसा की आशंका को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती को हिरासत में लेने के साथ ही कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। नेकां प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला समेत अलगाववादी व प्रमुख नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। पूरी घाटी में पाबंदियां लगा दी गईं। धीरे-धीरे इसमें ढील दी गई। अब सरकार की ओर से नेकां व पीडीपी के नेताओं के साथ बातचीत कर राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की जा रही है। 

अनुच्छेद 370 हटाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है। जम्मू-कश्मीर में 114 सदस्यीय विधानसभा होगी, जहां चुनाव भी होंगे लेकिन चंडीगढ़ की तरह लद्दाख बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा। अनुच्छेद 370 के तहत राज्य को मिले विशेष दर्जे के कारण यहां संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती थी। इस कारण राष्ट्रपति के पास राज्य सरकार को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं था। इसलिए यहां राज्यपाल शासन लगता था। 

अब यह व्यवस्था खत्म हो गई है। यहां विधानसभा का कार्यकाल छह साल का होता था जबकि अन्य राज्यों में पांच साल। अब यहां भी यह व्यवस्था लागू होगी। संविधान की धारा 360 देश में वित्तीय आपातकाल लगाने का प्रावधान भी जम्मू-कश्मीर में विशेष दर्जे के कारण लागू नहीं था। संसद को रक्षा, विदेश मामले और संचार को छोड़कर अन्य विषयों के कानून लागू कराने के लिए राज्य सरकार से अनुमोदन लेना पड़ता था। 
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
विज्ञापन