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नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल व्यक्ति को दी यातनाएं
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
शहर के एक नशा मुक्ति केंद्र पर नशा छुड़ाने के लिए दाखिल कराए गए व्यक्ति को बेरहमी से पिटाई करने और बीमार अवस्था में भी कार्य करवाकर यातनाएं देने का मामला सामने आया है। गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद केंद्र संचालकों ने उसका उपचार नहीं कराया और इस बारे में परिवार के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। जब परिवार के लोग मिलने के लिए आए तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने पीड़ित व्यक्ति की मां की शिकायत पर नशा मुक्ति केंद्र संचालक सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
गांव धिराणा जिला भिवानी निवासी इंद्रावती देवी ने शहर थाना पुलिस को शिकायत दी कि उसका बेटा राजेश कौशिक शराब पीने का आदी था। 18 मार्च 2016 को अपने बेटे को उपचार के लिए जींद के नया जीवन नशा मुक्ति एवं पुनर्वास समिति में छोड़ दिया। वहां केंद्र संचालकों ने भरोसा दिया कि उनको किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होने दी जाएगी और केंद्र के अंदर सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उसने विश्वास कर अपने बेटे को केंद्र में भेज दिया। केंद्र के चार युवक टोनी, मुकेश उर्फ कालू, पालू और एक चालक उसके बेटे को लेकर आए थे। केंद्र में पहुंचते ही उसके बेटे की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की और उसके साथ गाली गलौच की। उसके बेटे का मुंह ठंडे पानी के अंदर डुबोकर प्रताड़ित किया गया। इससे उसके बेटे को बुखार हो गया, लेकिन इसके बावजूद उसे डॉक्टर को नहीं दिखाया गया। यहां तक कि उससे फर्श व बाथरूम भी साफ करवाते थे। उसके बेटे की तबीयत बिगड़ती गई और उसे खूनी दस्त हो गए। इस बीच जब महिला ने केंद्र संचालकों से बातचीत की तो वे हर बार कहते कि उनका लड़का ठीकठाक है। महिला ने केंद्र के डायरेक्टर यादवेंद्र उर्फ गुरुजी से उसके बेटे की फोटो व्हाट्सएप पर भेजने को कहा। जब उसने अपने बेटे का फोटो देखा तो वह बहुत कमजोर दिखाई दे रहा था। इसके बाद वह अपनी पुत्रवधू के साथ वहां पहुंची और बेटे को साथ ले आई। उन्होंने हिसार के एक निजी अस्पताल में जांच कराई तो पता चला कि उसे अल्सर हो गया है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर नशा मुक्ति केंद्र के डायरेक्टर यादवेंद्र, टोनी, पालू, प्रदीप उर्फ लड्डू, मुकेश उर्फ कालू के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
सिविल लाइन चौकी प्रभारी शशि प्रकाश ने बताया कि महिला ने इसकी शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
यातना से तंग आकर युवकों ने कर दी थी कर्मचारियों की हत्या
इससे पहले भी नया जीवन नशा मुक्ति केंद्र सुर्खियों में रहा है। 21 नवंबर 2015 को वहां पर कार्यरत कर्मचारियों से तंग आकर केंद्र में दाखिल तीन लोगों ने रॉड से हमला कर दो लोगों की हत्या कर दी थी और नशा मुक्ति केंद्र के खिड़की से निकलकर फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पूछताछ में हत्या के आरोपियों ने खुलासा किया था कि उनको अंदर यातनाएं दी जाती हैं। तंग होकर उन्होंने वहां पर कार्य करने वाले दोनों युवकों की हत्या की है।
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बेरहमी से पिटाई व बीमार होने पर दवाई नहीं दिलाने का आरोप
नशा मुक्ति केंद्र के संचालक सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
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जींद।
शहर के एक नशा मुक्ति केंद्र पर नशा छुड़ाने के लिए दाखिल कराए गए व्यक्ति को बेरहमी से पिटाई करने और बीमार अवस्था में भी कार्य करवाकर यातनाएं देने का मामला सामने आया है। गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद केंद्र संचालकों ने उसका उपचार नहीं कराया और इस बारे में परिवार के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। जब परिवार के लोग मिलने के लिए आए तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने पीड़ित व्यक्ति की मां की शिकायत पर नशा मुक्ति केंद्र संचालक सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
गांव धिराणा जिला भिवानी निवासी इंद्रावती देवी ने शहर थाना पुलिस को शिकायत दी कि उसका बेटा राजेश कौशिक शराब पीने का आदी था। 18 मार्च 2016 को अपने बेटे को उपचार के लिए जींद के नया जीवन नशा मुक्ति एवं पुनर्वास समिति में छोड़ दिया। वहां केंद्र संचालकों ने भरोसा दिया कि उनको किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होने दी जाएगी और केंद्र के अंदर सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उसने विश्वास कर अपने बेटे को केंद्र में भेज दिया। केंद्र के चार युवक टोनी, मुकेश उर्फ कालू, पालू और एक चालक उसके बेटे को लेकर आए थे। केंद्र में पहुंचते ही उसके बेटे की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की और उसके साथ गाली गलौच की। उसके बेटे का मुंह ठंडे पानी के अंदर डुबोकर प्रताड़ित किया गया। इससे उसके बेटे को बुखार हो गया, लेकिन इसके बावजूद उसे डॉक्टर को नहीं दिखाया गया। यहां तक कि उससे फर्श व बाथरूम भी साफ करवाते थे। उसके बेटे की तबीयत बिगड़ती गई और उसे खूनी दस्त हो गए। इस बीच जब महिला ने केंद्र संचालकों से बातचीत की तो वे हर बार कहते कि उनका लड़का ठीकठाक है। महिला ने केंद्र के डायरेक्टर यादवेंद्र उर्फ गुरुजी से उसके बेटे की फोटो व्हाट्सएप पर भेजने को कहा। जब उसने अपने बेटे का फोटो देखा तो वह बहुत कमजोर दिखाई दे रहा था। इसके बाद वह अपनी पुत्रवधू के साथ वहां पहुंची और बेटे को साथ ले आई। उन्होंने हिसार के एक निजी अस्पताल में जांच कराई तो पता चला कि उसे अल्सर हो गया है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर नशा मुक्ति केंद्र के डायरेक्टर यादवेंद्र, टोनी, पालू, प्रदीप उर्फ लड्डू, मुकेश उर्फ कालू के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
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सिविल लाइन चौकी प्रभारी शशि प्रकाश ने बताया कि महिला ने इसकी शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
यातना से तंग आकर युवकों ने कर दी थी कर्मचारियों की हत्या
इससे पहले भी नया जीवन नशा मुक्ति केंद्र सुर्खियों में रहा है। 21 नवंबर 2015 को वहां पर कार्यरत कर्मचारियों से तंग आकर केंद्र में दाखिल तीन लोगों ने रॉड से हमला कर दो लोगों की हत्या कर दी थी और नशा मुक्ति केंद्र के खिड़की से निकलकर फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पूछताछ में हत्या के आरोपियों ने खुलासा किया था कि उनको अंदर यातनाएं दी जाती हैं। तंग होकर उन्होंने वहां पर कार्य करने वाले दोनों युवकों की हत्या की है।
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बेरहमी से पिटाई व बीमार होने पर दवाई नहीं दिलाने का आरोप
नशा मुक्ति केंद्र के संचालक सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज