{"_id":"5bddf40ebdec2269845aa01e","slug":"15412725483-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चमकौर सिंह को क्राइम ब्रांच की टीम ने किया गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चमकौर सिंह को क्राइम ब्रांच की टीम ने किया गिरफ्तार
Updated Sun, 04 Nov 2018 12:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सभी केंद्रों और नोएडा व रोहतक के ध्यानार्थ
राम रहीम का मुख्य सुरक्षाकर्मी चमकौर सिंह गिरफ्तार
- क्राइम ब्रांच की टीम ने ट्रैप लगाकर जीरकपुर से किया काबू
- हथियार बरामद करने को कोर्ट से एक दिन का रिमांड मिला
- कोर्ट परिसर से भगाने की साजिश, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है केस
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सिरसा से शिमला जा रहे गुरमीत राम रहीम के मुख्य सुरक्षाकर्मी चमकौर सिंह को पंचकूला क्राइम ब्रांच की टीम ने ट्रैप लगाकर जीरकपुर से गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपी चमकौर सिंह को शनिवार को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी पर बाबा राम रहीम को कोर्ट परिसर से भगाने की साजिश रचने, हत्या के प्रयास, देशद्रोह और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज है।
पंचकूला के डीसीपी अभिषेक जोरवाल ने बताया कि चमकौर सिंह को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। उस पर एएसआई सेक्टर-5 के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया था। टीम को सूचना मिली थी कि चमकौर सिंह सिरसा से शिमला जा रहा है। इस वक्त वह जीरकपुर में है और बस लेने की फिराक में है। क्राइम ब्रांच की टीम के इंस्पेक्टर कंवलजीत सिंह, एसआई प्रदीप कुमार, हेड कांस्टेबल धनीराम, राजेंद्र सिंह, ड्राइवर लखनवीर ने ट्रैप लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि टीम के सदस्यों को देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सका। क्राइम ब्रांच की टीम ने बताया कि 2008 में चमकौर महज बाबा का चालक था, लेकिन उसके पास रिवाल्वर होने के कारण उसे सिक्योरिटी में शामिल कर लिया गया था। इसके कुछ दिन बाद ही चमकौर को मुख्य सुरक्षाकर्मी का दर्जा भी दे दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि सूचना के मुताबिक उसका परिवार भी डेरे से पहले से ही जुड़ा हुआ था। इस कारण वह भी डेरे के संपर्क में आ गया।
गौरतलब है कि साध्वी से दुष्कर्म के मामले में बाबा राम रहीम को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में 25 अगस्त को दोषी करार दिया गया था, जिसके बाद हिंसा भड़क गई थी। पंचकूला में आगजनी और हिंसा में 35 लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। भड़की हिंसा के बाद से ही चमकौर फरार था, जिसके चलते उसे कोर्ट ने भगौड़ा घोषित कर दिया था। जिला फतेहगढ़ निवासी चमकौर सिंह को क्राइम ब्रांच की टीम ने कोर्ट में पेश कर दो दिन का रिमांड मांगा। टीम ने कोर्ट में दलील दी कि चमकौर ने धारा-144 लगने के बाद भी अपना लाइसेंसी हथियार लेकर चंडीगढ़ आया। दंगे के दौरान उसकी ओर से कौन से हथियार इस्तेमाल किए गए। इसकी भी जानकारी जुटानी है। क्राइम ब्रांच की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने दो दिन का रिमांड दे दिया।
विज्ञापन
पीआर नैन एक दिन के रिमांड पर
पंचकूला में हुए दंगों के मामले में स्पेशल टॉस्क फोर्स एसटीएफ ने सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के वाइस चेयरपर्सन डॉ. पीआर नैन को गिरफ्तार कर पंचकूला कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया है। पीआर नैन को गोहाना से गिरफ्तार किया था। पंचकूला एसआईटी सिरसा लेकर गई है। नैन पर सिरसा व पंचकूला में दंगा फैलाने का आरोप है। पुलिस की दंगे की मोस्ट वांटेड लिस्ट में बाबा के करीबी डॉ. पीआर नैन का नाम शामिल है, जो सिरसा डेरे की कोर कमेटी में शामिल है। इस कारण पंचकूला हिंसा में शामिल आरोपी से अहम जानकारियां मिल सकती है।
विज्ञापन
राम रहीम का मुख्य सुरक्षाकर्मी चमकौर सिंह गिरफ्तार
- क्राइम ब्रांच की टीम ने ट्रैप लगाकर जीरकपुर से किया काबू
- हथियार बरामद करने को कोर्ट से एक दिन का रिमांड मिला
- कोर्ट परिसर से भगाने की साजिश, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है केस
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सिरसा से शिमला जा रहे गुरमीत राम रहीम के मुख्य सुरक्षाकर्मी चमकौर सिंह को पंचकूला क्राइम ब्रांच की टीम ने ट्रैप लगाकर जीरकपुर से गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपी चमकौर सिंह को शनिवार को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी पर बाबा राम रहीम को कोर्ट परिसर से भगाने की साजिश रचने, हत्या के प्रयास, देशद्रोह और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज है।
पंचकूला के डीसीपी अभिषेक जोरवाल ने बताया कि चमकौर सिंह को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। उस पर एएसआई सेक्टर-5 के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया था। टीम को सूचना मिली थी कि चमकौर सिंह सिरसा से शिमला जा रहा है। इस वक्त वह जीरकपुर में है और बस लेने की फिराक में है। क्राइम ब्रांच की टीम के इंस्पेक्टर कंवलजीत सिंह, एसआई प्रदीप कुमार, हेड कांस्टेबल धनीराम, राजेंद्र सिंह, ड्राइवर लखनवीर ने ट्रैप लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि टीम के सदस्यों को देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सका। क्राइम ब्रांच की टीम ने बताया कि 2008 में चमकौर महज बाबा का चालक था, लेकिन उसके पास रिवाल्वर होने के कारण उसे सिक्योरिटी में शामिल कर लिया गया था। इसके कुछ दिन बाद ही चमकौर को मुख्य सुरक्षाकर्मी का दर्जा भी दे दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि सूचना के मुताबिक उसका परिवार भी डेरे से पहले से ही जुड़ा हुआ था। इस कारण वह भी डेरे के संपर्क में आ गया।
विज्ञापन
गौरतलब है कि साध्वी से दुष्कर्म के मामले में बाबा राम रहीम को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में 25 अगस्त को दोषी करार दिया गया था, जिसके बाद हिंसा भड़क गई थी। पंचकूला में आगजनी और हिंसा में 35 लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। भड़की हिंसा के बाद से ही चमकौर फरार था, जिसके चलते उसे कोर्ट ने भगौड़ा घोषित कर दिया था। जिला फतेहगढ़ निवासी चमकौर सिंह को क्राइम ब्रांच की टीम ने कोर्ट में पेश कर दो दिन का रिमांड मांगा। टीम ने कोर्ट में दलील दी कि चमकौर ने धारा-144 लगने के बाद भी अपना लाइसेंसी हथियार लेकर चंडीगढ़ आया। दंगे के दौरान उसकी ओर से कौन से हथियार इस्तेमाल किए गए। इसकी भी जानकारी जुटानी है। क्राइम ब्रांच की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने दो दिन का रिमांड दे दिया।
विज्ञापन
पीआर नैन एक दिन के रिमांड पर
पंचकूला में हुए दंगों के मामले में स्पेशल टॉस्क फोर्स एसटीएफ ने सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के वाइस चेयरपर्सन डॉ. पीआर नैन को गिरफ्तार कर पंचकूला कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया है। पीआर नैन को गोहाना से गिरफ्तार किया था। पंचकूला एसआईटी सिरसा लेकर गई है। नैन पर सिरसा व पंचकूला में दंगा फैलाने का आरोप है। पुलिस की दंगे की मोस्ट वांटेड लिस्ट में बाबा के करीबी डॉ. पीआर नैन का नाम शामिल है, जो सिरसा डेरे की कोर कमेटी में शामिल है। इस कारण पंचकूला हिंसा में शामिल आरोपी से अहम जानकारियां मिल सकती है।