Hindi News
›
Video
›
Uttarakhand
›
Chamoli News
›
Protest held in Karnaprayag demanding a road demonstrators staged a sit-in for four hours Chamoli Video News
{"_id":"695cd0e8f8a29cfeb10f38a1","slug":"video-protest-held-in-karnaprayag-demanding-a-road-demonstrators-staged-a-sit-in-for-four-hours-chamoli-video-news-2026-01-06","type":"video","status":"publish","title_hn":"कर्णप्रयाग में सड़क के लिए प्रदर्शन, तहसील में चार घंटे तक दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्णप्रयाग में सड़क के लिए प्रदर्शन, तहसील में चार घंटे तक दिया धरना
कर्णप्रयाग सकण्ड गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। ग्रामीण कई सालों से लगातार सड़क की मांग करते आ रहे है। लेकिन आज तक सड़क की मांग अधूरी है। ऐसे में आक्रोशित ग्रामीणों ने जूलूस निकालर प्रदर्शन किया। और तहसील परिसर में धरना शुरू किया। ग्रामीणों ने तहसील परिसर में करीब चार घंटे तक धरना दिया। ग्रामीणों का कहना कि तब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती। उनका धरना जारी रहेगा। ग्राम प्रधान शिवानी चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अपर बाजार से तहसील परिसर तक जूलूस निकाला। और तहसील परिसर में धरना शुरू किया। ग्राम प्रधान शिवानी चौधरी, नर्मदा देवी, उषा देवी, अंकिता देवी, पुष्पा देवी, अमित सिंह आदि ने बताया कि सड़क सुविधा न होने से ग्रामीणों को आज भी मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए नौ किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती है। दिक्कतें तब अधिक बढ़ जाती है जब गांव में कोई बीमार हो जाता है। या कोई गर्भवती या बुजुर्ग व्यक्ति हो। ऐसे में सड़क न होने से बीमार लोगों को डंडी के माध्यम से सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र सिंह ने कहा कि गांव में उत्तम किस्म की दालें और आलू होते है। लेकिन सड़क न होने से ये चीजें बाजारों तक नहीं पहुंच पाती है। और गांव में ही सड़ जाती है। यदि सड़क सुविधा का लाभी मिलता। तो निश्चित ही यहां के काश्तकारों की आमदनी अच्छी होती। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव में करीब 45 परिवार थे। लेकिन धीरे-धीरे गांव से पलायन होने लगा। और अब गांव में 22 के करीब परिवार बसे है। जिनमें अधिकतर बुजुर्ग लोग शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सर्वे होने के बाद भी आज तक सड़क कटिंग का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। नेताओं और अधिकारियों के आश्वासन सुनते सुनते साल बीत रहे है। लेकिन ग्रामीणों की सड़क की समस्या हल नहीं हो पा रही है। ऐसे में अब ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।