यौन उत्पीड़न के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम आज एक बार फिर पुणे से जोधपुर लौट आए। फ्लाइट से आसाराम पुणे से जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां उनके साधक दर्शनों के लिए उमड़ते नजर आए। आसाराम एयरपोर्ट से सीधे पाल रोड स्थित अपने आश्रम के लिए रवाना हो गए। आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद से ही आसाराम उपचार के लिए अंतरिम जमानत पर सेंट्रल जेल से बाहर थे। ऐसे में आसाराम पिछले करीब पांच माह से उपचार के लिए राजस्थान के अलावा अलग-अलग राज्यों में जा रहे हैं। यहां स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर से उपचार के बाद जोधपुर लौट आए हैं।
30 जून तक राजस्थान हाईकोर्ट से उपचार के लिए अंतरिम जमानत पर सेंट्रल जेल से बाहर हैं। एक जुलाई को आसाराम की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई होगी। हो सकता है कि इस दौरान अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाने के लिए भी आवेदन किया जाए। पहले भी आसाराम ने 31 मार्च 2025 को अंतरिम जमानत का आगे बढ़ाने के लिए आवेदन किया था। इस पर अंतरिम जमानत को 30 जून तक बढ़ा दिया गया था। आसाराम जब एयरपोर्ट पहुंचे तो उनके साधकों को भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि आसाराम ने अपने साधकों से मिलने के लिए कोई रुचि नहीं दिखाई। आसाराम से मीडिया ने भी सवाल किए, लेकिन बस इतना ही कहा कि ठीक हूं यह तो चलता रहेगा।
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दो मामलों में सजा काट रहा आसाराम
बता दें कि आसाराम दो केसों में सजायाफ्ता है। पहला केस जोधपुर में नाबालिग से दुष्कर्म का है। जोधपुर पुलिस ने इंदौर के आश्रम से 2 सितंबर 2013 को आसाराम को गिरफ्तार किया था। पांच साल केस की सुनवाई चली और 25 अप्रैल 2018 को आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दूसरा केस गुजरात के गांधीनगर का है। यहां आसाराम ने गांधीनगर आश्रम में अपनी महिला अनुयायी से दुष्कर्म किया था। इस केस में आसाराम को 31 जनवरी 2023 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।