राजस्थान थर्ड ग्रेड टीचर लेवल-1 (2021) भर्ती में पूर्व सैनिकों के लिए लंबे समय से चली आ रही अड़चन आखिरकार दूर हो गई है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) को वापस ले लिया है। इस फैसले से लगभग 250 पूर्व सैनिकों की नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है, जो लंबे समय से बेरोजगारी की स्थिति का सामना कर रहे थे।
खुशी: कैबिनेट मंत्री राठौड़ का जताया आभार
ब्रिगेडियर वीरेंद्र सिंह राठौड़ ने जानकारी दी कि यह निर्णय सैनिक कल्याण विभाग, संघर्ष समिति और कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के लगातार प्रयासों से संभव हो पाया। उन्होंने बताया कि यह कदम न केवल पूर्व सैनिकों को रोजगार का अवसर देगा, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी सुरक्षित करेगा।
पूर्व सैनिकों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि इस फैसले से उन्हें समाज में शिक्षक के रूप में योगदान देने का अवसर मिलेगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था को भी लाभ होगा।
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बयान: यह कदम एक सकारात्मक संदेश है
पूर्व सैनिक समुदाय का मानना है कि सरकार का यह कदम एक सकारात्मक संदेश है कि जिन्होंने देश की सेवा की है, उन्हें नागरिक जीवन में भी सम्मान और स्थिरता मिले। यह निर्णय न केवल प्रभावित उम्मीदवारों के लिए राहत है, बल्कि आने वाले समय में अन्य सैनिकों को भी शिक्षा क्षेत्र में अवसर प्रदान करने की दिशा में अहम साबित होगा।
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