{"_id":"6aca0bc0dbdf02f27e0b9f7a","slug":"district-council-members-will-remain-in-confinement-for-two-months-alwar-news-c-1-1-noi1339-4817345-2026-10-10","type":"video","status":"publish","title_hn":"अलवर: ‘दो महीने तक बाड़ाबंदी में रहेंगे जिला परिषद सदस्य!’, टीकाराम जूली ने चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलवर: ‘दो महीने तक बाड़ाबंदी में रहेंगे जिला परिषद सदस्य!’, टीकाराम जूली ने चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: अलवर ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2026 04:03 PM IST
Link Copied
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, नामांकन और मतदान के बीच लंबे अंतराल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार की मंशा में बेईमानी झलक रही है। जूली ने कहा कि कांग्रेस इस बार चुनाव में पूरी ताकत से उतरेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी का विरोध करेगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “इस चुनाव में हम ईंट का जवाब पत्थर से देंगे। जो भी बेईमानी करेगा, गड़बड़ी करेगा, उसको लोग पेड़ों पर बांध देंगे।”
जूली ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है और जनता को कांग्रेस सरकार के समय किए गए काम याद आ रहे हैं। उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने राजस्थान के नागौर से पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत की थी। इसके बाद राजीव गांधी ने 73वें और 74वें संविधान संशोधनों के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों को मजबूत करने की दिशा में काम किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक मजबूत करती है।
‘दो साल तक चुनाव नहीं कराए, संविधान का मजाक उड़ाया’
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पंचायती राज चुनाव दो साल तक नहीं कराए गए। उनके अनुसार, कांग्रेस को चुनाव कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा और अदालत के निर्देशों के बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी। जूली ने कहा कि यह सरकार की पहल से नहीं, बल्कि न्यायालय के निर्देशों के बाद हो रहा है। उन्होंने इसे संविधान की भावना से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान का सम्मान किया जाना चाहिए।
जूली ने पिछली बार हुए नगरीय निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग, तानाशाही और गुंडागर्दी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बार चुनाव में पूरी सतर्कता बरतेगी और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखेगी।
पेंशन, पालनहार और किसानों की योजनाओं को लेकर भी घेरा
जूली ने पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से संचालित होने वाली योजनाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पेंशन, पालनहार योजना, गरीब विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति और किसानों को बीज व खाद जैसी सुविधाओं से जुड़े मामलों में जनता परेशान है। उनके मुताबिक, सरकार को इन योजनाओं का लाभ लोगों तक सुचारु रूप से पहुंचाने पर ध्यान देना चाहिए।
टिकट वितरण के लिए पर्यवेक्षक तैनात
कांग्रेस की चुनावी तैयारियों पर जूली ने बताया कि पार्टी ने टिकट वितरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए प्रदेश से लेकर जिला और विधानसभा स्तर तक पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश की कैंपेनिंग कमेटी की बैठक हुई, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पार्टी के प्रभारी रंधावा सहित वरिष्ठ नेता शामिल हुए। जूली के अनुसार, प्रदेश स्तर पर 20 नेताओं की सूची जारी की गई है, जिन्हें जरूरत के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि अलवर जिले में प्रत्येक पंचायत समिति और जिला परिषद वार्ड के लिए जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से भी पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। ये पर्यवेक्षक कार्यकर्ताओं से आवेदन ले रहे हैं और उनकी बात सुन रहे हैं। जूली ने कहा कि पार्टी की कोशिश है कि वास्तविक रूप से काम करने वाले और योग्य कार्यकर्ताओं को टिकट मिले तथा टिकट वितरण के दौरान विवाद की स्थिति न बने। वरिष्ठ नेता भंवर जितेंद्र सिंह ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पर्यवेक्षकों से बातचीत की है। गांवों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर उम्मीदवारों के नाम अंतिम किए जाएंगे।
आखिरी समय में ही सामने आएंगे उम्मीदवारों के नाम!
टिकटों की पहली और अंतिम सूची को लेकर जूली ने कहा कि स्थानीय चुनावों में उम्मीदवारों के नाम अंतिम समय तक तय होने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रमुख पार्टियां नामांकन और चुनाव चिह्न जमा कराने की अंतिम समय-सीमा के आसपास अपने उम्मीदवारों के नाम सामने ला सकती हैं। उनके अनुसार, स्थानीय स्तर पर चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ता पहले से ही क्षेत्र में सक्रिय हैं और उन्हें प्रचार के लिए समय मिल रहा है।
‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के दावे पर उठाया सवाल
जूली ने चुनाव कार्यक्रम और मतदान के बीच लंबे अंतराल को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पिछली बार नगरीय निकाय चुनावों में प्रचार के लिए पांच से छह दिन और बाड़ाबंदी के लिए 12 से 13 दिन का समय बताया गया था। अब भी इसी तरह की स्थिति दिखाई दे रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी जिला परिषद वार्ड के लिए 8 अक्टूबर को नामांकन भरा जाता है, तो संबंधित सदस्य को 26 नवंबर को उप जिला प्रमुख के चुनाव में मतदान के बाद ही राहत मिलेगी। जूली ने इसे करीब दो महीने की अवधि बताते हुए सवाल किया कि यह व्यवस्था सरकार के ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के दावे से कैसे मेल खाती है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस चुनाव में अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने पार्टी की तैयारियों, पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और टिकट वितरण की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए दावा किया कि कांग्रेस स्थानीय चुनावों में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।