नगर निगम चुनाव में अजमेर का वार्ड 61 इन दिनों हॉट सीट बना हुआ है। यहां भाजपा प्रत्याशी राकेशी मीणा और कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी मीणा के बीच सीधा मुकाबला है। खास बात यह है कि दोनों प्रत्याशियों के पति पुलिस विभाग में एएसआई हैं। ऐसे में चुनावी मुकाबला अब सिर्फ राजनीतिक नहीं रहा, बल्कि पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।
कांग्रेस का आरोप- एक को छुट्टी, दूसरे को निलंबन
कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी के पति को अवकाश दिया गया, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी मीणा के पति एएसआई हरफूल मीणा को छुट्टी नहीं दी गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने उन्हें निलंबित कर दिया। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी मीणा ने इसे राजनीतिक द्वेष और दोहरे मापदंड का मामला बताया है। उनका कहना है कि चुनाव में सभी प्रत्याशियों को समान अवसर मिलना चाहिए और प्रशासन की कार्रवाई भी निष्पक्ष होनी चाहिए।
गृह क्षेत्र में तैनाती को लेकर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी के पति की तैनाती उनके गृह क्षेत्र सिविल लाइन थाने में होने के बावजूद उनके खिलाफ वैसी कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस ने इसी आधार पर निर्वाचन आयोग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
पोस्टर-बैनर विवाद ने भी बढ़ाई चुनावी गर्मी
वार्ड 61 में पोस्टर और बैनर लगाने को लेकर हुआ विवाद भी चुनावी माहौल को गरमा चुका है। कांग्रेस का आरोप है कि बीते दिनों देर रात मीनाक्षी मीणा के पति की गाड़ी को घेरकर उनके साथ अभद्रता की गई। कांग्रेस का यह भी आरोप है कि कार्यकर्ताओं को प्रचार सामग्री लगाने से रोका गया। कांग्रेस ने इस घटना को चुनावी माहौल बिगाड़ने की कोशिश बताया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने खोला मोर्चा
मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल, महेंद्र चौधरी, धर्मेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व मंत्री नसीम अख्तर इंसाफ, महेंद्र सिंह रलावता और रामचंद्र चौधरी सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग से वार्ड 61 की परिस्थितियों का संज्ञान लेने, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने और लगाए गए आरोपों की जांच कराने की मांग की है।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई में किसी तरह का पक्षपात सामने आया तो कांग्रेस आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। फिलहाल वार्ड 61 में दोनों प्रत्याशियों के बीच चुनावी मुकाबले के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सियासत तेज हो गई है। अब सभी की नजर प्रशासन और पुलिस के आधिकारिक पक्ष तथा निर्वाचन आयोग की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है।