यूपी: प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक मंगलवार को, पीआरडी जवानों को मिल सकता है कैशलेस इलाज का तोहफा
Yogi cabinet meeting: यूपी कैबिनेट की अहम बैठक 15 सितंबर को होगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास हो सकते हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें डेढ़ दर्जन से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों का ड्यूटी भत्ता रोजाना 500 से 600 करने और कैशलेस इलाज की सुविधा देने संबंधी प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। इनकी संख्या 27 हजार से अधिक बताई जा रही है।
योगी सरकार 2019 से अब तक पीआरडी जवानों का चौथी बार मानदेय बढ़ाने जा रही है। इसके अलावा वाहनों की फिटनेस के लिए नई नीति, उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति और चित्रकूट एक्सप्रेस का संशोधित प्रस्ताव सहित अन्य शामिल है। भूतपूर्व सैनिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर करने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है। अंशदायी स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत पालीक्लीनिकों के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत या स्थानीय प्राधिकरणों की भूमि स्थानीय सैन्य प्राधिकरण सेंट्रल कमांड भारत सरकार को मुफ्त दिए जाने का प्रस्ताव है।
यह प्रस्ताव भी आ सकते हैं
बेसिक शिक्षा विभाग के 14 हजार स्कूलों में स्मार्ट क्लास के लिए आईसीटी लैब के लिए 300 करोड़ रुपये धनराशि देने संबंधी प्रस्ताव भी है। प्रत्येक स्कूल को दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे। अलीगढ़ में निजी क्षेत्र के सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय को आशय पत्र निर्गत करने, मथुरा में सरकारी चीनी मिल कंसेशन कम लीज पर एथेनॉल के उत्पादन संयंत्र की स्थापना और उत्तर प्रदेश चीनी निगम की तीन मिलों को पेराई सत्र के लिए 500 करोड़ की गारंटी दिए जाने के प्रस्ताव भी पास हो सकते हैं।
शोहरतगढ़ व हरदोई के सवायजपुर में बस अड्डा निर्माण के लिए राजस्व विभाग की जमीन परिवहन विभाग को मुफ्त देने का भी प्रस्ताव है। राशन के उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) को 25 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मार्जिन दिए जाने संबंधी प्रस्ताव भी पास हो सकता है। अयोध्या के मिल्कीपुर में एनएसजी का रीजनल हब विकसित किया जाना है। इसके लिए ग्रामसभा की 65 एकड़ बंजर भूमि गृह विभाग को देने का प्रस्ताव है। वित्त और मत्स्य विभाग से जुड़े प्रस्ताव भी हैं।
ये होते हैं पीआरडी जवान
पीआरडी (PRD) का पूरा नाम प्रांतीय रक्षक दल है। यह उत्तर प्रदेश और भारत के कुछ अन्य राज्यों में युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग के तहत कार्य करने वाला एक स्वयंसेवी बल हैं। ये जवान पुलिस बल के सहायक के रूप में कार्य करते हैं। इनका मुख्य काम कानून व्यवस्था बनाए रखना, यातायात (ट्रैफिक) नियंत्रण करना, मेलों/त्योहारों में भीड़ संभालना, सरकारी भवनों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में सहायता प्रदान करना होता है।