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विमुक्त कबीलों का कोटा बहाली आंदोलन, 22 नवंबर को रोष जमावड़ा
अखिल भारतीय समस्त बावरीया कबीला एवं बाजीगर कबीले ने विमुक्त जातियों का दो प्रतिशत आरक्षण कोटा बहाल करवाने के लिए संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है। इस संबंध में पंजाब प्रधान वाहेगुरु सिंह काबल वाला की अध्यक्षता में गुरु गोसाईं धर्मशाला में बैठक हुई। इसमें विभिन्न गांवों के कमेटी प्रधानों, जिला प्रधानों, उपप्रधानों, कोर कमेटी सदस्यों और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में कोटा बहाल करने और इससे वंचित रहने के कारण प्रभावित बच्चों को हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में नेताओं ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की सरकार ने 18 दिसंबर 2001 को विमुक्त जातियों के लिए दो प्रतिशत अलग कोटा निर्धारित किया था। उनके अनुसार, उस समय लागू शर्तों के कारण समुदाय को आरक्षण का सीमित लाभ मिल पाता था। वर्ष 2008, 2011 और 2015 में भी इसमें संशोधन किए गए। नेताओं ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने 18 दिसंबर 2020 को पत्र जारी कर कोटे में संशोधन किया, जिसके बाद विमुक्त जातियों के युवाओं को लाभ मिला और कई युवाओं को नौकरियां भी मिलीं।
2022 के बदलाव से नुकसान होने का आरोप
समुदाय के नेताओं ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने 15 सितंबर 2022 को विमुक्त जातियों के कोटे में फिर बदलाव कर दिया, जिससे गरीब परिवारों के बच्चों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार को कई बार मांगपत्र सौंपे गए और बैठकें भी की गईं, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बैठक में सरकार को मांगें पूरी करने के लिए एक महीने का समय देने की बात कही गई। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विमुक्त जातियों का दो प्रतिशत कोटा बहाल नहीं किया गया और प्रभावित बच्चों के नुकसान की भरपाई नहीं हुई, तो 22 नवंबर 2026 को फरीदकोट में बड़ा रोष जमावड़ा किया जाएगा। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी के राजनीतिक बहिष्कार का ऐलान भी किया जाएगा।
घर-घर लगाएंगे जागरूकता पोस्टर
इस मौके पर ‘विमुक्त कबीलों को कोटा नहीं, झाड़ू वालों को वोट नहीं’ नारे वाला पोस्टर भी जारी किया गया। नेताओं ने बताया कि पोस्टर को घर-घर लगाया जाएगा, ताकि समुदाय के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके और आरक्षण बहाली की मांग को लेकर एकजुट किया जा सके।
बैठक में बाजीगर समुदाय के पंजाब प्रधान गुरजंट सिंह, चेयरमैन भोला यमला, विमुक्त कबीला फेडरेशन रजिस्टर्ड पंजाब के महासचिव परमजीत सिंह बरगाड़ी, जिला प्रधान हरभजन सिंह बठिंडा, मोगा के जिला प्रधान नछत्तर सिंह और श्री मुक्तसर साहिब के जिला प्रधान सिंदर सिंह पटवारी सहित विभिन्न गांवों के कमेटी प्रधान और वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।
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