Hindi News
›
Video
›
Madhya Pradesh
›
Ujjain Massive Devotee Rush at Bhasma Aarti, Baba Mahakal Gives Divine Darshan in Silver Crown
{"_id":"6a83b33cd610150840095738","slug":"baba-mahakal-awakes-at-3-am-for-bhasma-aarti-blesses-devotees-from-formless-to-form-divine-ujjain-news-c-1-1-noi1228-4623390-2026-08-18","type":"video","status":"publish","title_hn":"Ujjain: भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा महाकाल ने चांदी के मुकुट में दिए दिव्य दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain: भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा महाकाल ने चांदी के मुकुट में दिए दिव्य दर्शन
श्रावण शुक्ल पक्ष की षष्ठी पर आज कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के भस्म आरती के दौरान दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि श्रावण शुक्ल पक्ष की षष्ठी पर आज मंगलवार को भक्तों को दर्शन देने के लिए बाबा महाकाल रात 3 बजे जागे। सर्वप्रथम भगवान वीरभद्र से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद गर्भगृह में विराजित प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन पुजारी और पुरोहितों द्वारा किया गया।
पंचामृत और फलों के रस से अभिषेक किया गया
पुजारी ने बताया कि बाबा महाकाल को जल से स्नान करवाने के बाद पंचामृत और फलों के रस से अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल के पूजन-अर्चन और श्रृंगार के बाद उन्हें नवीन चांदी का मुकुट अर्पित किया गया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा उन्हें भस्म अर्पित की गई। ढोल-नगाड़ों के उद्घोष के बीच बाबा महाकाल की भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन का लाभ लिया और उनके निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन भी किए।
चलित भस्म आरती में उमड़े हजारों श्रद्धालु
आज बाबा महाकाल की भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने चलित भस्म आरती के माध्यम से बाबा महाकाल के दर्शन का लाभ लिया। चलित भस्म आरती एक ऐसा माध्यम है, जिसके जरिए हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल की अलसुबह होने वाली भस्म आरती के दर्शन कर सके। इस दौरान श्रद्धालुओं का कहना था कि चलित भस्म आरती के माध्यम से वे बाबा महाकाल के दिव्य और अलौकिक दर्शन का लाभ ले सके। बाबा महाकाल की भस्म आरती देखने के लिए आज देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे थे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।