केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिशा की बैठक में अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने योजनाओं की स्थिति जानी तो नसीहत भी दी कि टाइगर अभी जिंदा है...। शिवराज ने अपने गृह जिले सीहोर की बेलगाम और दिशाहीन होती अफसरशाही को दिशा के माध्यम से ‘दिशा’ दिखाई साथ ही जमकर फटकार भी लगाई। अब उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
दरअसल, केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को सीहोर कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति दिशा की बैठक लेने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग के कार्यों और योजनाओं, खनिज विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, पीएम आवास योजना, बिजली विभाग, जल संसाधन विभाग, जिला शहरी विकास अभिकरण की समीक्षा सहित अन्य विभागों की समीक्षा भी की। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें योजनाओं की स्थिति से अवगत कराया, लेकिन बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं की जब वास्तविक स्थिति बताई तो शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को जमकर लताड़ा।
ऐसे खुली एनबीडीए अफसरों की पोल
केंद्रीय मंत्री चौहान ने एनबीडीए के अधिकारी से भैरूंदा और छीपानेर क्षेत्र में सिंचाई और नर्मदा जल उपलब्धता के बारे में जानकारी हासिल की तो अधिकारी ने बताया कि 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, यह सुनकर बैठक में मौजूद बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव ने कहा कि अधिकारी गलत बोल रहे हैं। क्षेत्र में केवल 30 प्रतिशत ही कार्य हो सका है। इस पर शिवराज सिंह ने खिन्नता जताते हुए अधिकारी को कार्यशैली में सुधार लाने की हिदायत दी। केंद्रीय मंत्री ने बिजली विभाग की समीक्षा में विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई तो वहीं खनिज विभाग की समीक्षा में भी वे अधिकारियों पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी से दिन-रात मशीनों से अवैध उत्खनन हो रहा है, लेकिन अधिकारियों को इसकी सुध ही नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को नसीहत दी है कि वे ईमानदारी से कार्य करें। योजनाएं आम लोगों के लिए हैं और आम लोगों तक इनका लाभ पहुंचा ही चाहिए।
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अधिकारी नहीं देते जनप्रतिनिधियों को तवज्जो
सीहोर जिले में इस समय अफसरशाही जनप्रतिनिधियों पर भारी है। शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री रहते सीहोर जिले में जनप्रतिनिधियों को खासी तवज्जो मिलती रही है, लेकिन जब से वे केंद्र में गए, तब से स्थितियां बदल गईं हैं। अधिकारी जनप्रतिनिधियों की नहीं सुनते, उनके काम भी नहीं होते हैं। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इसे लेकर सीहोर के जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर उन तक यह शिकायत पहुंचाई थी। ये शिकायतें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक भी लगातार पहुंच रही थीं। सांसद, विधायकों तक के कार्यों में अड़ंगा लगाया जा रहा है। उन्हें जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में अधिकारियों पर पड़ी कड़ी फटकार को इससे जोड़कर भी देखा जा रहा है।
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सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
बैठक में बुधनी विधानसभा के जनजातीय समुदाय के नागरिकों की भावना का सम्मान करते हुए उपस्थित सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, समस्त जनपद अध्यक्ष, नगरीय निकायों के अध्यक्ष तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा खिवनी अभ्यारण में निवासरत जनजातीय परिवारों का कब्जा नहीं हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके साथ ही एक देश एक चुनाव का प्रस्ताव भी पारित किया गया। बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने अनेक निर्माण एवं विकास कार्यों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि उच्च न्यायालय में प्रक्रियाधीन बांबे शुगर मिल की भूमि शासन को दिलाने की कार्रवाई में गति लाई जाए, जिससे उस भूमि पर औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हो सके और स्थानीय नागरिकों को रोजगार मिल सके। बैठक में कलेक्टर बालागुरू के, जिला पंचायत सीईओ डॉ नेहा जैन तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने जिले में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।